क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक: यथास्थिति बदलने की कोशिशों का कड़ा विरोध, उत्तर कोरिया निरस्त्रीकरण पर प्रतिबद्धता
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 26 मई 2026 को आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि चारों देशों ने ताकत या दबाव के ज़रिए एकतरफा तरीके से मौजूदा स्थिति बदलने की किसी भी कोशिश का कड़ा विरोध करने पर सहमति जताई है। बैठक में उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला और होर्मुज़ स्ट्रेट में नौवहन सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में क्या तय हुआ
मोटेगी ने बताया कि बैठक के दौरान क्षेत्रीय हालात को लेकर रणनीतिक सोच को एकसमान करने में सफलता मिली। उन्होंने कहा, 'आज की बैठक हमें यह साफ और मज़बूत संदेश देने का अच्छा मौका थी कि क्वाड इस दिशा में ज़रूरी और ठोस सहयोग को आगे बढ़ाएगा।' चारों देशों ने इस बात पर स्पष्ट सहमति जताई कि बल प्रयोग या दबाव से यथास्थिति में बदलाव की कोई भी कोशिश अस्वीकार्य है।
उत्तर कोरिया और साइबर खतरों पर चर्चा
उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों के साथ-साथ उसकी साइबर गतिविधियों पर भी बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। मोटेगी ने कहा कि क्वाड देशों ने उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया की परमाणु क्षमताओं को लेकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चिंताएँ गहरी हो रही हैं।
महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर
जापानी विदेश मंत्री ने बताया कि क्वाड देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर 'गहरी चिंता' जताई है। क्रिटिकल मिनरल्स इनिशिएटिव फ्रेमवर्क को आपूर्ति श्रृंखला मज़बूत करने के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण बताया गया। इसके अलावा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में ऊर्जा की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई एनर्जी सिक्योरिटी इनिशिएटिव को जापान के 'पावर एशिया' कार्यक्रम से जोड़ने की योजना पर भी सहमति बनी।
होर्मुज़ स्ट्रेट और मध्य पूर्व में स्थिरता
मोटेगी ने कहा, 'ईरान की स्थिति का इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर, खासकर ऊर्जा आपूर्ति के मामले में, बड़ा असर पड़ता है।' क्वाड देशों ने होर्मुज़ स्ट्रेट में सुरक्षित और स्वतंत्र समुद्री आवाजाही सुनिश्चित करने तथा मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की अहमियत पर सहमति जताई। गौरतलब है कि होर्मुज़ स्ट्रेट से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुज़रता है, जिससे इसकी सुरक्षा एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के लिए सीधे तौर पर जुड़ी है।
क्वाड की भविष्य की दिशा
मोटेगी ने 2019 में हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की पहली बैठक को याद करते हुए कहा कि क्वाड सहयोग में हुई प्रगति देखकर उन्हें संतोष हो रहा है। उन्होंने क्वाड को 'फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक' की परिकल्पना को साकार करने की ताकत बताया और कहा कि चारों देश मिलकर क्षेत्र में मज़बूती और आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर काम करेंगे, ताकि हर देश अपने फैसले स्वतंत्र रूप से ले सके। आने वाले समय में क्वाड की सहयोगी परियोजनाओं को और गति मिलने की उम्मीद है।