8 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शहबाज शरीफ ने US-ईरान डील पर जिनेवा समारोह वाली पोस्ट लिखी, फिर चुपचाप हटाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शहबाज शरीफ ने US-ईरान डील पर जिनेवा समारोह वाली पोस्ट लिखी, फिर चुपचाप हटाई

सारांश

US-ईरान डील की खबर मिलते ही पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ ने जिनेवा में 19 जून को हस्ताक्षर समारोह का ऐलान कर दिया — संसद में भी। लेकिन ईरान ने कहा: कोई भौतिक समारोह नहीं। शरीफ की पोस्ट चुपचाप संपादित हो गई। मध्यस्थता का श्रेय लेने की जल्दबाज़ी ने इस्लामाबाद को असहज स्थिति में डाल दिया।

मुख्य बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने फ्रांस के वर्साय में एक ऐतिहासिक MoU पर हस्ताक्षर किए — ट्रंप ने भौतिक रूप से, पेजेश्कियन ने डिजिटल।
पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ ने पोस्ट में 19 जून को जिनेवा में भौतिक हस्ताक्षर समारोह का दावा किया, जो बाद में पोस्ट से हटा दिया गया।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने स्पष्ट किया कि दस्तावेज़ पर डिजिटल हस्ताक्षर हो चुके हैं, जिनेवा में कोई औपचारिक समारोह नहीं होगा।
शरीफ ने पाकिस्तान की संसद में भी जिनेवा समारोह की घोषणा की थी।
पाकिस्तान के साथ कतर, मिस्र और तुर्की भी इस मध्यस्थता प्रक्रिया में शामिल थे; इस्लामाबाद वार्ता में समझौता नहीं हो पाया था।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 18 जून 2025 को अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने दावा किया कि 19 जून को जिनेवा, स्विट्जरलैंड में एक औपचारिक हस्ताक्षर समारोह होगा — लेकिन कुछ ही घंटों बाद वह पोस्ट संपादित कर दी गई और उसमें से जिनेवा समारोह का उल्लेख हटा दिया गया। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब फ्रांस के वर्साय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने — ट्रंप ने भौतिक रूप से और पेजेश्कियन ने डिजिटल हस्ताक्षर के ज़रिए — एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर दस्तखत किए।

क्या लिखा था शरीफ ने और क्या हटाया

समझौते की खबर मिलते ही शरीफ ने एक विस्तृत पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने लिखा कि अमेरिका और ईरान के राष्ट्रपतियों ने एक 'ऐतिहासिक एमओयू' पर हस्ताक्षर किए हैं और शुक्रवार, 19 जून को जिनेवा में एक हस्ताक्षर समारोह आयोजित होने वाला है। यहाँ तक कि पाकिस्तान की संसद में भी उन्होंने इस समारोह की घोषणा की थी। कुछ समय बाद उसी पोस्ट को अपडेट किया गया और 19 जून की तारीख तथा भौतिक हस्ताक्षर समारोह का पूरा उल्लेख हटा दिया गया।

ईरान ने क्या स्पष्ट किया

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने स्पष्ट किया कि दस्तावेज़ पर पहले ही डिजिटल रूप से हस्ताक्षर हो चुके हैं, इसलिए जिनेवा में कोई औपचारिक भौतिक समारोह नहीं होगा। हालाँकि, उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों की वार्ता टीमें आगे की बातचीत के लिए शुक्रवार को जिनेवा में ज़रूर मिलेंगी।

पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका और उसकी सीमाएँ

इस शांति वार्ता में पाकिस्तान ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस्लामाबाद वार्ता के ज़रिए दोनों पक्षों को करीब लाने की कोशिश की गई, हालाँकि इसमें कतर, मिस्र और तुर्की भी शामिल थे। इस्लामाबाद वार्ता में बात नहीं बन पाई, लेकिन 14 जून से पहले ही संकेत मिलने लगे थे कि दोनों देश समझौते के करीब हैं। 14 जून को शरीफ ने पहले डील की जानकारी साझा की, जिसके बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर इसकी घोषणा की।

आगे क्या

पोस्ट में हुई इस 'भूल सुधार' ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पाकिस्तान को इस डील की आंतरिक जानकारी किस हद तक थी। विश्लेषकों के अनुसार, मध्यस्थता का श्रेय लेने की जल्दबाज़ी में इस्लामाबाद ने ऐसे तथ्य साझा किए जो बाद में ईरान की आधिकारिक स्थिति से मेल नहीं खाए। दोनों देशों की वार्ता टीमों की जिनेवा बैठक के बाद आगे की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि असल वार्ता की धुरी कहीं और थी। इस्लामाबाद वार्ता विफल रही, कतर और तुर्की की भूमिका भी रही, फिर भी शरीफ ने संसद तक में ऐसे तथ्य पेश किए जो ईरान की आधिकारिक स्थिति से मेल नहीं खाते। यह पैटर्न नया नहीं है — पाकिस्तान की विदेश नीति में घरेलू दर्शकों के लिए कूटनीतिक उपलब्धियाँ बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की प्रवृत्ति रही है। सवाल यह है कि जब तथ्य खुद ही पोस्ट से गायब होने लगें, तो विश्वसनीयता की कीमत कौन चुकाता है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहबाज शरीफ ने अपनी पोस्ट में क्या दावा किया था और क्यों हटाया?
शरीफ ने दावा किया था कि 19 जून को जिनेवा में US-ईरान समझौते पर एक औपचारिक भौतिक हस्ताक्षर समारोह होगा। लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दस्तावेज़ पर डिजिटल हस्ताक्षर हो चुके हैं और कोई भौतिक समारोह नहीं होगा, जिसके बाद शरीफ की पोस्ट से यह उल्लेख हटा दिया गया।
US-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर कहाँ और कैसे हुए?
फ्रांस के वर्साय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भौतिक रूप से और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने डिजिटल (ई-साइन) के ज़रिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर दस्तखत किए। ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, जिनेवा में दोनों देशों की वार्ता टीमें आगे की बातचीत के लिए मिलेंगी, लेकिन कोई औपचारिक हस्ताक्षर समारोह नहीं होगा।
इस शांति वार्ता में पाकिस्तान की क्या भूमिका रही?
पाकिस्तान ने इस्लामाबाद वार्ता के ज़रिए अमेरिका और ईरान को करीब लाने की कोशिश की, हालाँकि वहाँ समझौता नहीं हो पाया। कतर, मिस्र और तुर्की भी इस मध्यस्थता प्रक्रिया में शामिल थे। 14 जून को शरीफ ने डील की जानकारी साझा की, जिसके बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर इसकी घोषणा की।
क्या जिनेवा में कोई बैठक होगी?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई के अनुसार, जिनेवा में कोई औपचारिक भौतिक हस्ताक्षर समारोह नहीं होगा। हालाँकि, दोनों पक्षों की वार्ता टीमें शुक्रवार को जिनेवा में आगे की बातचीत के लिए मिलने वाली हैं।
शरीफ ने संसद में क्या कहा था?
पाकिस्तान की संसद में भी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार, 19 जून को जिनेवा में हस्ताक्षर समारोह आयोजित होने की घोषणा की थी। बाद में उनकी सोशल मीडिया पोस्ट से यह उल्लेख हटा दिया गया, जो ईरान की आधिकारिक स्थिति से मेल नहीं खाता था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले