नेपाल बाढ़ त्रासदी: 450 से ज्यादा मौतें, Apple CEO टिम कुक ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई, जिसमें अब तक 450 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस विनाशकारी जल आपदा के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद का सिलसिला शुरू हो गया है — Apple के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक ने जमीनी राहत कार्यों के लिए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
आपदा का कारण और प्रभावित क्षेत्र
आपदा विशेषज्ञों के अनुसार, भोटेकोसी नदी की सहायक नदी 'ल्हेन्डे' का प्रवाह एक हिमस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया, जिससे अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई। सबसे पहले नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट रसुवागढ़ी क्षेत्र में स्थित तिमुरे गाँव इसकी चपेट में आया। रिपोर्टों के अनुसार, उस समय इलाके में वर्षा नहीं हो रही थी, इसलिए स्थानीय लोगों को इस आपदा का कोई पूर्वाभास नहीं था और वे अपनी दैनिक दिनचर्या में व्यस्त थे।
टिम कुक और Apple की प्रतिक्रिया
Apple के सीईओ टिम कुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस त्रासदी के प्रति शोक व्यक्त किया। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'नेपाल और तिब्बत में आई भयावह बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित सभी लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में मदद के लिए Apple जमीनी स्तर पर चल रहे प्रयासों को समर्थन देने हेतु एक आर्थिक सहायता राशि दान कर रहा है।' यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तकनीकी कंपनियों से मानवीय संकटों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा बढ़ रही है।
भारत की राहत कार्रवाई
भारत ने पड़ोसी देश नेपाल के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए तत्काल राहत सामग्री भेजने का अभियान शुरू किया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि बुधवार को 10 टन मानवीय सहायता की पहली खेप और गुरुवार को 37.5 टन की दूसरी खेप नेपाल रवाना की गई। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने यह राहत सामग्री औपचारिक रूप से नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी। इस सहायता में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक वस्तुएँ शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग का विस्तार
भारत के अतिरिक्त अन्य देश भी नेपाल की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। गौरतलब है कि नेपाल हर वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं से जूझता है, लेकिन इस बार हिमस्खलन जनित फ्लैश फ्लड ने स्थिति को असाधारण रूप से गंभीर बना दिया। नेपाल और तिब्बत दोनों क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ का असर एक साथ देखा गया।
आगे की स्थिति
राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी हैं और मृतकों की संख्या में बदलाव की आशंका बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में संचार और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण राहत पहुँचाने में चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिल रहे सहयोग से पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।