31 जुलाई 2026
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यूक्रेन का रूस पर पलटवार: सारापुल, कज़ान, वोल्गोग्राड के लॉजिस्टिक्स केंद्रों पर हमला

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यूक्रेन का रूस पर पलटवार: सारापुल, कज़ान, वोल्गोग्राड के लॉजिस्टिक्स केंद्रों पर हमला

सारांश

यूक्रेन ने रूस के गुरुवार के बड़े मिसाइल और ड्रोन हमले का जवाब देते हुए शुक्रवार को सारापुल, कज़ान और वोल्गोग्राड में लॉजिस्टिक्स ठिकानों पर हमले किए — ये ठिकाने 500 से 1,300 किमी दूर थे। जेलेंस्की ने एक्स पर कहा कि यह रूसी युद्ध मशीनरी को उसके संसाधनों से वंचित करने की रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

यूक्रेन ने 31 जुलाई 2026 को रूस के सारापुल, कज़ान और वोल्गोग्राड में लॉजिस्टिक्स केंद्रों पर हमला किया।
ये ठिकाने संपर्क रेखा से 500 से 1,300 किलोमीटर दूर स्थित हैं।
क्रास्नोडार में एक समुद्री टर्मिनल और वोल्गोग्राड में एक तेल रिफाइनरी भी निशाने पर रही।
एक दिन पहले रूस ने यूक्रेन पर 70 से अधिक मिसाइलें और 280 से अधिक ड्रोन दागे थे।
यूक्रेन ने 260 से अधिक ड्रोन मार गिराए; एयर डिफेंस मिसाइलों की कमी गंभीर बनी हुई है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से एयर डिफेंस आपूर्ति में तेज़ी लाने की अपील की।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 31 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि यूक्रेनी बलों ने रूस के तीन अलग-अलग क्षेत्रोंसारापुल, कज़ान और वोल्गोग्राड — में स्थित लॉजिस्टिक्स केंद्रों पर सटीक हमले किए। जेलेंस्की के अनुसार ये ठिकाने संपर्क रेखा से लगभग 500 से 1,300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, जो यूक्रेन की गहरी हमले की क्षमता का प्रदर्शन करते हैं।

हमलों का विवरण

जेलेंस्की ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'हम रूस के उन बुनियादी ढाँचे वाले ठिकानों पर अपने गहरे और मध्यम दूरी के हमले जारी रखे हुए हैं, जो उसकी आक्रामक कार्रवाई को सहारा देते हैं। हमारी लंबी दूरी की कार्रवाई हमेशा उचित जवाब के तौर पर होती है, जिसका मकसद रूसी युद्ध मशीनरी को उसके संसाधनों से वंचित करना है।'

इसके अतिरिक्त, क्रास्नोडार क्षेत्र में फ्रंट लाइन से लगभग 270 किलोमीटर दूर एक समुद्री टर्मिनल को भी निशाना बनाया गया। संपर्क रेखा से करीब 480 किलोमीटर दूर स्थित वोल्गोग्राड क्षेत्र की एक तेल रिफाइनरी पर भी हमला किया गया। आज़ोव सागर में भी यूक्रेनी बलों ने कथित तौर पर सफल हमले किए।

एक दिन पहले रूस का बड़ा मिसाइल हमला

यह पलटवार उस बड़े रूसी हमले के एक दिन बाद हुआ जब गुरुवार को रूस ने यूक्रेन पर 70 से अधिक मिसाइलें दागीं, जिनमें बड़ी संख्या बैलिस्टिक मिसाइलों की थी। साथ ही 280 से अधिक अटैक ड्रोन भी छोड़े गए। प्रभावित इलाकों में कीव, नीपर, ल्वीव, पोल्टावा, खार्किव, मायकोलाइव, सुमी, विन्नित्सिया, चेर्कासी और इवानो-फ्रैंकिव्स्क शामिल थे।

जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन की वायु सेना ने 260 से अधिक ड्रोन मार गिराए और कई क्रूज़ मिसाइलों को भी नष्ट किया। मोबाइल फायर टीमें भी कुछ क्रूज़ मिसाइलों को रोकने में सफल रहीं।

एयर डिफेंस की कमी और सहयोगियों से अपील

जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि सहयोगी देशों से एयर डिफेंस मिसाइलों की गंभीर कमी के बावजूद यूक्रेनी सैनिक असाधारण पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब एयर डिफेंस मिसाइलें समय पर नहीं मिलतीं या आपूर्ति में देरी होती है, तब भी सैनिकों का कौशल लोगों की जान बचाने में मदद करता है।

यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन पश्चिमी देशों पर हथियारों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए लगातार दबाव बना रहा है। गौरतलब है कि एयर डिफेंस प्रणालियों की कमी यूक्रेन के लिए एक बार-बार उठाया जाने वाला मुद्दा बनी हुई है।

जेलेंस्की का संदेश

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, 'हम अपने लोगों की सुरक्षा कर रहे हैं और शांति हासिल करने के लिए जरूरत पड़ने पर आगे भी आवश्यक कदम उठाते रहेंगे।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि रूसी मिसाइल खतरे से निपटना किसी एक देश के बस का काम नहीं है और इसके लिए सामूहिक अंतरराष्ट्रीय प्रयास अनिवार्य है।

संघर्ष के इस नए दौर में दोनों पक्षों के बीच हमलों की तीव्रता बढ़ती दिख रही है, और आने वाले दिनों में कूटनीतिक दबाव और सैन्य गतिविधियाँ दोनों और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

300 किलोमीटर तक की गहराई में हमला करना महज़ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक कूटनीतिक संदेश भी है — कि पश्चिमी हथियारों की आपूर्ति में देरी के बावजूद कीव पीछे हटने को तैयार नहीं। लेकिन जेलेंस्की का एयर डिफेंस मिसाइलों की 'गंभीर कमी' का बार-बार उल्लेख यह भी दर्शाता है कि यूक्रेन की रक्षात्मक क्षमता दबाव में है। यह विरोधाभास — आक्रामक गहरे हमले और रक्षात्मक कमज़ोरी — ही इस संघर्ष की असली जटिलता है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूक्रेन ने रूस के किन क्षेत्रों पर हमला किया?
यूक्रेन ने सारापुल, कज़ान और वोल्गोग्राड में स्थित लॉजिस्टिक्स केंद्रों पर हमला किया, जो संपर्क रेखा से 500 से 1,300 किलोमीटर दूर हैं। इसके अलावा क्रास्नोडार में एक समुद्री टर्मिनल और वोल्गोग्राड में एक तेल रिफाइनरी भी निशाने पर रही।
रूस ने इससे पहले यूक्रेन पर क्या हमला किया था?
गुरुवार को रूस ने यूक्रेन पर 70 से अधिक मिसाइलें और 280 से अधिक अटैक ड्रोन दागे, जिनसे कीव, खार्किव, ल्वीव समेत दस से अधिक क्षेत्र प्रभावित हुए। यूक्रेन ने 260 से अधिक ड्रोन मार गिराए और कई क्रूज़ मिसाइलें भी नष्ट कीं।
जेलेंस्की ने एयर डिफेंस को लेकर क्या कहा?
जेलेंस्की ने कहा कि सहयोगी देशों से एयर डिफेंस मिसाइलों की गंभीर कमी के बावजूद यूक्रेनी सैनिक उच्च पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने साझेदार देशों से आपूर्ति में तेज़ी लाने की अपील की।
यूक्रेन के हमलों का मकसद क्या है?
जेलेंस्की के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य रूसी युद्ध मशीनरी को उसके संसाधनों और आपूर्ति श्रृंखला से वंचित करना है। यह रणनीति रूस की आक्रामक क्षमता को कमज़ोर करने पर केंद्रित है।
आज़ोव सागर में क्या हुआ?
जेलेंस्की ने बताया कि आज़ोव सागर में भी यूक्रेनी बलों ने कथित तौर पर सफल हमले किए, हालाँकि इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया।
राष्ट्र प्रेस
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