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रूबियो बोले: ईरान बातचीत को गंभीर नहीं, अमेरिका-इज़रायल हमले से अर्थव्यवस्था और सेना को भारी नुकसान

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रूबियो बोले: ईरान बातचीत को गंभीर नहीं, अमेरिका-इज़रायल हमले से अर्थव्यवस्था और सेना को भारी नुकसान

सारांश

मनीला में आसियान बैठक के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने दो-टूक कहा — ईरान वार्ता को गंभीरता से नहीं ले रहा और अमेरिका-इज़रायल हमले ने उसकी अर्थव्यवस्था व सैन्य ताकत को बुरी तरह तोड़ा है। होर्मुज पर ईरान के रवैये को उन्होंने वैश्विक नौवहन के लिए खतरनाक बताया।

मुख्य बातें

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 22 जुलाई को मनीला में कहा कि ईरान परमाणु वार्ता को लेकर गंभीर नहीं है।
रूबियो ने चेतावनी दी — यदि ईरान संजीदा नहीं हुआ तो अमेरिका अपने और सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए 'जो आवश्यक होगा वह करेगा'।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के 'टोल या हमला' वाले रवैये को रूबियो ने 'बेहद खतरनाक' और मुक्त नौवहन के लिए खतरा बताया।
अमेरिका-इज़रायल संघर्ष में ईरान की अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुँचा है।
रूबियो के अनुसार, ईरान ने पिछले 20 वर्षों से अपने संसाधन सैन्य उद्देश्यों में लगाए हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 22 जुलाई को मनीला में स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान के साथ कूटनीतिक वार्ता के लिए तैयार है, परंतु तेहरान इस प्रक्रिया को लेकर अभी तक गंभीर नहीं दिख रहा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका-इज़रायल संघर्ष के बाद ईरान की अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमता को गहरा आघात पहुँचा है।

मनीला में आसियान बैठक का मंच

रूबियो ने यह बयान फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित आसियान देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान दिया। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब पश्चिम एशिया में तनाव का माहौल बना हुआ है और ईरान-अमेरिका संबंध नए मोड़ पर खड़े हैं।

रूबियो ने कहा, 'अभी हमारी सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे बातचीत को लेकर गंभीर नहीं हैं। अगर वे संजीदा होंगे, तो हम भी होंगे। अगर नहीं, तो हम अपने और अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए जो आवश्यक होगा, वह करेंगे।'

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का रवैया 'खतरनाक'

रूबियो ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण के दावे को 'गलत उदाहरण' करार दिया। उन्होंने कहा, 'उनकी सोच कि हमें टोल दो नहीं तो तुम्हारे जहाज को उड़ा देंगे — बेहद खतरनाक है।' रूबियो ने चेताया कि यदि इस प्रवृत्ति को रोका नहीं गया, तो भविष्य में दुनिया के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी ही स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, जो वैश्विक मुक्त नौवहन के लिए गंभीर खतरा है।

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व का लगभग 20% तेल व्यापार गुज़रता है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी अस्थिरता का असर वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर सीधे पड़ता है।

ईरान की मौजूदा हालत और सैन्य क्षमता

रूबियो के अनुसार, अमेरिका-इज़रायल के साथ हुए संघर्ष में ईरान की अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुँचा है। उन्होंने कहा, 'ईरान इस समय काफी मुश्किल स्थिति में है।' साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि किसी भी संघर्ष क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों के लिए जोखिम बना रहता है।

तेहरान की जवाबी हमले की क्षमता पर टिप्पणी करते हुए रूबियो ने कहा, 'यह वास्तव में इस बात को साबित करता है कि ईरान पिछले 20 वर्षों से अपने संसाधनों का निवेश इसी उद्देश्य के लिए करता रहा है।' यह बयान ईरान की दीर्घकालिक सैन्य रणनीति पर अमेरिकी चिंता को रेखांकित करता है।

आगे क्या होगा

रूबियो के बयान से स्पष्ट है कि वाशिंगटन कूटनीतिक रास्ते को अभी पूरी तरह बंद नहीं मानता, लेकिन ईरान की ओर से ठोस संकेत मिलने तक दबाव की नीति जारी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आसियान मंच पर दिया गया यह बयान अमेरिका की व्यापक इंडो-पैसिफिक रणनीति का भी हिस्सा है, जिसमें सहयोगी देशों को यह संदेश दिया जा रहा है कि वाशिंगटन क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्ध है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो वार्ता की मेज़ पर उसके पास सौदेबाज़ी की कितनी ताकत बची है? होर्मुज पर ईरान का रवैया वास्तव में वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए चिंताजनक है, लेकिन इसे केवल अमेरिकी-इज़रायली नज़रिए से देखना पूरी तस्वीर नहीं देता। आसियान मंच पर यह बयान देना संकेत देता है कि वाशिंगटन इंडो-पैसिफिक सहयोगियों को भी इस दबाव अभियान में शामिल करना चाहता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मार्को रूबियो ने ईरान के बारे में क्या कहा?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 22 जुलाई को मनीला में कहा कि ईरान परमाणु वार्ता को लेकर गंभीर नहीं है और अमेरिका अपने व सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका-इज़रायल संघर्ष से ईरान की अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुँचा है।
रूबियो ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर क्या कहा?
रूबियो ने ईरान के इस रवैये को 'बेहद खतरनाक' बताया कि वह होर्मुज से गुज़रने वाले जहाज़ों से 'टोल' माँगता है और न देने पर हमले की धमकी देता है। उन्होंने चेताया कि यह प्रवृत्ति वैश्विक मुक्त नौवहन के लिए गंभीर खतरा है और भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी दोहराई जा सकती है।
यह बयान कहाँ और किस संदर्भ में दिया गया?
यह बयान फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित आसियान देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान 22 जुलाई को दिया गया। यह बैठक पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में हुई।
ईरान की मौजूदा स्थिति कैसी है?
रूबियो के अनुसार, अमेरिका-इज़रायल के साथ संघर्ष के बाद ईरान की अर्थव्यवस्था और सैन्य क्षमता दोनों को भारी नुकसान पहुँचा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पिछले 20 वर्षों से अपने संसाधनों का निवेश सैन्य उद्देश्यों में करता रहा है।
क्या अमेरिका ईरान से बातचीत के लिए तैयार है?
हाँ, रूबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन शर्त यह है कि ईरान भी गंभीरता दिखाए। उन्होंने कहा कि यदि ईरान संजीदा होगा तो अमेरिका भी होगा, अन्यथा वाशिंगटन अपने हितों की रक्षा के लिए स्वतंत्र रूप से कदम उठाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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