सूडान में डेंगू, एमपॉक्स और हैजा का त्रिकोणीय संकट: 500+ मामले, राहत एजेंसियां मैदान में
सारांश
मुख्य बातें
युद्धग्रस्त सूडान में 22 मई 2026 को मानवीय संकट और गहरा हो गया, जब संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने एक साथ तीन संक्रामक रोगों — डेंगू, एमपॉक्स (मंकीपॉक्स) और संदिग्ध हैजा (कॉलरा) — के फैलाव की पुष्टि की। लगातार बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और राहत पहुँच में आ रही बाधाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियाँ इन प्रकोपों को नियंत्रित करने में जुटी हैं।
मुख्य घटनाक्रम: तीन राज्यों में तीन बीमारियाँ
वेस्ट कोर्डोफान राज्य के एल नुहुद क्षेत्र में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और उसके साझेदार संगठन तीव्र जलीय दस्त (एक्यूट वाटरी डायरिया) के प्रकोप से जूझ रहे हैं, जिसे आमतौर पर हैजे से जोड़ा जाता है। ओसीएचए के अनुसार, इस सप्ताह वहाँ 100 से अधिक संदिग्ध मामले और कई मौतें दर्ज की गई हैं।
दारफुर क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर है। सेंट्रल और साउथ दारफुर राज्यों में इस सप्ताह 300 से अधिक संदिग्ध एमपॉक्स मामले और पाँच मौतें सामने आई हैं। संयुक्त राष्ट्र की राहत एजेंसियाँ स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर इस फैलाव को रोकने में लगी हैं।
इसके समानांतर, नॉर्दर्न और रिवर नाइल राज्यों में डेंगू के मामले तेज़ी से बढ़े हैं। नॉर्दर्न राज्य में पिछले एक महीने में संदिग्ध डेंगू मामलों की संख्या तीन गुना से अधिक बढ़कर 500 से ऊपर पहुँच गई है।
टीकाकरण अभियान और राहत प्रयास
ओसीएचए ने बताया कि डब्ल्यूएचओ, दारफुर में अधिकारियों द्वारा चलाए जा रहे व्यापक हैजा और खसरा टीकाकरण अभियान में सक्रिय सहयोग दे रहा है। इस वर्ष के पहले चार महीनों में मानवीय सहायता समुदाय ने सूडान में 16 लाख से अधिक लोगों तक मदद पहुँचाई है।
यह ऐसे समय में आया है जब देश में सुरक्षा की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और राहत एजेंसियों को ज़मीन पर काम करने में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
ड्रोन हमलों से स्वास्थ्य ढाँचा तबाह
ओसीएचए ने बताया कि दक्षिण कोर्डोफान के डिलिंग और उसके आसपास बुधवार को हुए कई ड्रोन हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। इनमें से एक हमले में एक स्वास्थ्य केंद्र को नुकसान पहुँचा और वहाँ रखी दवाइयाँ और चिकित्सा उपकरण नष्ट हो गए — जो पहले से कमज़ोर स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक और बड़ा झटका है।
गौरतलब है कि सूडान में अप्रैल 2023 से जारी सशस्त्र संघर्ष ने देश के स्वास्थ्य ढाँचे को बुरी तरह तहस-नहस कर दिया है, जिससे संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका कई गुना बढ़ गई है।
आम जनता पर असर और अंतरराष्ट्रीय अपील
ओसीएचए ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे आम नागरिकों और नागरिक ढाँचे की सुरक्षा करें तथा अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुसार राहत एजेंसियों को निर्बाध पहुँच की अनुमति दें। कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सूडान में लाखों लोगों तक जीवनरक्षक सहायता पहुँचाने के लिए अतिरिक्त वित्तपोषण की सख्त आवश्यकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एक साथ तीन संक्रामक रोगों का प्रकोप और सक्रिय संघर्ष का संयोजन सूडान को दुनिया के सबसे जटिल मानवीय संकटों में से एक बना रहा है। आने वाले हफ्तों में यदि पहुँच और फंडिंग की स्थिति नहीं सुधरी, तो ये प्रकोप और विकराल रूप ले सकते हैं।