7 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शेख हसीना का मीडिया कार्यक्रम पूरी तरह निजी था, बांग्लादेश पर टिप्पणियों से भारत का कोई संबंध नहीं: विदेश मंत्रालय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शेख हसीना का मीडिया कार्यक्रम पूरी तरह निजी था, बांग्लादेश पर टिप्पणियों से भारत का कोई संबंध नहीं: विदेश मंत्रालय

सारांश

शेख हसीना ने दिल्ली से वर्चुअल बातचीत में बांग्लादेश की मौजूदा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए — लेकिन भारत ने तुरंत पल्ला झाड़ा। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा: कार्यक्रम निजी था, सरकार की कोई भूमिका नहीं, और वहाँ कही किसी भी बात को भारत का समर्थन नहीं।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 7 अगस्त को स्पष्ट किया कि शेख हसीना का मीडिया कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित था।
भारत सरकार की उस कार्यक्रम में कोई भूमिका नहीं थी और वहाँ की गई किसी भी टिप्पणी को सरकार का समर्थन नहीं।
हसीना ने 5 अगस्त को वर्चुअल बातचीत में 2024 के छात्र आंदोलन को 'सुनियोजित राजनीतिक साजिश' बताया था।
हसीना के अनुसार (स्वतंत्र पुष्टि नहीं), पिछले दो वर्षों में 10,000 लोग मारे/लापता, 6.5 लाख गिरफ्तार और उनके खिलाफ 600 से अधिक मामले दर्ज।
भारत ने कहा कि बांग्लादेश के साथ आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्रों में संबंध सामान्य रूप से जारी हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 7 अगस्त को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की हालिया मीडिया बातचीत एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित थी और भारत सरकार की उसमें कोई भूमिका नहीं थी। उस मंच पर की गई किसी भी टिप्पणी — विशेष रूप से बांग्लादेश की वर्तमान सरकार के संदर्भ में — को भारत सरकार का समर्थन प्राप्त नहीं है।

विदेश मंत्रालय का स्पष्ट रुख

जायसवाल ने कहा, 'सरकार की उस कार्यक्रम में कोई भूमिका नहीं थी क्योंकि वह एक निजी मीडिया संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रम था।' उन्होंने यह भी बताया कि सरकार का यह रुख प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था। मंत्रालय ने विशेष रूप से बांग्लादेश की विधिवत गठित और लोकतांत्रिक रूप से स्थापित सरकार के संबंध में व्यक्त टिप्पणियों से अपना पल्ला झाड़ा।

हसीना की बातचीत का संदर्भ

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 5 अगस्त को नई दिल्ली से एक वर्चुअल मीडिया बातचीत में भाग लिया था। इस बातचीत में उन्होंने 2024 के छात्र आंदोलन को 'सुनियोजित राजनीतिक साजिश' बताया और कहा कि उनकी सरकार ने इसे शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन कुछ संगठित समूहों ने इसे हिंसक रूप दे दिया। गौरतलब है कि हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश छोड़कर भारत आई थीं और तब से यहीं हैं।

हसीना के दावे और आरोप

हसीना ने अपनी बातचीत में गंभीर आरोप लगाए। उनके अनुसार, पिछले दो वर्षों में बड़े पैमाने पर राजनीतिक उत्पीड़न हुआ है, जिसमें कम से कम 10,000 लोग मारे गए या लापता हो गए, 6.5 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया और 3,500 मामले दर्ज किए गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि अवामी लीग के करीब 4.5 लाख नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को आरोपी के रूप में नामजद किया गया, जबकि 10 लाख से अधिक अन्य लोगों को अज्ञात आरोपी के तौर पर सूचीबद्ध किया गया। हसीना ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ 600 से अधिक मामले दर्ज हैं। ये सभी दावे हसीना के अपने हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर

जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत अपने पड़ोस में होने वाली गतिविधियों पर 'लगातार नजर' रखता है और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से हर स्थिति का आकलन करता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बांग्लादेश के साथ आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्रों में भारत के संबंध जारी हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हसीना की दिल्ली में मौजूदगी और उनकी सार्वजनिक टिप्पणियाँ दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संतुलन के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बन गई हैं।

आगे की स्थिति

जायसवाल ने माना कि इस विशेष बातचीत के बारे में उनके पास फिलहाल कोई नई जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने बाद में जानकारी देने का आश्वासन दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत सरकार का यह त्वरित स्पष्टीकरण ढाका के साथ कूटनीतिक संबंध बनाए रखने की कोशिश को दर्शाता है, जबकि हसीना को शरण देने की स्थिति भी बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों एक साथ साधना आसान नहीं। विदेश मंत्रालय का 'निजी कार्यक्रम' वाला तर्क एक सुविधाजनक ढाल है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भारत हसीना की राजनीतिक सक्रियता पर कोई सीमा तय करेगा। बांग्लादेश की वर्तमान सरकार इस बातचीत को कैसे देखती है, यह आने वाले हफ्तों में द्विपक्षीय संबंधों की दिशा तय कर सकता है। मुख्यधारा की कवरेज खंडन पर केंद्रित है, लेकिन असली कहानी यह है कि भारत हसीना-प्रश्न को कितने समय तक 'निजी' और 'राजनीतिक' के बीच की धुंध में रख सकता है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने शेख हसीना की मीडिया बातचीत से खुद को अलग क्यों किया?
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित था और भारत सरकार की उसमें कोई भूमिका नहीं थी। बांग्लादेश की वर्तमान सरकार के संदर्भ में की गई टिप्पणियों से दूरी बनाना भारत के लिए कूटनीतिक रूप से जरूरी था।
शेख हसीना ने अपनी बातचीत में क्या कहा?
हसीना ने 5 अगस्त को वर्चुअल बातचीत में 2024 के छात्र आंदोलन को 'सुनियोजित राजनीतिक साजिश' बताया। उन्होंने यह भी दावा किया (स्वतंत्र पुष्टि नहीं) कि पिछले दो वर्षों में 10,000 लोग मारे गए या लापता हुए और 6.5 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया।
क्या भारत और बांग्लादेश के संबंध इस विवाद से प्रभावित होंगे?
विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश के साथ आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्रों में संबंध सामान्य रूप से जारी हैं। हालाँकि, हसीना की दिल्ली में मौजूदगी और उनकी सार्वजनिक टिप्पणियाँ दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संतुलन के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई हैं।
रणधीर जायसवाल ने भारत की नीति के बारे में क्या कहा?
जायसवाल ने कहा कि भारत अपने पड़ोस में होने वाली गतिविधियों पर 'लगातार नजर' रखता है और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से हर स्थिति का आकलन करता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस विशेष बातचीत पर अधिक जानकारी बाद में दी जा सकती है।
शेख हसीना भारत में कब से हैं?
शेख हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हुए छात्र आंदोलन के बाद देश छोड़कर भारत आई थीं। तब से वे नई दिल्ली में हैं और उनकी राजनीतिक गतिविधियाँ भारत-बांग्लादेश संबंधों में एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. कल
  4. कल
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले