पाकिस्तानी हमलों में कुनार के स्कूल-मस्जिद तबाह, 3 की मौत और 14 घायल: तालिबान

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पाकिस्तानी हमलों में कुनार के स्कूल-मस्जिद तबाह, 3 की मौत और 14 घायल: तालिबान

सारांश

पाकिस्तानी सेना के हमलों में कुनार के स्कूल, मस्जिद और क्लिनिक तबाह — यह सिर्फ सीमा विवाद नहीं, नागरिक ढाँचे पर सीधा प्रहार है। तालिबान के अनुसार प्रांत में अब तक 12 स्कूल नष्ट हो चुके हैं। अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी दूत को तलब कर गंभीर परिणामों की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

कुनार प्रांत में पाकिस्तानी सेना के हमलों में 3 लोगों की मौत और 14 घायल , जानकारी 4 मई 2026 को दी गई।
डांगम जिले में 2 स्कूल , 1 क्लिनिक , 2 मस्जिदें और 80 मवेशी हमलों में नष्ट।
तालिबान गवर्नर मोहम्मद ओमर सादिक के अनुसार कुनार में अब तक 12 स्कूल तबाह किए जा चुके हैं।
पिछले सप्ताह असदाबाद और सरकानो में हुए हमलों में 7 की मौत और 75 घायल , सैयद जमालुद्दीन अफगान विश्वविद्यालय भी निशाने पर।
28 अप्रैल को अफगान विदेश मंत्रालय ने काबुल स्थित पाकिस्तानी दूतावास के प्रभारी को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया।

अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में पाकिस्तानी सेना के हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। तालिबान प्रशासन ने 4 मई 2026 को यह जानकारी देते हुए बताया कि इन हमलों में नागरिक ढाँचे को भारी नुकसान पहुँचा है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव पिछले कई महीनों से लगातार बढ़ रहा है।

हमलों में क्या-क्या नष्ट हुआ

डांगम जिले के तालिबान गवर्नर मोहम्मद ओमर सादिक के अनुसार, इन हमलों में दो स्कूल, एक क्लिनिक और दो मस्जिदें नष्ट हो गईं। उन्होंने यह भी बताया कि हमलों में 80 मवेशियों की भी मौत हुई। गवर्नर सादिक के अनुसार, कुनार प्रांत में अब तक कुल 12 स्कूल पाकिस्तानी हमलों में तबाह किए जा चुके हैं। हमले के सटीक समय का अभी तक खुलासा नहीं किया गया है।

तालिबान का आरोप: नागरिक ठिकानों पर जानबूझकर हमला

गवर्नर मोहम्मद ओमर सादिक ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना अब सीधे सैन्य टकराव में सक्षम नहीं रही है, इसीलिए वह जानबूझकर नागरिक ठिकानों को निशाना बना रही है। यह आरोप उल्लेखनीय है क्योंकि पिछले सप्ताह भी कुनार प्रांत के असदाबाद और सरकानो जिले में हुए हमलों में सात लोगों की मौत हुई थी और 75 लोग घायल हुए थे। खामा प्रेस के अनुसार, उन हमलों में सैयद जमालुद्दीन अफगान विश्वविद्यालय को भी निशाना बनाया गया, जिसमें कई छात्र और कर्मचारी घायल हुए।

अफगानिस्तान की कूटनीतिक प्रतिक्रिया

इन हमलों के विरोध में 28 अप्रैल को अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल स्थित पाकिस्तानी दूतावास के प्रभारी को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। मंत्रालय ने इन हमलों को अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताते हुए कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों के खिलाफ और उकसावे वाली है।

ड्यूरंड रेखा पर बढ़ता तनाव

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर ड्यूरंड रेखा के पास सार्वजनिक ढाँचे और कुनार के केंद्र में स्थित विश्वविद्यालय को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सीमा पर अस्थिरता फैलाने के आरोप लगाए हैं। तालिबान प्रशासन ने पाकिस्तान से ऐसी गतिविधियों से बाज आने की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि वह अपने देश और नागरिकों की रक्षा का अधिकार सुरक्षित रखता है और इन "गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाइयों" के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

आगे क्या होगा

लगातार बढ़ते हमलों और कूटनीतिक तनाव के बीच अफगानिस्तान-पाकिस्तान संबंध अपने एक नए निम्नतम स्तर पर पहुँचते दिख रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की नज़र इस बात पर होगी कि क्या पाकिस्तान इन आरोपों का जवाब देता है और क्या किसी तटस्थ मंच पर दोनों देशों के बीच संवाद की कोई संभावना बनती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मस्जिदों और विश्वविद्यालय — को निशाना बनाने के आरोप इस संघर्ष को एक खतरनाक मोड़ पर ले जाते हैं। यह ऐसे समय में है जब पाकिस्तान खुद आंतरिक अस्थिरता से जूझ रहा है और अफगानिस्तान में तालिबान शासन के साथ उसके संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करती है कि ड्यूरंड रेखा विवाद दशकों पुराना है और तालिबान ने कभी इसे मान्यता नहीं दी — यही इस संघर्ष की जड़ है। बिना किसी तटस्थ अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के, यह तनाव और गहरा होने का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुनार प्रांत में पाकिस्तानी हमलों में क्या हुआ?
4 मई 2026 को तालिबान प्रशासन ने बताया कि पाकिस्तानी सेना के हमलों में कुनार प्रांत के डांगम जिले में 3 लोगों की मौत हुई और 14 घायल हुए। इन हमलों में 2 स्कूल, 1 क्लिनिक और 2 मस्जिदें भी नष्ट हो गईं।
तालिबान ने पाकिस्तान पर क्या आरोप लगाए हैं?
डांगम के तालिबान जिला गवर्नर मोहम्मद ओमर सादिक ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना जानबूझकर नागरिक ठिकानों को निशाना बना रही है क्योंकि वह सीधे सैन्य टकराव में सक्षम नहीं रही। उनके अनुसार कुनार में अब तक 12 स्कूल तबाह किए जा चुके हैं।
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ क्या कूटनीतिक कदम उठाए?
28 अप्रैल 2026 को अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल स्थित पाकिस्तानी दूतावास के प्रभारी को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। मंत्रालय ने इन हमलों को संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताते हुए कड़ी निंदा की।
पिछले सप्ताह कुनार में हुए हमलों में कितना नुकसान हुआ था?
खामा प्रेस के अनुसार, पिछले सप्ताह असदाबाद और सरकानो जिले में हुए हमलों में 7 लोगों की मौत हुई और 75 घायल हुए। इन हमलों में सैयद जमालुद्दीन अफगान विश्वविद्यालय को भी निशाना बनाया गया, जिसमें छात्र और कर्मचारी घायल हुए।
अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच तनाव की मुख्य वजह क्या है?
दोनों देशों के बीच तनाव की जड़ में ड्यूरंड रेखा विवाद है, जिसे तालिबान ने कभी मान्यता नहीं दी। इसके अलावा दोनों देश एक-दूसरे पर सीमा पर अस्थिरता फैलाने के आरोप लगाते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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