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पासपोर्ट सेवा दिवस 2025: 1.39 करोड़ पासपोर्ट जारी, 545 केंद्र और सिर्फ 6 दिन में मिल रहा पासपोर्ट

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पासपोर्ट सेवा दिवस 2025: 1.39 करोड़ पासपोर्ट जारी, 545 केंद्र और सिर्फ 6 दिन में मिल रहा पासपोर्ट

सारांश

एक दशक में पासपोर्ट केंद्रों की संख्या 77 से 545 हो गई, प्रक्रिया 6 कार्य दिवसों में सिमट आई और 2025 में 1.39 करोड़ पासपोर्ट जारी हुए। पासपोर्ट सेवा दिवस पर ये आँकड़े भारत के डिजिटल प्रशासन की असली तस्वीर पेश करते हैं।

मुख्य बातें

वर्ष 2025 में करीब 1.5 करोड़ पासपोर्ट सेवाएँ प्रदान की गईं, जिनमें 1.39 करोड़ पासपोर्ट जारी हुए।
पुलिस सत्यापन को छोड़कर औसतन 6 कार्य दिवसों में पासपोर्ट जारी; केंद्रों पर काम 45 मिनट से कम में पूरा।
पासपोर्ट केंद्रों की संख्या करीब एक दशक में 77 से बढ़कर 545 हुई; इस वर्ष 10 और केंद्र खुलेंगे।
27 देश वीज़ा-फ्री, 47 देश वीज़ा-ऑन-अराइवल और 66 देश ई-वीज़ा की सुविधा भारतीय नागरिकों को देते हैं।
जयशंकर ने एक्स पर ई-पासपोर्ट और पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम 2.0 को डिजिटल शासन का प्रमाण बताया।

पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर 24 जून 2025 को विदेश मंत्रालय ने भारत की पासपोर्ट प्रणाली में हुए व्यापक सुधारों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में देशभर में करीब 1.5 करोड़ पासपोर्ट और संबंधित सेवाएँ प्रदान की गईं, जिनमें 1.39 करोड़ पासपोर्ट जारी किए गए। यह आँकड़ा भारत में विदेश यात्रा की बढ़ती माँग और डिजिटल प्रशासन की सफलता दोनों को रेखांकित करता है।

प्रक्रिया में कितना बदला

विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि अब पासपोर्ट प्राप्त करने में पहले की तुलना में काफी कम समय लगता है। पुलिस सत्यापन को छोड़कर, औसतन 6 कार्य दिवसों में पासपोर्ट जारी हो जाता है। पासपोर्ट सेवा केंद्रों (PSK) और पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों (POPSK) में एक आवेदक का काम अब औसतन 45 मिनट से भी कम समय में पूरा हो जाता है।

गौरतलब है कि यह बदलाव महज प्रक्रियागत नहीं, बल्कि बुनियादी ढाँचे के स्तर पर भी हुआ है। करीब एक दशक पहले देश में पासपोर्ट केंद्रों की संख्या मात्र 77 थी, जो आज बढ़कर 545 हो गई है। पिछले वर्ष 10 नए केंद्र खोले गए और इस वर्ष भी 10 और केंद्र खोले जाने की योजना है।

भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक पहुँच

विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। वर्तमान में 27 देश भारतीय नागरिकों को बिना वीज़ा प्रवेश देते हैं, 47 देश वीज़ा-ऑन-अराइवल की सुविधा प्रदान करते हैं और 66 देश ई-वीज़ा की व्यवस्था देते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत ने विशेष रूप से यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय समझौते किए हैं, जिनसे छात्रों, शोधकर्ताओं, पर्यटकों और व्यापारियों को यात्रा में सहूलियत मिली है। इन्हीं समझौतों के तहत अवैध प्रवास पर नियंत्रण के लिए भी औपचारिक व्यवस्थाएँ बनाई गई हैं।

विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक ओपन लेटर के माध्यम से देशवासियों और पासपोर्ट अधिकारियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने 545 पासपोर्ट केंद्रों की उपलब्धि और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन' के सिद्धांत का उल्लेख किया। जयशंकर ने लिखा, 'ई-पासपोर्ट और पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम 2.0 जैसी पहल भारत की आधुनिक, डिजिटल और सशक्त प्रशासनिक व्यवस्था का सशक्त प्रमाण हैं। नागरिकों को सरल एवं गुणवत्तापूर्ण पासपोर्ट सेवाएं प्रदान करने का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।'

आगे क्या

ई-पासपोर्ट और पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम 2.0 जैसी पहलों के साथ सरकार का लक्ष्य पासपोर्ट प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल और नागरिक-केंद्रित बनाना है। इस वर्ष 10 नए पासपोर्ट केंद्रों के खुलने से दूरदराज़ के नागरिकों तक सेवा की पहुँच और व्यापक होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा पुलिस सत्यापन के उस चरण में है जो अभी भी सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है और जिसे इन आँकड़ों से सुविधाजनक रूप से अलग रखा गया है। वीज़ा-फ्री देशों की संख्या में बढ़ोतरी स्वागत योग्य है, पर भारतीय पासपोर्ट अभी भी वैश्विक रैंकिंग में मध्य-स्तर पर है। डिजिटल बुनियादी ढाँचे का विस्तार तभी सार्थक होगा जब ग्रामीण और अर्ध-शहरी आवेदकों तक पहुँच वास्तव में सुनिश्चित हो — केवल केंद्रों की संख्या से नहीं, बल्कि उनकी उपयोगिता और पहुँच से।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पासपोर्ट सेवा दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
पासपोर्ट सेवा दिवस हर वर्ष 24 जून को मनाया जाता है। इस दिन विदेश मंत्रालय पासपोर्ट सेवाओं में हुए सुधारों का जायज़ा लेता है और नागरिकों व पासपोर्ट अधिकारियों के योगदान को सम्मानित करता है।
2025 में भारत में कितने पासपोर्ट जारी हुए?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 में करीब 1.5 करोड़ पासपोर्ट और संबंधित सेवाएँ दी गईं, जिनमें 1.39 करोड़ पासपोर्ट जारी किए गए।
अभी पासपोर्ट बनने में कितना समय लगता है?
पुलिस सत्यापन को छोड़कर औसतन 6 कार्य दिवसों में पासपोर्ट जारी हो जाता है। पासपोर्ट सेवा केंद्रों और पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर आवेदक का काम 45 मिनट से कम समय में पूरा हो जाता है।
भारतीय पासपोर्ट पर कितने देशों में वीज़ा-फ्री यात्रा संभव है?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 27 देश भारतीय नागरिकों को बिना वीज़ा प्रवेश देते हैं, 47 देश वीज़ा-ऑन-अराइवल और 66 देश ई-वीज़ा की सुविधा प्रदान करते हैं।
ई-पासपोर्ट और पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम 2.0 क्या है?
ई-पासपोर्ट एक डिजिटल चिप-युक्त पासपोर्ट है जो सुरक्षा और सत्यापन को उन्नत बनाता है। पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम 2.0 पासपोर्ट प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल, तेज़ और नागरिक-केंद्रित बनाने की सरकारी पहल है, जिसका उल्लेख विदेश मंत्री जयशंकर ने पासपोर्ट सेवा दिवस पर किया।
राष्ट्र प्रेस
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