28 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नेपाल बाढ़ त्रासदी: 450 से ज्यादा मौतें, Apple CEO टिम कुक ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नेपाल बाढ़ त्रासदी: 450 से ज्यादा मौतें, Apple CEO टिम कुक ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान

सारांश

नेपाल में 26 अगस्त को आई हिमस्खलन जनित फ्लैश फ्लड ने 450 से अधिक जानें ले लीं। Apple CEO टिम कुक ने एक्स पर शोक जताते हुए जमीनी राहत कार्यों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। भारत ने कुल 47.5 टन मानवीय सहायता नेपाल भेजी है।

मुख्य बातें

नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड में अब तक 450 से अधिक लोगों की मौत।
Apple के सीईओ टिम कुक ने एक्स पर पोस्ट कर जमीनी राहत कार्यों के लिए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
बाढ़ का कारण भोटेकोसी नदी की सहायक नदी 'ल्हेन्डे' का हिमस्खलन के कारण अवरुद्ध होना था।
जयशंकर के अनुसार भारत ने बुधवार को 10 टन और गुरुवार को 37.5 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी।
राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने राहत सामग्री मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी।

नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई, जिसमें अब तक 450 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस विनाशकारी जल आपदा के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद का सिलसिला शुरू हो गया है — Apple के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक ने जमीनी राहत कार्यों के लिए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

आपदा का कारण और प्रभावित क्षेत्र

आपदा विशेषज्ञों के अनुसार, भोटेकोसी नदी की सहायक नदी 'ल्हेन्डे' का प्रवाह एक हिमस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया, जिससे अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई। सबसे पहले नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट रसुवागढ़ी क्षेत्र में स्थित तिमुरे गाँव इसकी चपेट में आया। रिपोर्टों के अनुसार, उस समय इलाके में वर्षा नहीं हो रही थी, इसलिए स्थानीय लोगों को इस आपदा का कोई पूर्वाभास नहीं था और वे अपनी दैनिक दिनचर्या में व्यस्त थे।

टिम कुक और Apple की प्रतिक्रिया

Apple के सीईओ टिम कुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस त्रासदी के प्रति शोक व्यक्त किया। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'नेपाल और तिब्बत में आई भयावह बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित सभी लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में मदद के लिए Apple जमीनी स्तर पर चल रहे प्रयासों को समर्थन देने हेतु एक आर्थिक सहायता राशि दान कर रहा है।' यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तकनीकी कंपनियों से मानवीय संकटों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा बढ़ रही है।

भारत की राहत कार्रवाई

भारत ने पड़ोसी देश नेपाल के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए तत्काल राहत सामग्री भेजने का अभियान शुरू किया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि बुधवार को 10 टन मानवीय सहायता की पहली खेप और गुरुवार को 37.5 टन की दूसरी खेप नेपाल रवाना की गई। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने यह राहत सामग्री औपचारिक रूप से नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी। इस सहायता में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक वस्तुएँ शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग का विस्तार

भारत के अतिरिक्त अन्य देश भी नेपाल की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। गौरतलब है कि नेपाल हर वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं से जूझता है, लेकिन इस बार हिमस्खलन जनित फ्लैश फ्लड ने स्थिति को असाधारण रूप से गंभीर बना दिया। नेपाल और तिब्बत दोनों क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ का असर एक साथ देखा गया।

आगे की स्थिति

राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी हैं और मृतकों की संख्या में बदलाव की आशंका बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में संचार और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण राहत पहुँचाने में चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिल रहे सहयोग से पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कॉर्पोरेट दान की वास्तविक राशि सार्वजनिक नहीं की गई — जो पारदर्शिता का अभाव दर्शाती है। भारत की त्वरित प्रतिक्रिया — 47.5 टन सहायता दो दिनों में — पड़ोस-प्रथम नीति का व्यावहारिक उदाहरण है, लेकिन दीर्घकालिक पुनर्निर्माण के लिए संस्थागत तंत्र की ज़रूरत होगी, जो अभी तक स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ का कारण क्या था?
भोटेकोसी नदी की सहायक नदी 'ल्हेन्डे' का प्रवाह एक हिमस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया, जिससे अचानक फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी। उस समय इलाके में वर्षा नहीं हो रही थी, इसलिए लोगों को इसका कोई पूर्वाभास नहीं था।
नेपाल बाढ़ में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
रिपोर्टों के अनुसार, 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में अब तक 450 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं और यह संख्या बदल सकती है।
Apple के CEO टिम कुक ने नेपाल के लिए क्या किया?
टिम कुक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर नेपाल और तिब्बत में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने घोषणा की कि Apple जमीनी स्तर पर चल रहे राहत और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए आर्थिक सहायता दान कर रहा है।
भारत ने नेपाल को कितनी राहत सामग्री भेजी?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अनुसार, भारत ने बुधवार को 10 टन और गुरुवार को 37.5 टन — कुल 47.5 टन — मानवीय सहायता नेपाल भेजी। यह सामग्री राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल के मंत्री खड़क राज पौडेल को सौंपी।
नेपाल बाढ़ से सबसे पहले कौन-सा क्षेत्र प्रभावित हुआ?
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास रसुवागढ़ी क्षेत्र में स्थित तिमुरे गाँव इस आपदा से सबसे पहले प्रभावित हुआ। इसके बाद बाढ़ और भूस्खलन का असर व्यापक क्षेत्र में फैल गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 17 घंटे पहले
  2. कल
  3. कल
  4. कल
  5. कल
  6. कल
  7. कल
  8. 10 महीने पहले