ट्रंप की चेतावनी: कम्युनिज्म अमेरिका के लिए WWI, WWII और 9/11 से भी बड़ा खतरा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 जुलाई 2025 को नॉर्थ डकोटा में थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन समारोह में साम्यवाद (कम्युनिज्म) को अमेरिका के समक्ष सबसे गंभीर वैचारिक खतरा करार दिया। उन्होंने कहा कि यह विचारधारा प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, पर्ल हार्बर और 11 सितंबर के आतंकी हमलों से भी बड़ा संकट बन सकती है।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार को आयोजित इस समारोह में ट्रंप ने अमेरिका के 26वें राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट की विरासत को याद करते हुए कम्युनिज्म पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने रूजवेल्ट के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा, 'यदि कम्युनिस्ट समाजवाद के सिद्धांतों का पूरी तरह पालन किया जाए, तो सभ्यता का विनाश हो जाएगा।'
ट्रंप ने कहा, 'आज हम जो देख रहे हैं, उसके मुताबिक कम्युनिज्म हमारे देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है। मुझे लगता है कि यह संभावित रूप से प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, पर्ल हार्बर और 11 सितंबर के आतंकी हमलों से भी बड़ा खतरा बन सकता है, क्योंकि यह कैंसर की तरह फैलता है और इसे जल्दी रोकना जरूरी है।'
रूजवेल्ट की विरासत से जुड़ाव
ट्रंप ने थियोडोर रूजवेल्ट को कम्युनिज्म का 'कट्टर और बेहद मजबूत विरोधी' बताया। उन्होंने रूजवेल्ट की 'न्यू नेशनलिज्म' अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दर्शन में देश और नागरिकों के हितों को दलगत राजनीति, लॉबिस्ट और विशेष हितों से ऊपर रखा गया था। रूजवेल्ट का एक और कथन दोहराते हुए ट्रंप ने कहा, 'आजादी कायरों के हाथों में लंबे समय तक नहीं टिकती।'
गौरतलब है कि थियोडोर रूजवेल्ट ने 1901 से 1909 तक अमेरिका का नेतृत्व किया और नॉर्थ डकोटा में बिताए वर्षों ने उनकी राजनीतिक सोच को गहराई से प्रभावित किया। वे राष्ट्रीय उद्यान प्रणाली के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण नीतियों के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं।
स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ से जुड़ाव
ट्रंप ने अपने भाषण को अमेरिका की स्वतंत्रता घोषणा की 250वीं वर्षगांठ से भी जोड़ा, जिसे 4 जुलाई 2025 को मनाया जाना है। उन्होंने कहा, 'जैसे-जैसे हम अपनी आजादी के 250वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, अमेरिकियों को कभी नहीं भूलना चाहिए कि हम एक ऐतिहासिक, वीर और महान उद्देश्य वाले लोग हैं।' ट्रंप प्रशासन इस अवसर को देशभक्ति और राष्ट्रीय पहचान के बड़े उत्सव के रूप में मना रहा है।
'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे का बचाव
ट्रंप ने अपने 'अमेरिका फर्स्ट' एजेंडे को भी इस भाषण में स्थान दिया। उन्होंने कहा, 'अगर हमारी स्वतंत्रता की घोषणा 250 साल बाद भी कोई मायने रखती है, तो उसका सबसे बड़ा संदेश यही है कि हमारी सरकार का पहला कर्तव्य केवल अमेरिकी लोगों की सेवा करना है।' इसके अलावा उन्होंने आव्रजन, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा नीति, पनामा नहर और ईरान जैसे विषयों पर भी अपने विचार रखे।
संकल्प और आगे की राह
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हम कभी भी अमेरिका को कम्युनिस्ट देश नहीं बनने देंगे। ऐसा कभी नहीं होगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राजनीति में वैचारिक ध्रुवीकरण तेज हो रहा है और ट्रंप प्रशासन अपने दूसरे कार्यकाल में घरेलू एवं वैश्विक स्तर पर अपनी नीतियों को नई धार दे रहा है। थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी का उद्घाटन इस वैचारिक संदेश को ऐतिहासिक संदर्भ में स्थापित करने का एक सुनियोजित मंच बन गया।