5 नवंबर 2026
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पीओके के रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी-ड्रोन हमले का आरोप, 7 मौतें; यूकेपीएनपी ने UN से जांच माँगी

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पीओके के रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी-ड्रोन हमले का आरोप, 7 मौतें; यूकेपीएनपी ने UN से जांच माँगी

सारांश

पीओके के रावलाकोट में शांतिपूर्ण धरनों पर कथित ड्रोन हमले और गोलीबारी ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचा है। यूकेपीएनपी के आरोप गंभीर हैं — बच्चों समेत 7 मौतें, 18 घायल। UN विशेषज्ञ पहले ही जेएएसी पर आतंकवादी टैग को लेकर पाकिस्तान से सवाल उठा चुके थे।

मुख्य बातें

5 नवंबर 2026 को पीओके के रावलाकोट में कथित तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और ड्रोन हमले किए गए।
बच्चों समेत कम से कम 7 लोगों की मौत और 18 अन्य गंभीर रूप से घायल — ये आँकड़े यूकेपीएनपी के अनुसार हैं।
मृतकों में आतिफ जरदिस (35) , एहतेशाम यूनिस (30) और आदिल राशिद (32) शामिल; चार बच्चों की मौत की भी आशंका।
मटियालमेरा बस टर्मिनल के निकट शकील खान का घर कथित ड्रोन हमले के बाद आग से नष्ट।
UN के 6 विशेष विशेषज्ञों ने हाल ही में जेएएसी को आतंकवादी घोषित किए जाने और पीओके में मानवाधिकार उल्लंघनों पर पाकिस्तान से सवाल उठाए थे।
यूकेपीएनपी ने UN , EU और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से घटना की स्वतंत्र जांच और तत्काल हस्तक्षेप की माँग की।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के रावलाकोट में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को कथित तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी और ड्रोन हमले किए, जिसमें बच्चों समेत कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। यह आरोप यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने लगाए हैं, जिसने घटना की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच की माँग की है।

मुख्य घटनाक्रम

यूकेपीएनपी के अनुसार, गुरुवार तड़के पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने मटियालमेरा बस टर्मिनल, उमर फारूक चौक और रावलाकोट के अन्य इलाकों में चल रहे शांतिपूर्ण धरनों को निशाना बनाया। संगठन का आरोप है कि इस कार्रवाई में भारी मशीनगनों, बख्तरबंद वाहनों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

संगठन ने मृतकों में 35 वर्षीय आतिफ जरदिस, 30 वर्षीय एहतेशाम यूनिस और 32 वर्षीय आदिल राशिद की पहचान की है। यूकेपीएनपी ने यह भी चिंता जताई है कि एक कथित ड्रोन हमले में चार बच्चों की भी जान जा सकती है, हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।

संगठन के अनुसार, मटियालमेरा बस टर्मिनल के निकट शकील खान का घर कथित ड्रोन हमले के बाद लगी आग में नष्ट हो गया। यूकेपीएनपी ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।

संगठन की प्रतिक्रिया और माँगें

यूकेपीएनपी ने रावलाकोट में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाए जाने, अंधाधुंध गोलीबारी और अत्यधिक बल प्रयोग की कड़ी निंदा की है। संगठन ने कहा, 'पीओके के लोग अपने मूल अधिकारों, आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं, संपत्ति की सुरक्षा, मानवीय गरिमा और कानून के शासन की माँग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी वैध माँगों का जवाब गोलियों, धमकियों या सामूहिक सजा से नहीं दिया जाना चाहिए।'

संगठन ने संयुक्त राष्ट्र (UN), यूरोपीय संघ (EU) और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रावलाकोट समेत पीओके के प्रभावित क्षेत्रों पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है।

संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब हाल ही में मानवाधिकार मामलों के छह संयुक्त राष्ट्र विशेष विशेषज्ञों ने पीओके में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने पर गंभीर चिंता जताई थी। पाकिस्तान सरकार को भेजे एक पत्र में उन्होंने कहा था, 'हमें चिंता है कि यह फैसला आतंकवादी संगठनों की सूची तय करने के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है। यह भी आशंका है कि जेएएसी को उसके राजनीतिक, श्रमिक और मानवाधिकार संबंधी अभियानों के कारण निशाना बनाया गया हो, जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन हो सकता है।'

गौरतलब है कि UN विशेषज्ञों ने इससे पहले पीओके में शांतिपूर्ण सभाओं पर प्रतिबंध, प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध अत्यधिक बल प्रयोग, गैरकानूनी हत्याओं, मनमानी गिरफ्तारियों और संचार सेवाओं पर रोक जैसी चिंताओं को भी दर्ज किया था।

आम नागरिकों पर असर और आगे की स्थिति

यूकेपीएनपी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में नागरिकों के विरुद्ध बढ़ते कथित अत्याचारों पर गहरी चिंता जताई है। संगठन ने कहा कि निहत्थे और शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ घातक बल का इस्तेमाल गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है, जिसकी तत्काल अंतरराष्ट्रीय जांच होनी चाहिए। संगठन की माँग है कि कथित हत्याओं, घायलों, ड्रोन हमलों, घरों की तबाही और मानवाधिकार उल्लंघनों की पारदर्शी और स्वतंत्र जांच हो। फिलहाल पाकिस्तान सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि अभी तक इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पाकिस्तान सरकार ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालाँकि, UN के छह विशेष विशेषज्ञों द्वारा पहले से दर्ज चिंताएँ इस घटनाक्रम को एकांत में नहीं देखने देतीं — पीओके में असंतोष दबाने का एक दस्तावेज़ीकृत इतिहास रहा है। असली परीक्षा यह है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय, जो अक्सर पाकिस्तान के साथ रणनीतिक संतुलन साधता है, इस बार स्वतंत्र जांच की माँग पर कितनी दृढ़ता दिखाता है। बिना सत्यापन के इन दावों को स्वीकार करना गलत होगा, परंतु इन्हें नज़रअंदाज़ करना उससे भी बड़ी चूक।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीओके के रावलाकोट में 5 नवंबर को क्या हुआ?
यूकेपीएनपी के अनुसार, 5 नवंबर 2026 को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने रावलाकोट में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर गोलीबारी और ड्रोन हमले किए, जिसमें बच्चों समेत कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य घायल हुए। ये आरोप अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
यूकेपीएनपी क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के अधिकारों के लिए काम करने वाला संगठन है, जिसने इस घटना की जानकारी दी और अंतरराष्ट्रीय जांच की माँग की। संगठन ने मृतकों की पहचान, हमले की जगह और हथियारों का विवरण भी साझा किया है।
UN विशेषज्ञों ने पीओके को लेकर पाकिस्तान से पहले क्या कहा था?
हाल ही में मानवाधिकार मामलों के छह UN विशेष विशेषज्ञों ने पाकिस्तान को पत्र लिखकर जेएएसी को आतंकवादी घोषित करने और पीओके में प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध अत्यधिक बल प्रयोग, मनमानी गिरफ्तारियों और संचार पर प्रतिबंध जैसी चिंताएँ दर्ज कराई थीं। उन्होंने कहा था कि जेएएसी को राजनीतिक और मानवाधिकार अभियानों के चलते निशाना बनाया जा सकता है।
इस घटना में कौन-से हथियारों के इस्तेमाल का आरोप है?
यूकेपीएनपी के अनुसार, कार्रवाई में भारी मशीनगनों, बख्तरबंद वाहनों और ड्रोन का उपयोग किया गया। मटियालमेरा बस टर्मिनल के पास एक घर पर कथित ड्रोन हमले के बाद आग लग गई, जिसमें चार बच्चों की मौत की आशंका जताई गई है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या माँगें की गई हैं?
यूकेपीएनपी ने UN, यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पीओके के रावलाकोट में हुई घटनाओं की पारदर्शी और स्वतंत्र जांच कराने, आगे हिंसा रोकने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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