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पोखरा एयरपोर्ट को मिली पहली दैनिक अंतरराष्ट्रीय उड़ान, फ्लाईदुबई 23 सितंबर से करेगी शुरुआत

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पोखरा एयरपोर्ट को मिली पहली दैनिक अंतरराष्ट्रीय उड़ान, फ्लाईदुबई 23 सितंबर से करेगी शुरुआत

सारांश

साढ़े तीन साल के इंतजार के बाद पोखरा एयरपोर्ट को पहली दैनिक अंतरराष्ट्रीय उड़ान मिलने जा रही है — फ्लाईदुबई 23 सितंबर से शुरुआत करेगी। लेकिन सीआईएए की भ्रष्टाचार जांच और 'व्हाइट एलिफेंट' की छवि के बीच यह एक महीने की प्रायोगिक सेवा असली परीक्षा है।

मुख्य बातें

फ्लाईदुबई 23 सितंबर से दुबई-पोखरा के बीच दैनिक सीधी उड़ानें शुरू करेगी — यह पोखरा एयरपोर्ट की पहली नियमित अंतरराष्ट्रीय सेवा होगी।
पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन 1 जनवरी 2023 को हुआ था, परंतु अब तक नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें नहीं मिल पाई थीं।
हवाई अड्डा चीन के एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक से मिले $215.96 मिलियन के ऋण से बना और सीएएमसी इंजीनियरिंग ने इसे पूरा किया।
सीआईएए ने निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर पूर्व मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सीएएएन ने शुरुआत में एक महीने की प्रायोगिक अनुमति दी है; सफलता पर अन्य एयरलाइंस के आने की उम्मीद।

चीन के एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक की $215.96 मिलियन की फंडिंग से निर्मित पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अब पहली नियमित दैनिक अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा मिलने जा रही है। दुबई स्थित एयरलाइन फ्लाईदुबई ने घोषणा की है कि वह 23 सितंबर से दुबई और पोखरा के बीच प्रतिदिन सीधी उड़ानें संचालित करेगी — जो इस विवादास्पद हवाई अड्डे के इतिहास में एक निर्णायक पड़ाव है।

मुख्य घटनाक्रम

पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का औपचारिक उद्घाटन 1 जनवरी 2023 को हुआ था, किंतु साढ़े तीन वर्षों में भी यह नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से वंचित रहा। इससे पहले नेपाल-चीन संयुक्त उद्यम हिमालय एयरलाइंस ने मार्च 2025 में पोखरा-ल्हासा रूट पर साप्ताहिक उड़ानें शुरू की थीं, परंतु कुछ ही महीनों में यह सेवा बंद हो गई, जिससे एयरपोर्ट एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय संपर्क से कट गया।

नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएएएन) के अनुसार, फ्लाईदुबई को शुरुआत में एक महीने के प्रायोगिक आधार पर दैनिक उड़ानों की अनुमति दी गई है। इस अवधि में सेवा की व्यावसायिक और तकनीकी व्यवहार्यता का मूल्यांकन किया जाएगा।

भ्रष्टाचार के आरोप और विवाद

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इस परियोजना को लेकर गंभीर आरोप लंबित हैं। नेपाल की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था 'कमिशन फॉर इंवेस्टिगेशन ऑफ अब्युज ऑफ अथॉरिटी' (सीआईएए) ने हवाई अड्डे के निर्माण में कथित अनियमितताओं के चलते कई पूर्व मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। परियोजना को चीन की कंपनी सीएएमसी इंजीनियरिंग ने पूरा किया था।

गौरतलब है कि इस हवाई अड्डे को वर्षों से 'व्हाइट एलिफेंट' — यानी अत्यधिक लागत वाली परंतु अनुपयोगी परियोजना — की संज्ञा दी जाती रही है। रनवे की सीमाएं, ऊंची परिचालन लागत और तकनीकी बाधाएं इसकी उपयोगिता पर प्रश्नचिह्न लगाती रही हैं।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि दुबई से सीधी उड़ानें शुरू होने से पोखरा के पर्यटन क्षेत्र को उल्लेखनीय बढ़ावा मिल सकता है। पोखरा नेपाल का प्रमुख पर्यटन केंद्र है और अन्नपूर्णा पर्वत श्रृंखला का प्रवेशद्वार माना जाता है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब नेपाल की अर्थव्यवस्था पर्यटन राजस्व पर काफी हद तक निर्भर है।

सीएएएन ने उम्मीद जताई है कि यदि फ्लाईदुबई की यह सेवा सफल रहती है, तो अन्य अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस भी पोखरा के लिए उड़ानें शुरू करने पर विचार कर सकती हैं।

क्या होगा आगे

प्रायोगिक अवधि के दौरान सेवा की व्यावसायिक सफलता ही यह तय करेगी कि पोखरा हवाई अड्डा अंततः अपनी परिकल्पित भूमिका निभा पाएगा या नहीं। सीआईएए की जांच के नतीजे और एयरपोर्ट की परिचालन चुनौतियां अभी भी इस परियोजना पर सवाल उठाती हैं। आने वाले महीने इस बात की परीक्षा होंगे कि चीनी ऋण से बना यह हवाई अड्डा नेपाल के लिए संपत्ति साबित होता है या देनदारी।

संपादकीय दृष्टिकोण

हिमालय एयरलाइंस की ल्हासा सेवा कुछ महीनों में ही बंद, और सीआईएए की जांच अलग से लंबित। फ्लाईदुबई की एक महीने की प्रायोगिक सेवा स्वागतयोग्य है, लेकिन यह परियोजना की संरचनात्मक कमियों का समाधान नहीं है। असली सवाल यह है कि $215.96 मिलियन के चीनी ऋण की अदायगी का बोझ उठाते हुए नेपाल इस एयरपोर्ट को व्यावसायिक रूप से टिकाऊ कैसे बनाएगा — खासकर जब रनवे सीमाएं और परिचालन लागत अभी भी अनसुलझी हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दैनिक उड़ानें कब शुरू होंगी?
फ्लाईदुबई 23 सितंबर से दुबई और पोखरा के बीच दैनिक सीधी उड़ानें शुरू करेगी। सीएएएन ने शुरुआत में एक महीने की प्रायोगिक अनुमति दी है, जिसके दौरान सेवा की व्यावसायिक और तकनीकी व्यवहार्यता का आकलन होगा।
पोखरा एयरपोर्ट को 'व्हाइट एलिफेंट' क्यों कहा जाता है?
1 जनवरी 2023 को उद्घाटन के बावजूद यह हवाई अड्डा साढ़े तीन वर्षों तक नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से वंचित रहा। रनवे की सीमाएं, ऊंची परिचालन लागत, तकनीकी बाधाएं और भ्रष्टाचार के आरोपों ने इसे अनुपयोगी बड़ी परियोजना की छवि दिलाई।
पोखरा एयरपोर्ट के निर्माण में भ्रष्टाचार के क्या आरोप हैं?
नेपाल की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था सीआईएए ने हवाई अड्डे के निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर कई पूर्व मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह परियोजना चीन के एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक से मिले $215.96 मिलियन के ऋण से बनी थी।
पोखरा एयरपोर्ट से पहले कौन सी अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा थी?
हिमालय एयरलाइंस ने मार्च 2025 में पोखरा-ल्हासा रूट पर साप्ताहिक उड़ानें शुरू की थीं, लेकिन उसी वर्ष मार्च में यह सेवा बंद हो गई। इसके बाद एयरपोर्ट फिर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से खाली हो गया था।
फ्लाईदुबई की सेवा से नेपाल के पर्यटन को क्या फायदा होगा?
विशेषज्ञों के अनुसार दुबई से सीधी उड़ानें पोखरा के पर्यटन क्षेत्र को उल्लेखनीय बढ़ावा दे सकती हैं, क्योंकि पोखरा अन्नपूर्णा पर्वत श्रृंखला का प्रवेशद्वार है। यदि यह सेवा सफल रही, तो सीएएएन को उम्मीद है कि अन्य अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस भी पोखरा के लिए उड़ानें शुरू कर सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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