होर्मुज स्ट्रेट खुलने पर ईरान से परमाणु वार्ता को तैयार अमेरिका — रुबियो का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 25 मई 2026 को स्पष्ट किया कि यदि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को तत्काल प्रभाव से पुनः खोल देता है, तो वाशिंगटन ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर 'बहुत गंभीर बातचीत' के लिए तैयार है। रुबियो ने नई दिल्ली की यात्रा के दौरान एक अखबार को दिए साक्षात्कार में यह बात कही, जो इस बात का संकेत है कि अमेरिका एक चरणबद्ध अंतरिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ने को राज़ी हो सकता है।
रुबियो की शर्त: पहले होर्मुज, फिर परमाणु वार्ता
रुबियो ने साक्षात्कार में कहा, 'सबसे पहले होर्मुज स्ट्रेट तुरंत खोला जाना चाहिए। उसके बाद तय नियमों के तहत हम यूरेनियम संवर्धन, अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम और ईरान के इस वादे पर गंभीर बातचीत करेंगे कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस प्रक्रिया में वर्षों नहीं लगने चाहिए, परंतु तकनीकी जटिलताओं को देखते हुए कुछ समय अवश्य लगेगा।
रुबियो ने यह भी स्वीकार किया कि '72 घंटों में किसी कागज पर जल्दी-जल्दी परमाणु समझौता नहीं किया जा सकता।' यह बयान उन अटकलों के बीच आया है जिनमें कहा जा रहा था कि दोनों पक्ष किसी त्वरित समझौते के करीब हैं।
60 दिन की समयसीमा और सैन्य विकल्प की चेतावनी
विदेश मंत्री ने संकेत दिया कि यदि बातचीत अगले दो महीनों में किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुँची, तो अमेरिका फिर से ईरान पर हमले का विकल्प खुला रख सकता है। उनके शब्दों में, 'अगर ऐसा नहीं होता, तो राष्ट्रपति के पास 60 दिनों बाद भी वही सभी विकल्प होंगे जो आज उनके पास हैं।' यह बयान कूटनीतिक दबाव की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की बात बार-बार दोहराई है। रुबियो ने भी पुष्टि की कि 'जब तक डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति हैं, ईरान परमाणु हथियार नहीं रख पाएगा।'
होर्मुज स्ट्रेट पर टोल-मुक्त व्यवस्था का प्रस्ताव
रुबियो ने बताया कि अमेरिका और खाड़ी क्षेत्र के उसके सहयोगी एक ऐसे प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं जिससे होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला रहे और वहाँ किसी प्रकार का टोल न लिया जाए। हालाँकि, इसके लिए ईरान की पूर्ण स्वीकृति और क्रियान्वयन अनिवार्य शर्त बताई गई है।
यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के कुल तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है और इस जलमार्ग पर किसी भी रुकावट का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर पड़ता है।
समझौते पर आलोचकों की चिंता
अब तक न तो अमेरिका और न ही ईरान ने सार्वजनिक रूप से किसी संभावित समझौते का पूरा ब्यौरा दिया है। कई आलोचकों का कहना है कि इस तरह का चरणबद्ध अंतरिम समझौता आगे की बातचीत में ट्रंप प्रशासन की कूटनीतिक पकड़ कमज़ोर कर सकता है, क्योंकि ईरान को बिना पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के राहत मिल सकती है।
रुबियो ने संकेत दिया कि कुछ 'महत्वपूर्ण प्रगति' हुई है, हालाँकि अंतिम समझौता अभी नहीं हुआ है और आगे की कोई भी घोषणा राष्ट्रपति ट्रंप स्वयं करेंगे। यह कूटनीतिक प्रक्रिया आने वाले हफ्तों में और निर्णायक मोड़ ले सकती है।