दक्षिण वजीरिस्तान में पुलिस कांस्टेबल की घात लगाकर हत्या, खैबर पख्तूनख्वा में हमले थमने का नाम नहीं
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अपर दक्षिण वजीरिस्तान जिले में 23 जुलाई को अज्ञात हमलावरों ने सरवेकाई थाने में तैनात पुलिस कांस्टेबल मोले खान की गोली मारकर हत्या कर दी। कांस्टेबल ड्यूटी पर जाते समय सराय इलाके में एक नाले के पास से गुजर रहे थे, तभी घात लगाए हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की। चिकित्सा सहायता पहुँचने से पहले ही उन्होंने मौके पर दम तोड़ दिया।
घटनाक्रम और जाँच
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की टीमें घटनास्थल पर पहुँचीं और साक्ष्य एकत्र किए। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सरवेकाई और आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की कई पहलुओं से जाँच जारी है, हालाँकि अब तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
बढ़ते हमलों का व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय हुई है जब पाकिस्तान में, विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे सीमावर्ती प्रांतों में, पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र दशकों से सशस्त्र समूहों की सक्रियता का केंद्र रहा है।
15 जुलाई के हमले: बन्नू और लोअर दीर
15 जुलाई को खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू और लोअर दीर जिलों में सशस्त्र हमलावरों ने एक के बाद एक कई हमले किए थे। इन हमलों में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि 22 पुलिसकर्मियों समेत कुल 26 लोग घायल हुए थे।
बन्नू जिले में हमलावरों ने मिरयाब पुलिस स्टेशन पर विस्फोटकों से लदे वाहन से हमला किया। रिपोर्टों के अनुसार विस्फोट के बाद कई घंटों तक पुलिस और हमलावरों के बीच भीषण गोलीबारी हुई। जिला पुलिस अधिकारी कैप्टन (सेवानिवृत्त) मोहम्मद फुरकान बिलाल ने बताया था कि हमलावर विस्फोटकों से भरे वाहन को पुलिस स्टेशन के भीतर घुसाने की कोशिश में थे, लेकिन उससे पहले ही विस्फोट हो गया और मुठभेड़ शुरू हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, हमले से पहले आतंकियों ने पुलिस स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क पर पहले से क्षतिग्रस्त एक पुल को भी उड़ा दिया था, ताकि अतिरिक्त पुलिस बल और राहत दल समय पर मौके पर न पहुँच सकें। प्रतिबंधित संगठन इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया था कि पुलिस स्टेशन पर करीब ढाई टन विस्फोटकों से भरा वाहन भेजा गया था।
लोअर दीर में मुठभेड़
15 जुलाई को ही लोअर दीर के हैदराय टॉप इलाके में सुरक्षा एजेंसियों ने खुफिया सूचना के आधार पर तलाशी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान हमलावरों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और कई घंटों तक मुठभेड़ जारी रही। इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी मारे गए और 16 अन्य घायल हो गए। देर रात तक चली इस कार्रवाई के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि अपर दक्षिण वजीरिस्तान में इस ताज़ा हमले से स्पष्ट है कि सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा बलों पर दबाव बना हुआ है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किए जाएंगे और खुफिया नेटवर्क को और मज़बूत किया जाएगा।