यूएन महासचिव गुटेरेस का ईरान-अमेरिका को आग्रह: 60 दिन की समय-सीमा खत्म, बातचीत फिर शुरू करें
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान और अमेरिका से परमाणु विवाद के स्थायी समाधान के लिए तत्काल बातचीत फिर शुरू करने का आग्रह किया है। यह आह्वान तब आया जब 17 जून 2026 के समझौते (एमओयू) के तहत अंतिम डील के लिए तय 60 दिन की समय-सीमा सोमवार को समाप्त हो गई और दोनों पक्षों के बीच कोई निर्णायक सहमति नहीं बन सकी।
यूएन प्रवक्ता का बयान
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि गुटेरेस का संदेश शुरू से एक ही रहा है। उन्होंने कहा, "इस विवाद का कोई सैन्य समाधान नहीं है।" डुजारिक के अनुसार, गुटेरेस ने दोनों देशों से आग्रह किया कि वे "जल्द से जल्द शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान के लिए बातचीत फिर शुरू करें, ताकि सैन्य कार्रवाई से बचा जा सके और हाल के दिनों में सुनी जा रही तीखी बयानबाजी को भी कम किया जा सके।"
60 दिन की समय-सीमा और समझौते का ढाँचा
17 जून के एमओयू में अमेरिका और ईरान दोनों ने "अधिकतम 60 दिनों में बातचीत करके अंतिम डील तक पहुँचने" का वादा किया था, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता था। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) के टूटने के बाद से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध अत्यंत तनावपूर्ण रहे हैं।
ट्रंप का रुख और परमाणु रेखा
समय-सीमा समाप्त होने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, "वे डील करना चाहते हैं, लेकिन वे उस तरह की डील नहीं करेंगे जिसे मैं जरूरी मानता हूँ।" ट्रंप ने बातचीत की विस्तृत स्थिति का खुलासा नहीं किया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना वाशिंगटन का अटल लक्ष्य बना हुआ है। उन्होंने कहा, "ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते, और उनके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। वे परमाणु युद्ध नहीं कर सकते।"
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और नौसैनिक नाकेबंदी
ट्रंप ने दावा किया कि सभी ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी के जरिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका का "पूरा नियंत्रण" है। उन्होंने कहा, "हम नाकेबंदी के जरिए इसे नियंत्रित करते हैं, और मुझे इसे अपना इलाका घोषित करने का विचार पसंद है।" ओमान को लेकर — जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह ईरान के साथ मिलकर जलडमरूमध्य को खोलने की योजना पर काम कर रहा है — ट्रंप ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि उनका व्यवहार बहुत अच्छा रहा, लेकिन हम उनसे बहुत आसानी से निपट लेंगे।"
आगे क्या होगा
समय-सीमा बीत जाने के बाद अब दोनों पक्षों के बीच बातचीत की बहाली की कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं है। कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यदि शीघ्र संवाद नहीं हुआ तो क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता की भूमिका इस संदर्भ में निर्णायक मानी जा रही है।