सलमान रुश्दी की अदालत में गवाही: 'चाकू के वार के बीच खून के तालाब में पड़ा था'
सारांश
मुख्य बातें
प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी ने 24 जुलाई 2026 को बफेलो की संघीय अदालत में गवाही देते हुए 2022 के उस जानलेवा चाकू हमले का आँखों देखा विवरण सुनाया, जिसमें उन्होंने अपनी दाहिनी आँख गँवा दी थी। हमलावर हादी मतर के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से जुड़े संघीय मुकदमे में रुश्दी की यह गवाही सबसे निर्णायक साक्ष्यों में से एक मानी जा रही है।
मंच पर खून का तालाब — रुश्दी की ज़ुबानी
रुश्दी ने अदालत को बताया, 'मैं मंच पर पड़ा था और मेरे चारों ओर खून का एक बड़ा तालाब था।' उन्होंने कहा कि हमलावर उनके ऊपर चढ़ा हुआ था और लगातार चाकू से वार करता रहा, जबकि वे वहाँ से निकलने की कोशिश कर रहे थे। सुनवाई के दौरान सहायक संघीय अभियोजक टिमोथी लिंच के अनुरोध पर रुश्दी ने अपना विशेष चश्मा उतारा, ताकि जूरी सदस्य हमले में नष्ट हुई उनकी आँख को देख सकें।
हमले में हुई शारीरिक क्षति
रुश्दी ने बताया कि हमले में उनकी दाहिनी आँख के अलावा बायाँ हाथ भी गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसके कारण वे अब वाहन नहीं चला सकते। उनका लिवर भी क्षतिग्रस्त हुआ था। 79 वर्षीय रुश्दी न्यूयॉर्क शहर से लगभग 600 किलोमीटर दूर स्थित चौटाक्वा इंस्टीट्यूशन में एक साहित्यिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे। विडंबना यह रही कि वे उस दिन लेखकों की सुरक्षा पर बोलने वाले थे।
हादी मतर पर आरोप और पृष्ठभूमि
लेबनानी मूल के 28 वर्षीय अमेरिकी नागरिक हादी मतर को न्यूयॉर्क की राज्य अदालत पहले ही हत्या के प्रयास सहित अन्य आरोपों में दोषी ठहराकर 25 वर्ष की सजा सुना चुकी है। अब बफेलो की संघीय अदालत में उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के आरोपों पर अलग मुकदमा चल रहा है — अमेरिकी कानूनी व्यवस्था में राज्य और संघीय कानून स्वतंत्र रूप से लागू होते हैं। यदि संघीय आरोपों में भी दोषी ठहराया गया, तो उसे आजीवन कारावास हो सकता है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सितंबर 2020 से अगस्त 2022 के बीच मतर ने कथित तौर पर हिज्बुल्लाह को भौतिक सहायता और संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया था। सहायक संघीय अभियोजक टिमोथी लिंच ने अदालत को बताया कि मतर ने 1989 में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता आयतुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी द्वारा जारी उस फतवे को अमल में लाने की कोशिश की, जिसमें रुश्दी की पुस्तक 'द सैटेनिक वर्सेज' को ईशनिंदा बताते हुए उनकी हत्या का आह्वान किया गया था।
बचाव पक्ष की दलील और रुश्दी का जवाब
आतंकवाद के आरोपों का खंडन करते हुए मतर के वकील नैथेनियल बैरोन ने तर्क दिया कि उनका मुवक्किल किसी संगठन की ओर से नहीं, बल्कि एक भड़के हुए व्यक्ति के रूप में अकेले काम कर रहा था। बचाव पक्ष ने रुश्दी से यह भी पूछा कि क्या उन्हें 'द सैटेनिक वर्सेज' के कारण इस्लामी चरमपंथियों के हमले की आशंका पहले से होनी चाहिए थी। इस पर रुश्दी ने दो टूक जवाब दिया, 'मुझे नहीं लगता कि इस मुकदमे में मेरी किताब पर सुनवाई हो रही है। यहाँ किसी और पर मुकदमा चल रहा है।'
फतवे की छाया और रुश्दी का सार्वजनिक जीवन
फतवा जारी होने के बाद रुश्दी कई वर्षों तक ब्रिटिश सरकार की सुरक्षा में रहे। बाद में उन्होंने सार्वजनिक जीवन में वापसी की और न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय से जुड़े। हमले के अनुभवों पर उन्होंने 'नाइफ: मेडिटेशंस आफ्टर एन अटेम्प्टेड मर्डर' शीर्षक से पुस्तक भी लिखी है। गौरतलब है कि यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक उग्रवाद के बीच के तनाव को एक बार फिर वैश्विक मंच पर ले आया है। संघीय मुकदमे का फैसला आने वाले हफ्तों में अपेक्षित है।