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नेपाल बाढ़: ट्रंप ने $5 लाख की आपातकालीन सहायता भेजी, 90 अमेरिकी नागरिक प्रभावित

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नेपाल बाढ़: ट्रंप ने $5 लाख की आपातकालीन सहायता भेजी, 90 अमेरिकी नागरिक प्रभावित

सारांश

नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नेपाल को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और $5 लाख की आपातकालीन राहत राशि भेजी। लगभग 90 अमेरिकी नागरिक प्रभावित हैं, जिनमें आध्यात्मिक यात्रा पर गए सामुदायिक नेता भी शामिल हैं।

मुख्य बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 अगस्त को नेपाल को हर संभव सहायता देने की पेशकश की।
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ से लगभग 90 अमेरिकी नागरिक प्रभावित; 3 नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया।
अमेरिका ने कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज के माध्यम से $5 लाख (पाँच लाख डॉलर) की आपातकालीन राहत राशि जारी की।
एक डिजास्टर रिस्पॉन्स एडवाइजर क्षेत्र में तैनात; नेपाल और चीन में अमेरिकी दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय में।
सांसद राजा कृष्णमूर्ति और सुहास सुब्रमण्यम ने विदेश विभाग से और अधिक संसाधन लगाने की माँग की।
कुछ लापता अमेरिकी नागरिक आध्यात्मिक उद्देश्य से हिमालय क्षेत्र की यात्रा पर गए सामुदायिक नेता बताए गए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 अगस्त को घोषणा की कि अमेरिका नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल को हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस आपदा से लगभग 90 अमेरिकी नागरिक प्रभावित हो सकते हैं, जबकि तीन अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

ट्रंप का बयान और अमेरिकी प्रतिक्रिया

व्हाइट हाउस में गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'हमने नेपाल से संपर्क किया है और उन्हें जो भी मदद चाहिए, उसकी पेशकश की है। यह बहुत भयानक आपदा थी।' विदेश विभाग ने पुष्टि की कि गुरुवार सुबह 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक किसी अमेरिकी नागरिक की मृत्यु की जानकारी नहीं मिली थी।

अमेरिका ने इस क्षेत्र में एक डिजास्टर रिस्पॉन्स एडवाइजर तैनात किया है और कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज के माध्यम से अपनी वैश्विक सहायता योजना के तहत $5 लाख (पाँच लाख डॉलर) की आपातकालीन राहत राशि उपलब्ध कराई है। यह धनराशि बाढ़ प्रभावित इलाकों में अस्थायी आश्रय, राहत सामग्री, स्वच्छ पानी, सफाई व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपयोग की जाएगी।

खोज और बचाव अभियान

विदेश विभाग के एक प्रवक्ता के अनुसार, नेपाल के नेतृत्व में खोज और बचाव अभियान निरंतर जारी है। नेपाल और चीन में स्थित अमेरिकी दूतावास स्थानीय टूर ऑपरेटरों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय कर प्रभावित क्षेत्रों में अमेरिकी नागरिकों की सहायता कर रहे हैं। विदेश विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से स्थानीय समाचारों पर नज़र रखने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम में पंजीकरण कराने की अपील की है।

भारतीय-अमेरिकी सांसदों की माँग

भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति (इलिनोइस) और सुहास सुब्रमण्यम (वर्जीनिया का 10वाँ कांग्रेसनल जिला) ने अलग-अलग बयान जारी कर विदेश विभाग से लापता अमेरिकी नागरिकों की तलाश में और अधिक संसाधन लगाने की माँग की।

कृष्णमूर्ति ने कहा, 'विदेश विभाग को खोज और बचाव अभियान में हर उपलब्ध संसाधन का इस्तेमाल करना चाहिए और नेपाल व क्षेत्र के अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम करना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा, 'नेपाल और तिब्बत में आई इस विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ मेरी संवेदनाएँ हैं, खासकर उन सैकड़ों लोगों के साथ जो अभी भी लापता हैं।'

सुब्रमण्यम ने बताया कि उत्तरी वर्जीनिया के उनके कई मतदाता इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा, 'उनमें से कुछ लोग आध्यात्मिक जुड़ाव की तलाश में हिमालय गए थे।' उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कुछ लापता लोग सामुदायिक नेता थे जो आध्यात्मिक उद्देश्य से हिमालय क्षेत्र की यात्रा पर निकले थे। उनका कार्यालय विदेश विभाग के निरंतर संपर्क में है।

आगे क्या होगा

नेपाल में प्रभावित अमेरिकी नागरिक अमेरिकी दूतावास, काठमांडू से सीधे संपर्क कर सकते हैं। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, खोज-बचाव अभियान जारी है और लापता नागरिकों की पहचान के प्रयास तेज़ किए जा रहे हैं। यह आपदा ऐसे समय में आई है जब हिमालय क्षेत्र में मानसूनी बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएँ पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजनयिक संदेश स्पष्ट है। उल्लेखनीय यह है कि भारतीय-अमेरिकी सांसदों का सक्रिय हस्तक्षेप दर्शाता है कि दक्षिण एशियाई-अमेरिकी समुदाय इस आपदा से सीधे जुड़ा है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर नज़रअंदाज़ करती है वह यह है कि लापता लोगों में आध्यात्मिक यात्रा पर गए सामुदायिक नेता हैं — यह पहलू पीड़ितों की पहचान और परिवारों की पीड़ा को और गहरा बनाता है। हिमालय क्षेत्र में बाढ़ की बढ़ती आवृत्ति के बीच अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहतर पूर्व-चेतावनी प्रणाली की ज़रूरत पर यह घटना गंभीर सवाल उठाती है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ से कितने अमेरिकी नागरिक प्रभावित हैं?
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस बाढ़ से लगभग 90 अमेरिकी नागरिक प्रभावित हो सकते हैं। इनमें से 3 नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 28 अगस्त की सुबह तक किसी अमेरिकी की मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई थी।
अमेरिका ने नेपाल बाढ़ के लिए कितनी सहायता राशि भेजी है?
अमेरिका ने कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज के माध्यम से अपनी वैश्विक सहायता योजना के तहत $5 लाख (पाँच लाख डॉलर) की आपातकालीन राहत राशि उपलब्ध कराई है। यह राशि अस्थायी आश्रय, स्वच्छ पानी, सफाई व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च की जाएगी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने नेपाल बाढ़ पर क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि अमेरिका ने नेपाल से संपर्क किया है और उन्हें जो भी मदद चाहिए, उसकी पेशकश की है। उन्होंने इसे 'बहुत भयानक आपदा' बताया।
लापता अमेरिकी नागरिक नेपाल में क्यों गए थे?
सांसद सुहास सुब्रमण्यम के अनुसार, लापता लोगों में कुछ सामुदायिक नेता थे जो आध्यात्मिक उद्देश्य से हिमालय क्षेत्र की यात्रा पर गए थे। इनमें उत्तरी वर्जीनिया के कई मतदाता भी शामिल बताए गए हैं।
नेपाल में फंसे अमेरिकी नागरिक मदद के लिए कहाँ संपर्क करें?
विदेश विभाग ने प्रभावित अमेरिकी नागरिकों से काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास से संपर्क करने की अपील की है। साथ ही, उन्हें स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम में पंजीकरण कराने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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