रोमानिया संसद ने 281 वोटों से प्रधानमंत्री इली बोलोजान की सरकार गिराई, 45 दिन की कार्यवाहक सरकार बनेगी
सारांश
मुख्य बातें
रोमानिया की द्विसदनीय संसद ने मंगलवार, 5 मई 2026 को प्रधानमंत्री इली बोलोजान की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया। संसद के लाइव प्रसारण के अनुसार, इस प्रस्ताव के पक्ष में 281 वोट पड़े और विपक्ष में मात्र 4 वोट, जिससे बोलोजान सरकार का पतन हो गया। रोमानिया के संविधान के तहत अब देश में एक कार्यवाहक सरकार का गठन होगा।
अविश्वास प्रस्ताव का घटनाक्रम
28 अप्रैल को रोमानिया की दो प्रमुख संसदीय पार्टियों — सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (पीएसडी) और अलायंस फॉर द यूनियन ऑफ रोमानियंस (एयूआर) — ने मिलकर यह प्रस्ताव संसद में पेश किया। स्थानीय मीडिया आउटलेट डिजी24 के मुताबिक, इस प्रस्ताव को 251 सांसदों के हस्ताक्षर प्राप्त हुए थे, जिसमें छोटी विपक्षी पार्टियों और कुछ निर्दलीय सांसदों का समर्थन भी शामिल था। 464 सीटों वाली रोमानियाई संसद में अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए कम से कम 233 वोट आवश्यक होते हैं।
कार्यवाहक सरकार पर क्या होगा असर
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, प्रस्ताव पारित होते ही बोलोजान की सरकार कार्यवाहक सरकार में तब्दील हो गई है। यह अंतरिम सरकार केवल रोज़मर्रा के प्रशासनिक कार्य ही कर सकेगी — न तो नए कानून बना सकेगी और न ही आपातकालीन आदेश जारी कर सकेगी। इस कार्यवाहक सरकार का कार्यकाल अधिकतम 45 दिनों तक सीमित रहेगा।
बोलोजान सरकार के खिलाफ क्यों बना माहौल
राष्ट्रीय लिबरल पार्टी की इली बोलोजान ने जून 2025 में प्रधानमंत्री पद संभाला था। उनकी सख्त आर्थिक नीतियों और कुछ रणनीतिक सरकारी संपत्तियों को बेचने के प्रस्ताव का पीएसडी ने कड़ा विरोध किया। गौरतलब है कि पीएसडी देश की सबसे बड़ी पार्टी है और पहले सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा थी। अप्रैल में पीएसडी ने सरकार से अपना राजनीतिक समर्थन वापस ले लिया और अपने सभी मंत्रियों को भी हटा लिया। पार्टी ने बोलोजान से इस्तीफे की माँग की, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।
विचारधारा से परे एकजुटता — पीएसडी और एयूआर का असामान्य गठजोड़
यह ऐसे समय में आया है जब पीएसडी और एयूआर की राजनीतिक विचारधाराएँ एकदम विपरीत हैं। पीएसडी एक मध्यम-वाम (सेंटर-लेफ्ट) पार्टी है, जबकि एयूआर एक दूर-दक्षिणपंथी (फार-राइट) पार्टी है — और इन दोनों ने इससे पहले कभी मिलकर काम नहीं किया था। दोनों का एकमात्र साझा लक्ष्य बोलोजान को सत्ता से हटाना था। हालाँकि, आगे की राह पर दोनों की राय अलग है: एयूआर जल्द चुनाव कराना चाहता है, जबकि पीएसडी एक नई 'यूरोपीय समर्थक गठबंधन सरकार' के गठन की पक्षधर है।
आगे क्या होगा
रोमानिया अब राजनीतिक अनिश्चितता के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। अगले 45 दिनों में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें पीएसडी और एयूआर के परस्पर विरोधी एजेंडे एक बड़ी चुनौती बनेंगे। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि क्या रोमानिया एक स्थिर 'यूरोपीय समर्थक' सरकार बना पाता है या फिर मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ता है।