श्रीलंका में भारतीय राजदूत संतोष झा ने गिनाईं आवास, छात्रवृत्ति और STEM पहलें, तमिल समुदाय को बताया 'लिविंग ब्रिज'
सारांश
मुख्य बातें
श्रीलंका में भारत के राजदूत संतोष झा ने सोमवार, 15 जून 2026 को कोलंबो में अप-कंट्री एजुकेशन डेवलपमेंट सोसाइटी (UEDS) की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत सरकार की कई सक्रिय विकास पहलों का विस्तृत ब्यौरा दिया। इन योजनाओं में एस्टेट मजदूरों के लिए आवास निर्माण, छात्रवृत्ति में बढ़ोतरी और स्कूली बुनियादी ढाँचे के लिए अनुदान शामिल हैं। राजदूत ने भारतीय मूल के तमिल (IOT) समुदाय को भारत-श्रीलंका संबंधों का 'लिविंग ब्रिज' बताया।
मुख्य घटनाक्रम
राजदूत संतोष झा ने UEDS के वर्षगांठ समारोह में शामिल होकर भारत सरकार की उन पहलों को रेखांकित किया जो सीधे तौर पर श्रीलंका के तमिल समुदाय को लाभान्वित कर रही हैं। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'आज अप-कंट्री एजुकेशन डेवलपमेंट सोसाइटी (यूईडीएस) के 20वें वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल होकर बहुत खुशी हुई।'
इस अवसर पर उन्होंने CEWET छात्रवृत्ति में हाल की बढ़ोतरी, स्कूलों के लिए उपकरण आपूर्ति, STEM विषयों में शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम और OCI कार्ड की पात्रता को भारतीय मूल के तमिलों की 5वीं और 6वीं पीढ़ी तक विस्तारित किए जाने की जानकारी दी। कार्यक्रम में UEDS की ओर से सात IOT उपलब्धिकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस समारोह में श्रीलंका के कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें मत्स्य पालन मंत्री रामालिंगम और उप बागान मंत्री प्रदीप सुंदरालिंगम प्रमुख रूप से शामिल थे। उनकी उपस्थिति इस बात का संकेत है कि श्रीलंका सरकार भी इन द्विपक्षीय विकास पहलों को गंभीरता से लेती है।
भरतनाट्यम से बना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
इससे एक दिन पहले, रविवार को राजदूत झा ने कोलंबो में आयोजित 'सबसे बड़े भरतनाट्यम पाठ' में भाग लिया, जिसमें भारत और श्रीलंका के लगभग 5,000 नर्तकों ने एक साथ प्रस्तुति दी और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। राजदूत ने एक्स पर लिखा, 'भारत और श्रीलंका के लगभग 5,000 नर्तकों ने मिलकर भरतनाट्यम की सुंदरता, गरिमा और भव्यता का जश्न मनाया।'
राजदूत झा ने आयोजकों और छात्रों की ओर से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों की मजबूती का प्रतीक बताया।
भारत-श्रीलंका संबंधों का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारत श्रीलंका में अपनी कूटनीतिक और विकास साझेदारी को व्यापक स्तर पर मजबूत कर रहा है। गौरतलब है कि भारतीय मूल के तमिल समुदाय का मुद्दा दशकों से भारत-श्रीलंका संबंधों में एक संवेदनशील पहलू रहा है। OCI कार्ड की पात्रता को 5वीं-6वीं पीढ़ी तक बढ़ाना इस दिशा में एक ठोस नीतिगत कदम माना जा रहा है।
आगे की राह
राजदूत संतोष झा की इन गतिविधियों से स्पष्ट है कि भारत श्रीलंका में न केवल राजनयिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी अपनी उपस्थिति को सुदृढ़ कर रहा है। आवास, शिक्षा और सांस्कृतिक कूटनीति का यह त्रिस्तरीय दृष्टिकोण आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों को नई ऊँचाई दे सकता है।