ट्रंप का बड़ा बयान: समाजवाद अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा, साम्यवाद से जोड़ा ममदानी को
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 जून 2025 को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान समाजवाद को संयुक्त राज्य अमेरिका के सामने मौजूद सबसे गंभीर वैचारिक खतरा करार दिया। उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर पद के उम्मीदवार जोहरान ममदानी की तीखी आलोचना करते हुए चेतावनी दी कि देश साम्यवाद की दिशा में जा सकता है।
ट्रंप का बयान: 'यह समाजवाद नहीं, साम्यवाद है'
पत्रकारों ने ट्रंप से ममदानी के उस हालिया बयान पर प्रतिक्रिया माँगी, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह समाजवादी उम्मीदवारों के लिए 'पोस्टर चाइल्ड' बनने को तैयार हैं। इस पर ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह हमारे देश के लिए एक बड़ा खतरा है, वास्तव में, क्योंकि यह समाजवाद नहीं है, यह असल में साम्यवाद (कम्युनिज्म) है।'
उन्होंने आगे कहा, 'वे 'सोशल डेमोक्रेट' शब्द का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि यह सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन असल में आप साम्यवाद की बात कर रहे हैं।' ट्रंप के अनुसार यह शब्दों की आड़ में एक गहरे वैचारिक बदलाव की कोशिश है।
ऐतिहासिक घटनाओं से की तुलना
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस वैचारिक खतरे को अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी चुनौतियों से भी ऊपर रखा। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह हमारे राष्ट्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है, शायद हमारे देश की स्थापना के बाद से अब तक का सबसे बड़ा खतरा।' उन्होंने इस क्रम में प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, 11 सितंबर के हमले और पर्ल हार्बर जैसी ऐतिहासिक त्रासदियों का भी उल्लेख किया।
ट्रंप ने स्वीकार किया कि कुछ लोग उनकी इस तुलना को अतिशयोक्ति मान सकते हैं, लेकिन उन्होंने अपने रुख पर अडिग रहते हुए कहा, 'लोग जब मैं यह कहता हूँ तो मुस्कुराएंगे, लेकिन समझदार लोग कहेंगे कि शायद वह सही हैं।'
ओवल ऑफिस सत्र का संदर्भ
यह टिप्पणी एक लंबे ओवल ऑफिस प्रश्नोत्तर सत्र के अंत में आई, जिसमें पहले ईरान, चुनाव कानून, सुप्रीम कोर्ट के फैसले और आव्रजन नीति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बाद में बातचीत घरेलू राजनीति और न्यूयॉर्क नगर निगम चुनाव की ओर मुड़ी, जहाँ ममदानी एक प्रमुख उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं।
अमेरिकी राजनीति में समाजवाद की बहस
अमेरिकी राजनीति में समाजवाद का मुद्दा लंबे समय से विवाद का केंद्र रहा है। प्रगतिशील डेमोक्रेट अपनी नीतियों को सामाजिक लोकतंत्र के रूप में परिभाषित करते हैं, जिसमें स्वास्थ्य सेवा, कराधान और सरकारी व्यय पर जोर दिया जाता है। दूसरी ओर, रिपब्लिकन इसे अर्थव्यवस्था पर सरकारी नियंत्रण के विस्तार के रूप में देखते हैं और इसे अमेरिकी मूल्यों के विरुद्ध बताते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब न्यूयॉर्क में मेयर चुनाव की सरगर्मी तेज है और ममदानी की उम्मीदवारी राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन चुकी है। आने वाले हफ्तों में यह वैचारिक टकराव और गहरा होने की संभावना है।