नेपाल-चीन सीमा पर बाढ़: 90 अमेरिकी नागरिक लापता, 5 सुरक्षित; अमेरिका ने भेजे विशेषज्ञ
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने 28 अगस्त 2026 को पुष्टि की कि करीब 90 अमेरिकी नागरिक अभी भी लापता हैं, जबकि पाँच नागरिक सुरक्षित रूप से नेपाल पहुँच चुके हैं। विभाग के अनुसार, अब तक किसी भी अमेरिकी नागरिक की मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई है।
विदेश विभाग का आधिकारिक बयान
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया, '28 अगस्त को सुबह 6 बजे ईएसटी तक विदेश विभाग को नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में लगभग 90 अमेरिकी नागरिकों के लापता होने की जानकारी है। हम पुष्टि कर सकते हैं कि पाँच अमेरिकी नागरिक सुरक्षित रूप से नेपाल पहुँच चुके हैं। इस समय किसी अमेरिकी नागरिक की मृत्यु की जानकारी नहीं है।' प्रवक्ता ने आपदा में प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
बचाव अभियान और दूतावास की कार्रवाई
काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास और चीन में मौजूद अमेरिकी दूतावास, स्थानीय प्रशासन तथा टूर ऑपरेटरों के साथ समन्वय कर प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों का पता लगाने में जुटे हैं। विदेश विभाग ने काठमांडू दूतावास में अतिरिक्त काउंसलर अधिकारियों की तैनाती की है, जिन्हें चौबीसों घंटे सहायता और आपातकालीन पूछताछ का जवाब देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नेपाल के नेतृत्व में खोज एवं बचाव अभियान जारी है, और अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि नेपाल सरकार अनुरोध करती है, तो वह समन्वित बचाव कार्यों में सहायता देने के लिए तैयार है।
अमेरिकी आपात सहायता
अमेरिकी सरकार ने कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज के माध्यम से नेपाल के लिए 5 लाख डॉलर की आपात सहायता देने की घोषणा की है। इस राशि का उपयोग बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आश्रय, राहत सामग्री, भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों को भी क्षेत्र में भेजा गया है।
प्रभावित नागरिकों के लिए निर्देश
रसुवा सहित नेपाल के अन्य प्रभावित इलाकों में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास से तत्काल संपर्क करने को कहा गया है। उनसे अपना नाम, वर्तमान स्थान, स्थिति और टूर या ट्रेकिंग कंपनी की जानकारी साझा करने की अपील की गई है। अधिकारियों ने यह भी चेताया है कि प्रभावित क्षेत्र बेहद दुर्गम होने के कारण व्यक्तिगत मामलों की पुष्टि में समय लग सकता है।
आगे की स्थिति
अमेरिका ने अपने नागरिकों से स्थानीय समाचारों पर नज़र रखने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (STEP) में पंजीकरण कराने की अपील की है। यह आपदा ऐसे समय में आई है जब नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून की वजह से बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएँ बढ़ रही हैं, और बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक ट्रेकिंग के लिए इन इलाकों में मौजूद रहते हैं।