क्या अमेरिका ईरान को मदद देने के लिए तैयार है? : ट्रंप
सारांश
Key Takeaways
- ट्रंप ने ईरान में मदद के लिए अमेरिका की तत्परता व्यक्त की है।
- ईरान में प्रदर्शन आर्थिक समस्याओं के कारण हो रहे हैं।
- ईरान की सेना ने देश की सुरक्षा पर जोर दिया है।
वाशिंगटन, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह घोषणा की है कि ईरान में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनजर, अमेरिका सहायता के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अब स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहा है और यह स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान स्वतंत्रता की दिशा में कदम बढ़ा रहा है और अमेरिका हर संभव सहायता देने के लिए तत्पर है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और अमेरिका के कई अन्य उच्च अधिकारियों ने पूर्व में चेतावनी दी थी कि यदि ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या की जाती है, तो अमेरिका प्रतिक्रिया करने के लिए मजबूर होगा। ट्रंप ने कहा कि यदि लोग मारे गए, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिकी सेना को जमीन पर भेजा जाएगा, बल्कि ऐसे स्थानों पर कड़ा प्रहार किया जाएगा, जहां उन्हें सबसे अधिक चोट पहुंचेगी।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप प्रशासन के बयानों की निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि ये बयान हस्तक्षेपकारी और लोगों को गुमराह करने वाले हैं, और इससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका अब भी ईरानी जनता के प्रति शत्रुतापूर्ण भावनाएं रखता है।
ईरान के विभिन्न शहरों में दिसंबर के अंत से प्रदर्शन हो रहे हैं। इसके पीछे कारण है देश की मुद्रा रियाल का तेजी से गिरना और लंबे समय से चल रही आर्थिक समस्याएं। ईरानी सरकार ने माना है कि प्रदर्शन हुए हैं और कहा है कि वह लोगों की आर्थिक समस्याओं का समाधान करने के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही हिंसा और तोड़-फोड़ के खिलाफ भी चेतावनी दी है।
इस बीच, ईरान की सेना ने कहा है कि वह देश के हितों की रक्षा करेगी और महत्वपूर्ण ढांचों और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा का ध्यान रखेगी। सरकारी प्रसारक के अनुसार, सेना ने लोगों से एकजुट रहने और दुश्मनों की साजिशों को विफल करने का आह्वान किया है।
सेना के बयान में यह आरोप लगाया गया है कि इजरायल और कुछ अन्य दुश्मन आतंकवादी संगठनों ने शहरों में शांति भंग करने और जनता को भड़काने के प्रयास किए हैं। सेना ने कहा कि ये ताकतें ईरानी लोगों के समर्थन के नाम पर एक और विद्रोह भड़काना चाहती हैं। सेना ने जनता से सतर्क रहने और एकजुट होकर दुश्मन का सामना करने का अनुरोध किया है।