नाइजीरिया के बोर्नी राज्य में हैजा का कहर: दो महीनों में 198 मौतें, 35,500 से अधिक संदिग्ध मामले
सारांश
मुख्य बातें
नाइजीरिया के पूर्वोत्तर राज्य बोर्नी में हैजा का प्रकोप गंभीर रूप धारण कर चुका है। अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा मानवीय संगठन डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (मेडिसिन्स सैन्स फ्रंटियर्स — एमएसएफ) के अनुसार, 12 जुलाई 2026 तक राज्य में कम से कम 198 लोगों की मौत हो चुकी थी और 35,500 से अधिक संदिग्ध मामले दर्ज किए गए थे। स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी को इस महामारी के निरंतर फैलाव का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
एमएसएफ ने बुधवार को जारी एक बयान में बीमारी के बढ़ते प्रसार पर गहरी चिंता जताई। संगठन ने चेतावनी दी कि राहत प्रयासों के बावजूद यह प्रकोप स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं की क्षमता पर भारी पड़ सकता है। बोर्नी राज्य सरकार द्वारा जारी आँकड़ों का हवाला देते हुए संगठन ने बताया कि 12 जुलाई तक उसने सरकारी स्वास्थ्य अधिकारियों और मानवीय सहायता भागीदारों के साथ मिलकर 24,000 से अधिक संदिग्ध हैजा रोगियों का उपचार किया है।
प्रकोप के कारण
एमएसएफ ने प्रभावित समुदायों में स्वच्छ पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं की अपर्याप्त उपलब्धता को बीमारी के लगातार फैलने का प्रमुख कारण बताया है। गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में नाइजीरिया के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने भारी बारिश और बाढ़ से जुड़े हैजा के बढ़ते खतरे को देखते हुए 10 राज्यों को उच्च सतर्कता पर रखा था। दूषित भोजन या पानी से होने वाली यह दस्त की बीमारी नाइजीरिया में — विशेष रूप से बाढ़-प्रभावित और कमज़ोर जल-स्वच्छता अवसंरचना वाले राज्यों में — एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है।
सरकार की प्रतिक्रिया
बोर्नी राज्य सरकार के सचिव बुकर तिज्जानी ने बताया कि राज्य ने आपातकालीन उपाय लागू किए हैं। इनमें स्थानीय बाँधों और जलाशयों जैसे जल स्रोतों तक आम पहुँच को प्रतिबंधित करना और टैंकरों के माध्यम से सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति का विस्तार करना शामिल है, जबकि प्रकोप के मूल स्रोत की जाँच अभी जारी है। नाइजीरियाई सरकार ने अपनी आपदा प्रबंधन प्रणाली को सक्रिय कर दिया है और प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों को तैनात किया है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) और डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठन इस महामारी से निपटने में नाइजीरियाई अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम और मध्य अफ्रीका के कई देश हैजा के बढ़ते मामलों से जूझ रहे हैं, और वैश्विक स्तर पर मौखिक हैजा टीकों की आपूर्ति पहले से ही सीमित बनी हुई है।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक बोर्नी और आसपास के इलाकों में स्वच्छ जल आपूर्ति और स्वच्छता अवसंरचना में दीर्घकालिक सुधार नहीं होता, तब तक मानसून के मौसम में ऐसे प्रकोपों का खतरा बना रहेगा। एमएसएफ ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल और टिकाऊ सहायता की अपील की है।