ट्रंप का ऐलान: पोलैंड में 5,000 अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक भेजे जाएंगे, पेंटागन की देरी के बाद बड़ा फैसला
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 मई 2026 को घोषणा की कि उनकी सरकार पोलैंड में 5,000 अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक भेजेगी। यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब पेंटागन ने हाल ही में पोलैंड में 4,000 से अधिक सैनिकों की नियोजित तैनाती को अचानक टाल दिया था।
ट्रंप की घोषणा: क्या कहा
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, 'पोलैंड के राष्ट्रपति कैरोल नवरोकी की सफल जीत और उनके साथ हमारे अच्छे रिश्तों को देखते हुए, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका पोलैंड में अतिरिक्त 5,000 सैनिक भेजेगा। मुझे राष्ट्रपति का समर्थन करने पर गर्व है।' गौरतलब है कि कैरोल नवरोकी पिछले साल पोलैंड के राष्ट्रपति चुने गए थे।
पेंटागन की भूमिका और विरोधाभास
यह घोषणा पेंटागन द्वारा पोलैंड में 4,000 से अधिक यूएस-आधारित सैनिकों की नियोजित तैनाती को अचानक रद्द करने के ठीक एक सप्ताह बाद आई है। अमेरिकी सेना के कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ क्रिस्टोफर लानेव ने पिछले हफ्ते कांग्रेस की सुनवाई में खुलासा किया कि जब पेंटागन ने तैनाती रद्द की, तब अमेरिकी यूरोपीय कमांड के प्रमुख को 'सैनिकों की संख्या कम करने' के निर्देश दिए गए थे।
लानेव ने 'दूसरी आर्म्ड ब्रिगेड कॉम्बैट टीम' का उल्लेख करते हुए कहा, 'मैंने उनके साथ मिलकर इस पर चर्चा की कि कौन-सी यूनिट कम की जाए, और यह फैसला लिया गया कि उस ब्रिगेड की तैनाती फिलहाल न की जाए।' उन्होंने यह भी बताया कि यूनिट के कुछ हिस्से पहले ही विदेश भेजे जा चुके थे और सैन्य सामान रास्ते में था। तैनाती रद्द करने का आदेश अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के दफ्तर से आया था, हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई।
यूरोप में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समय यूरोप में करीब 80,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं, जिनमें से लगभग 10,000 पोलैंड में तैनात हैं। यदि नई घोषणा अमल में आती है, तो पोलैंड में अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या 15,000 के करीब पहुँच सकती है।
इससे पहले पेंटागन ने यह भी घोषणा की थी कि अगले 6 से 12 महीनों में करीब 5,000 अमेरिकी सैनिकों को जर्मनी से वापस बुलाया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब नाटो सदस्य देश यूरोप में रूसी खतरे को लेकर चिंतित हैं।
क्या होगा आगे
ट्रंप की इस घोषणा के बाद अब सवाल यह है कि क्या पेंटागन इस बार तैनाती को समय पर पूरा करेगा, या फिर से प्रशासनिक अड़चनें आएंगी। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, व्हाइट हाउस और पेंटागन के बीच नीतिगत तालमेल की कमी यूरोपीय सहयोगियों में अनिश्चितता बढ़ा सकती है।