सिंबॉलिक्स डॉट कॉम: इंटरनेट के पहले कमर्शियल डोमेन नाम की कहानी
सारांश
Key Takeaways
- सिंबॉलिक्स डॉट कॉम इंटरनेट का पहला कमर्शियल डोमेन नाम है।
- इसकी पंजीकरण तिथि 15 मार्च 1985 थी।
- इंटरनेट की शुरुआत में यह डिजिटल पहचान का एक महत्वपूर्ण कदम था।
- सिंबॉलिक्स ने बाद में विभिन्न चुनौतियों का सामना किया और दिवालिया हो गई।
- आज भी इसे नैपकिन डॉट कॉम द्वारा एक ऑनलाइन म्यूजियम के तौर पर संरक्षित किया गया है।
नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आज हम जिस तरह से एक कोने से दूसरे कोने की जानकारी चंद सेकंड में प्राप्त कर लेते हैं, चाहे वो उड़ानें हों या समुद्र में चल रहे जहाजों की जानकारी, क्या आपने कभी सोचा है कि यह सब संभव कैसे हुआ? इसका आरंभ एक 'डोमेन नाम' से हुआ और देखते ही देखते इंटरनेट ने ज्ञान का एक अनमोल खजाना खोल दिया।
41 साल पहले, इंटरनेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ जिसने संचार और व्यापार के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया। इसी दिन, दुनिया का पहला डोमेन नाम 'सिंबॉलिक्स डॉट कॉम' पंजीकृत हुआ, जो अमेरिकी कंप्यूटर कंपनी सिंबॉलिक्स आईएनसी के लिए था। इसकी यात्रा अद्वितीय रही।
उस समय इंटरनेट अभी प्रारंभिक चरण में था और मुख्य रूप से विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों तक सीमित था। डोमेन नेम सिस्टम (डीएनएस) नया था, और उस समय कोई सर्च इंजन, ब्राउज़र या ई-कॉमर्स नहीं था। यह रजिस्ट्रेशन उनके वर्कस्टेशन के लिए एक डिजिटल पहचान बनाने का एक व्यावहारिक कदम था। यह "सेकंड-लेवल" डॉट कॉम डोमेन था और इसने कमर्शियल इंटरनेट युग का आरंभ किया।
हर खूबसूरत शुरुआत का परिणाम उतना ही अच्छा हो, यह जरूरी नहीं है! ऐसे ही कुछ सिंबॉलिक्स के साथ हुआ। बदलाव की लहर चल रही थी। 1980 के दशक के अंत में पीसी क्रांति का युग था। "लिस्प मशीन युग" समाप्त होने लगा। सस्ते, सामान्य उपयोग वाले कंप्यूटर और वर्कस्टेशन की मांग बढ़ने लगी, जिससे महंगे लिस्प मशीनों का उपयोग कम हो गया।
प्रतिस्पर्धा और तकनीकी परिवर्तनों का सामना करते हुए, सिंबॉलिक्स समस्याओं के जाल में फंसती चली गई। घटती मांग और प्रबंधन की समस्याओं के कारण इसका ग्राफ "तेजी से नीचे गिरने" लगा। परिणामस्वरूप, 7 मई, 1996 को मूल सिंबॉलिक्स डॉट आईएनसी बंद हो गई।
2005 तक, बचे हुए मशीनों के लिए सेवा अनुबंध और बाद में 2016 तक यूएस रक्षा विभाग के साथ रखरखाव अनुबंध से इसे सहायता मिलती रही। अगस्त 2009 में, इस डोमेन को एक्सएफ डॉट कॉम इंवेस्टमेंट्स (अब नैपकिन डॉट कॉम) के एरन मायरस्डेट ने खरीद लिया। लेकिन आज भी सिंबॉलिक्स की विरासत को देखा जा सकता है। नैपकिन डॉट कॉम ने इसे एक ऑनलाइन म्यूजियम के रूप में जीवित रखा है।
यह भी महत्वपूर्ण है क्योंकि डोमेन नेम सिस्टम के माध्यम से वेबसाइटों को आसान पहचान देने का आरंभ इसी से हुआ था।
आज अरबों वेबसाइटों की दुनिया जिस आधार पर खड़ी है, उसकी पहली ईंट 15 मार्च 1985 को रखी गई थी।