ट्रंप के $1.8 अरब 'एंटी-वेपनाइजेशन फंड' पर कोर्ट की रोक, डेमोक्रेट्स ने 'ड्रेन द स्लश फंड एक्ट' पेश किया
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी न्याय विभाग ने सोमवार, 2 जून को स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादित 'एंटी-वेपनाइजेशन फंड' को फ्रीज करने वाले संघीय अदालत के आदेश का पालन करेगा, भले ही विभाग इस फैसले से असहमत हो। इसी बीच, सीनेट में डेमोक्रेट सांसदों ने इस 1.8 अरब डॉलर की योजना को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए एक नया विधेयक पेश कर दिया है।
अदालत का आदेश और न्याय विभाग का रुख
अमेरिकी जिला न्यायाधीश लियोनी ब्रिंकमा ने अस्थायी रूप से सरकार को इस फंड से जुड़ी किसी भी आगे की कार्रवाई से रोक दिया। अदालत के आदेश के अनुसार, सरकार 12 जून को होने वाली सुनवाई तक इस फंड में पैसे स्थानांतरित नहीं कर सकती, न ही दावों पर विचार कर सकती है और न ही किसी को भुगतान कर सकती है।
न्याय विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक बयान में कहा, 'न्याय विभाग इस फैसले से पूरी तरह सहमत नहीं है जो कि यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की पूर्वी वर्जीनिया शाखा के जज ने दिया है, लेकिन विभाग अदालत के आदेश का पालन करेगा।' विभाग ने यह भी कहा कि यह फंड उन लोगों को मुआवजा देने के लिए बनाया गया था जिन्हें 'गलत तरीके से नुकसान पहुंचाया गया या निशाना बनाया गया', चाहे वे किसी भी राजनीतिक विचारधारा के हों।
'ड्रेन द स्लश फंड एक्ट' — डेमोक्रेट्स का विधायी कदम
सीनेट में डेमोक्रेटिक सांसदों एलिसा स्लॉटकिन (मिशिगन), एडम शिफ (कैलिफोर्निया) और मार्क केली (एरिजोना) ने मिलकर 'ड्रेन द स्लश फंड एक्ट' नामक विधेयक पेश किया है। इस विधेयक का मकसद इस फंड को पूरी तरह समाप्त करना और यह सुनिश्चित करना है कि करदाताओं का पैसा राष्ट्रपति, उनके सहयोगियों, दोषी अपराधियों या 6 जनवरी 2021 के कैपिटल हमले में शामिल लोगों को भुगतान के लिए न किया जाए।
स्लॉटकिन ने आरोप लगाया, 'ट्रंप ने सरकारी तंत्र का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए किया है — चाहे वो उनके परिवार की क्रिप्टोकरेंसी हो, स्टॉक ट्रेडिंग में अंदरूनी फायदा हो या माफी बेचने जैसी बातें हों।' उन्होंने इस 1.7 अरब डॉलर के फंड को 'सरकारी पैसे का गलत इस्तेमाल' बताया।
शिफ ने इसे 'अब तक की सबसे खुली भ्रष्ट योजनाओं में से एक' करार दिया और कहा कि इस फंड से एक भी पैसा नहीं दिया जाएगा। केली ने तर्क दिया कि 'जब आम अमेरिकी लोग रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब ट्रंप अपने दोस्तों और सहयोगियों को सरकारी पैसे से फायदा देना चाहते हैं।'
संसदीय जाँच की माँग
सोमवार को ही सीनेट न्याय समिति के डेमोक्रेट सदस्य एलेक्स पडिला और अन्य सांसदों ने न्याय विभाग के इंस्पेक्टर जनरल से इस 'स्लश फंड' की तत्काल जाँच करने की माँग की। उन्होंने इसे 'ऐसा भ्रष्टाचार और दुरुपयोग जो पहले कभी नहीं देखा गया' बताया और पारदर्शिता तथा नियमों पर गंभीर सवाल उठाए।
इस विधेयक में यह भी प्रस्ताव है कि न्याय विभाग के सेटलमेंट फंड पर नई पाबंदियाँ लगाई जाएँ, ताकि किसी मौजूदा राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति की ओर से दायर मामलों से जुड़े किसी भी समझौते या भुगतान को रोका जा सके।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद पिछले महीने न्याय विभाग द्वारा घोषित एक निपटान से जुड़ा है, जो ट्रंप की ओर से इंटर्नल रेवेन्यू सर्विस (IRS) के खिलाफ दायर मुकदमे के सिलसिले में किया गया था। प्रशासन का दावा था कि इस फंड का उद्देश्य उन लोगों को मुआवजा देना है जिन्हें सरकारी कार्रवाई के चलते गलत तरीके से निशाना बनाया गया। आलोचकों का कहना है कि इस फंड की संरचना में पारदर्शिता का अभाव है और इसके लाभार्थियों का चुनाव राजनीतिक आधार पर हो सकता है।
12 जून को होने वाली अदालती सुनवाई और 'ड्रेन द स्लश फंड एक्ट' की विधायी प्रगति यह तय करेगी कि यह विवादित फंड अपने मौजूदा स्वरूप में जीवित रह सकता है या नहीं।