तिब्बत बाढ़-भूस्खलन: लापता विदेशी नागरिकों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू, 16 मौतें, 546 लापता
सारांश
मुख्य बातें
चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (TAR) में 26 अगस्त 2025 को आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद लापता विदेशी नागरिकों की तलाश जारी है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि TAR के अधिकारियों ने लापता विदेशी नागरिकों के परिजनों की सहायता के लिए दो विशेष 24 घंटे अंग्रेजी भाषा हेल्पलाइन सक्रिय की हैं। इस आपदा में चीन की ओर अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है और 546 लोग लापता बताए गए हैं।
हेल्पलाइन नंबर और दूतावास की अपील
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि TAR के अधिकारियों ने लापता विदेशी नागरिकों के बारे में जानकारी पाने के इच्छुक परिवारों की सहायता के लिए ये हेल्पलाइन शुरू की हैं। परिजन हॉटलाइन नंबर 0086-891-6817165 और 0086-183-0802-6705 पर संपर्क कर सकते हैं। ये नंबर विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयोगी हैं जो चीन के बाहर रहते हैं और अपने प्रियजनों की खोज-खबर लेना चाहते हैं।
आपदा का विवरण और व्यापक नुकसान
यह विनाशकारी आपदा 26 अगस्त, बुधवार को हिमालयी क्षेत्र में एक ग्लेशियर के टूटने के बाद आई, जिससे तेज़ बाढ़ का पानी और मलबा चीन-नेपाल सीमा से लगे इलाकों में फैल गया। कई सड़कें, पुल और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुँचाना बेहद मुश्किल हो गया है। गौरतलब है कि हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर पिघलने की बढ़ती दर के चलते इस तरह की आकस्मिक बाढ़ की घटनाएँ पिछले कुछ वर्षों में अधिक बार देखी जा रही हैं।
नेपाल में भी बाढ़ का खतरा बरकरार
पड़ोसी देश नेपाल में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने रविवार को बाढ़ संबंधी चेतावनी जारी करते हुए बताया कि रसुवा जिले की भोटेसी नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन जिलों में खोज, बचाव और राहत कार्यों में लगे सभी लोगों तथा नदी किनारे रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने का अनुरोध किया है।
नेपाल के जल एवं मौसम विज्ञान विभाग के अंतर्गत आने वाले बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग के अनुसार, धाडिंग जिले के गल्छी क्षेत्र में त्रिशूली नदी का जलस्तर सामान्य स्तर से करीब तीन मीटर ऊपर पहुँच गया है। लगातार खराब मौसम और वर्षा के कारण स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
राहत एवं बचाव कार्य
चीनी और नेपाली अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान जारी रखे हुए हैं, हालाँकि क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के कारण दुर्गम इलाकों तक पहुँचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब हिमालयी क्षेत्र में मानसून का मौसम अभी भी सक्रिय है, जिससे और अधिक बारिश और संभावित भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
आगे की स्थिति
अधिकारियों ने नदी किनारे बसे समुदायों और राहत कर्मियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारतीय दूतावास की ओर से जारी इस एडवाइजरी से भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों को तिब्बत में लापता हुए विदेशी नागरिकों की जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।