तेहरान में 9 मई से 100% सरकारी उपस्थिति अनिवार्य, गवर्नर मोतेमिदियन का आदेश

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तेहरान में 9 मई से 100% सरकारी उपस्थिति अनिवार्य, गवर्नर मोतेमिदियन का आदेश

सारांश

40 दिनों के अमेरिका-इजरायल सैन्य हमलों के बाद तेहरान के गवर्नर ने 9 मई से सभी सरकारी कार्यालयों में 100% उपस्थिति का आदेश दिया है — लेकिन संघर्ष विराम अभी भी अनिश्चित है, IMF ने 70% महंगाई की चेतावनी दी है और फुजैराह हमले में तीन भारतीय घायल हो चुके हैं।

मुख्य बातें

तेहरान के गवर्नर मोहम्मद सदेग मोतेमिदियन ने 9 मई 2025 से सभी सरकारी कार्यालयों में 100% स्टाफ उपस्थिति का आदेश दिया।
40 दिनों तक चले अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों के बाद तेहरान में सामान्य जन-जीवन की बहाली की कोशिश शुरू।
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पुनरारंभ की घोषणा शिक्षा मंत्रालय अलग से करेगा।
फुजैराह तेल पोर्ट पर ईरानी हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल; भारत ने कड़ी निंदा की।
IMF के अनुसार ईरान में इस वर्ष महंगाई दर 70 प्रतिशत तक पहुँच सकती है।
अमेरिका और इजरायल ने चेतावनी दी है कि संघर्ष विराम प्रस्ताव न माने जाने पर संघर्ष फिर शुरू हो सकता है।

तेहरान के गवर्नर मोहम्मद सदेग मोतेमिदियन ने गुरुवार, 7 मई को घोषणा की कि ईरान की राजधानी तेहरान में सभी मंत्रालय, सरकारी संगठन और कार्यकारी एजेंसियाँ 9 मई (शनिवार) से 100 प्रतिशत स्टाफ के साथ पूर्ण क्षमता पर कार्य करना शुरू करेंगी। यह जानकारी अर्द्ध-आधिकारिक मेहर न्यूज एजेंसी ने दी। 40 दिनों तक चले अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों के बाद यह पहला बड़ा कदम है, जो तेहरान में सामान्य जन-जीवन की बहाली की दिशा में उठाया गया है।

गवर्नर का आदेश: क्या है निर्देश

गवर्नर मोतेमिदियन के अनुसार, सभी सरकारी विभाग 9 मई से 100 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ काम करेंगे। हालाँकि, स्कूलों और विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों के पुनरारंभ की जानकारी संबंधित शिक्षा मंत्रालय अलग से जारी करेगा। यह आदेश उस समय आया है जब पिछले दो-तीन हफ्तों से तेहरान में धीरे-धीरे सामान्य जीवन की झलक दिखाई देने लगी है।

संघर्ष विराम के बावजूद अनिश्चितता बरकरार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान के नागरिक अभी भी सशंकित हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक ओर डील की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर धमकी भी दे रहे हैं। इजरायल भी इसी रुख पर कायम है। दोनों देशों ने स्पष्ट कहा है कि यदि ईरान संघर्ष विराम समझौते के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो संघर्ष फिर से शुरू हो सकता है।

फुजैराह हमला और भारतीय नागरिक घायल

यह अनिश्चितता सोमवार को और गहरा गई जब अमेरिका ने दो ईरानी सैन्य नौकाओं पर हमला किया। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने यूएई स्थित फुजैराह तेल पोर्ट पर एक टैंकर को निशाना बनाया। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक भी घायल हो गए, जिसकी भारत समेत कई देशों ने कड़े शब्दों में निंदा की।

आर्थिक संकट: IMF का 70% महंगाई का अनुमान

युद्ध का आर्थिक असर भी गहरा रहा है। कई नागरिकों की नौकरियाँ जा चुकी हैं और महंगाई तेज़ी से बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमान के अनुसार, ईरान में इस वर्ष महंगाई दर 70 प्रतिशत तक पहुँच सकती है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देश पहले से ही दशकों के प्रतिबंधों से जूझ रहा था।

आगे क्या होगा

सरकारी कार्यालयों की पूर्ण बहाली तेहरान की जन-जीवन वापसी का एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक कदम दोनों है। लेकिन जब तक अमेरिका-ईरान के बीच कोई स्थायी समझौता नहीं होता और इजरायल की भूमिका स्पष्ट नहीं होती, तब तक स्थिति नाज़ुक बनी रहेगी। अगले कुछ हफ्ते यह तय करेंगे कि तेहरान की यह बहाली टिकाऊ है या महज़ एक अस्थायी राहत।

संपादकीय दृष्टिकोण

असलियत नहीं — क्योंकि जब तक अमेरिका और इजरायल की धमकियाँ बरकरार हैं और IMF 70% महंगाई का अनुमान लगा रहा है, तब तक 'सामान्य जीवन' महज़ एक सरकारी घोषणा है। फुजैराह हमले में तीन भारतीय नागरिकों का घायल होना यह भी बताता है कि यह संघर्ष अब क्षेत्रीय सीमाएँ पार कर चुका है और इसके असर दूर-दूर तक पड़ रहे हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि ईरान की आम जनता दोहरे दबाव में है — बाहरी सैन्य खतरे और भीतरी आर्थिक बर्बादी। बिना किसी बाध्यकारी संघर्ष विराम समझौते के, यह बहाली उतनी ही नाज़ुक है जितनी कि अगले हमले की आशंका।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेहरान में 9 मई से सरकारी कार्यालय 100% क्षमता पर क्यों खुल रहे हैं?
तेहरान के गवर्नर मोहम्मद सदेग मोतेमिदियन ने 7 मई को घोषणा की कि 40 दिनों के अमेरिका-इजरायल सैन्य हमलों के बाद राजधानी में सामान्य जीवन बहाल करने के लिए 9 मई से सभी मंत्रालय और सरकारी एजेंसियाँ 100% स्टाफ के साथ काम करेंगी। यह आदेश मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार दिया गया है।
क्या ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष विराम हो गया है?
पूर्ण और बाध्यकारी संघर्ष विराम समझौता अभी तक नहीं हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल दोनों ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता तो संघर्ष फिर शुरू हो सकता है, जिससे स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।
फुजैराह तेल पोर्ट हमले में भारतीयों को क्या नुकसान हुआ?
ईरान द्वारा यूएई स्थित फुजैराह तेल पोर्ट पर एक टैंकर को निशाना बनाए जाने के बाद तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए। भारत समेत कई देशों ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की।
ईरान में महंगाई की स्थिति कितनी गंभीर है?
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमान के अनुसार ईरान में इस वर्ष महंगाई दर 70 प्रतिशत तक पहुँच सकती है। युद्ध के कारण कई नागरिकों की नौकरियाँ जा चुकी हैं और आर्थिक नुकसान बड़े पैमाने पर हुआ है।
तेहरान में स्कूल और विश्वविद्यालय कब खुलेंगे?
गवर्नर के आदेश के अनुसार स्कूलों और विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों के पुनरारंभ की घोषणा संबंधित शिक्षा मंत्रालय अलग से करेगा। अभी तक इसकी कोई आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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