एम्स्टर्डम में बलूचिस्तान मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ प्रदर्शन, FBM ने UN से कार्रवाई की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट (FBM) ने 27 जून 2025 को नीदरलैंड्स की राजधानी एम्स्टर्डम के डैम स्क्वायर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना द्वारा कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और दशकों से जारी हिंसा के खिलाफ न्याय की माँग की गई। यह प्रदर्शन संयुक्त राष्ट्र के 'यातना पीड़ितों के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय दिवस' के अवसर पर आयोजित किया गया था।
प्रदर्शन का मुख्य घटनाक्रम
कार्यकर्ताओं ने डैम स्क्वायर पर एकत्र होकर बलूचिस्तान के लोगों के विरुद्ध कथित 'व्यवस्थित और लंबे समय से अनदेखे' अत्याचार को उजागर किया। प्रदर्शनकारियों ने बलूच छात्रों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के कथित अपहरणों की निंदा की — जो कथित तौर पर बिना किसी मुकदमे, आरोप या सूचना के लापता हो जाते हैं।
FBM सदस्य असद बलोच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदर्शन की तस्वीरें साझा करते हुए कहा, 'कई परिवार वर्षों से, और कुछ मामलों में दशकों से, अपने परिजनों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।'
कथित दमनकारी तंत्र पर आरोप
प्रदर्शनकारियों ने कथित टॉर्चर सेल, न्यायेतर हत्याओं और मनमानी हिरासतों को एक दीर्घकालिक पैटर्न का हिस्सा बताया, न कि अलग-थलग घटनाएँ। बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (BVJ) ने भी इस अवसर पर यातना पीड़ितों और जबरन गायब किए गए लोगों के परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
BVJ ने आरोप लगाया कि बलूचिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के कारण लोगों को गंभीर शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ रही है, जबकि उनके परिवार न्याय और सच्चाई से वंचित हैं। संगठन के अनुसार, यातना और बिना कानूनी प्रक्रिया के हिरासत मानवीय गरिमा के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करती है।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से अपील
FBM ने यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक मानवाधिकार संगठनों से इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ने, कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की अपील की। यह आंदोलन यूरोप में प्रवासी बलूच समुदायों द्वारा चलाए जा रहे बढ़ते अभियानों का हिस्सा है।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि बलूचिस्तान लंबे समय से कथित हिंसा, जबरन गुमशुदगी और न्यायेतर हत्याओं के आरोपों के केंद्र में रहा है। यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब यूरोप में बलूच प्रवासी समुदाय अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी आवाज़ उठाने के प्रयास तेज कर रहे हैं।
असद बलोच के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य बलूच मुद्दे को वैश्विक स्तर पर अधिक ध्यान दिलाना है — विशेष रूप से उन अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं तक, जो आलोचकों के अनुसार अब तक इस मामले में पर्याप्त सक्रिय नहीं रही हैं।