4 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पाकिस्तान की मिसाइल क्षमताएँ: अमेरिका के लिए बढ़ता खतरा, तुलसी गबार्ड ने की सख्त नीति की मांग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पाकिस्तान की मिसाइल क्षमताएँ: अमेरिका के लिए बढ़ता खतरा, तुलसी गबार्ड ने की सख्त नीति की मांग

सारांश

अमेरिका की खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने पाकिस्तान की बढ़ती मिसाइल क्षमताओं पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इन क्षमताओं का विस्तार अमेरिका के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। अतिरिक्त प्रतिबंधों और सख्त नीतियों की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

मुख्य बातें

पाकिस्तान की बढ़ती बैलेस्टिक मिसाइल क्षमताएँ अमेरिका के लिए खतरा हैं।
तुलसी गबार्ड ने सख्त नीति की मांग की है।
आर्थिक संकट के बावजूद आतंकवादी नेटवर्क सक्रिय हैं।
पाकिस्तान की मिसाइलें अब महाद्वीपीय अमेरिका तक पहुँच सकती हैं।
अमेरिका ने कुछ संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं।

वॉशिंगटन, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने पाकिस्तान की बढ़ती मिसाइल क्षमता को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इस्लामाबाद बैलेस्टिक मिसाइलों की मारक क्षमता को बढ़ा रहा है, उससे यह संभावना बढ़ रही है कि ये मिसाइलें बहुत जल्द अमेरिका तक पहुंच सकती हैं। पाकिस्तान का यह मार्ग, जो लगातार प्रतिबंधों, अंतरराष्ट्रीय अलगाव और परमाणु हथियारों के विस्तार से प्रभावित है, अब उत्तर कोरिया जैसा दिखाई दे रहा है। इससे अमेरिका के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है।

तुलसी गबार्ड ने यह भी कहा कि पाकिस्तान में आर्थिक संकट के बीच आतंकवादी नेटवर्क का विस्तार हो रहा है, ऐसे में अमेरिका को और अधिक सख्त रुख अपनाने की आवश्यकता है।

उन्होंने 2026 के खतरे के आकलन पर सीनेटरों के समक्ष रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि पाकिस्तान की नई और उन्नत बैलेस्टिक मिसाइलें अब परमाणु या पारंपरिक युद्धक हथियारों से लैस हैं, जिनकी मारक क्षमता संभवतः महाद्वीपीय अमेरिका तक बढ़ रही है। यह पिछले आकलनों का एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जिसमें पाकिस्तानी मिसाइलों को केवल दक्षिण एशिया तक सीमित माना गया था।

पाकिस्तान केवल परमाणु हथियारों की संख्या ही नहीं बढ़ा रहा, बल्कि उनकी तकनीक भी अधिक आधुनिक बना रहा है। इसमें अबाबील जैसी मिसाइलों पर एक साथ कई लक्ष्य भेदने की क्षमता विकसित करने का जिक्र है। भारत के साथ प्रतिस्पर्धा और चीन से मिली तकनीकी सहायता के कारण पाकिस्तान की सैन्य क्षमता अब केवल रक्षा जरूरतों तक सीमित नहीं रह गई है।

इस स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए अमेरिका ने कुछ प्रतिबंध भी लागू किए हैं। दिसंबर में, अमेरिकी ट्रेजरी ने पाकिस्तान की चार संस्थाओं पर कार्रवाई की थी, जिनमें नेशनल डेवलपमेंट कॉम्प्लेक्स भी शामिल था, जिन पर मिसाइलों से जुड़े उपकरण प्राप्त करने का आरोप था। इसके बाद अप्रैल 2025 में 19 और कंपनियों पर भी परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े कार्यों के लिए प्रतिबंध लगाए गए। इनमें कई कंपनियों के चीन से जुड़े सप्लाई नेटवर्क का भी उल्लेख किया गया था।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठन अब भी सक्रिय हैं, जिससे परमाणु सुरक्षा को लेकर चिंताएँ और बढ़ जाती हैं। रिपोर्ट ने ओसामा बिन लादेन का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस देश में वह एबटाबाद में छिपा मिला था, उस देश पर परमाणु हथियारों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह भरोसा करना कठिन है।

तुलसी गबार्ड के अनुसार, अमेरिका को पाकिस्तान के मामले में अधिक सख्त नीति अपनाने की आवश्यकता है, क्योंकि आर्थिक संकट, मिसाइल कार्यक्रम और आतंकवादी ढांचे का यह संयोजन आगे चलकर एक बड़ा खतरा बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्थिति अमेरिका और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य क्षमताएँ और आतंकवादी संगठनों की सक्रियता, अमेरिका को एक सख्त नीति अपनाने के लिए मजबूर कर रही है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुलसी गबार्ड ने पाकिस्तान की मिसाइल क्षमताओं पर क्या कहा?
तुलसी गबार्ड ने कहा कि पाकिस्तान की बढ़ती बैलेस्टिक मिसाइल क्षमताएँ अमेरिका के लिए खतरा बन सकती हैं।
क्या अमेरिका ने पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाए हैं?
हाँ, अमेरिका ने पाकिस्तान की कुछ संस्थाओं पर मिसाइलों से जुड़े उपकरणों के लिए प्रतिबंध लगाए हैं।
पाकिस्तान की मिसाइलें किस प्रकार की हैं?
पाकिस्तान की नई बैलेस्टिक मिसाइलें परमाणु और पारंपरिक हथियारों से लैस हैं।
पाकिस्तान में आतंकवादी संगठन कौन से सक्रिय हैं?
पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं।
पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम का क्या भविष्य है?
पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम का विस्तार जारी है, जो अमेरिका के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले