18 अगस्त 2026
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यूएन महासचिव गुटेरेस का ईरान-अमेरिका को आग्रह: 60 दिन की समय-सीमा खत्म, बातचीत फिर शुरू करें

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यूएन महासचिव गुटेरेस का ईरान-अमेरिका को आग्रह: 60 दिन की समय-सीमा खत्म, बातचीत फिर शुरू करें

सारांश

ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता की 60 दिन की समय-सीमा बिना किसी डील के समाप्त हो गई। यूएन महासचिव गुटेरेस ने सैन्य समाधान को नकारते हुए तत्काल बातचीत की अपील की, जबकि ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर 'पूरे नियंत्रण' का दावा किया और ईरान को परमाणु हथियार रखने से रोकने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य बातें

यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान और अमेरिका से तत्काल बातचीत फिर शुरू करने का आग्रह किया।
17 जून 2026 के एमओयू के तहत अंतिम डील के लिए तय 60 दिन की समय-सीमा सोमवार को समाप्त हो गई।
यूएन प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा, "इस विवाद का कोई सैन्य समाधान नहीं है।" राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा ईरान डील चाहता है लेकिन वह शर्तें मानने को तैयार नहीं जो वाशिंगटन जरूरी मानता है।
ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नौसैनिक नाकेबंदी के जरिए "पूरे नियंत्रण" का दावा किया।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान और अमेरिका से परमाणु विवाद के स्थायी समाधान के लिए तत्काल बातचीत फिर शुरू करने का आग्रह किया है। यह आह्वान तब आया जब 17 जून 2026 के समझौते (एमओयू) के तहत अंतिम डील के लिए तय 60 दिन की समय-सीमा सोमवार को समाप्त हो गई और दोनों पक्षों के बीच कोई निर्णायक सहमति नहीं बन सकी।

यूएन प्रवक्ता का बयान

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि गुटेरेस का संदेश शुरू से एक ही रहा है। उन्होंने कहा, "इस विवाद का कोई सैन्य समाधान नहीं है।" डुजारिक के अनुसार, गुटेरेस ने दोनों देशों से आग्रह किया कि वे "जल्द से जल्द शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान के लिए बातचीत फिर शुरू करें, ताकि सैन्य कार्रवाई से बचा जा सके और हाल के दिनों में सुनी जा रही तीखी बयानबाजी को भी कम किया जा सके।"

60 दिन की समय-सीमा और समझौते का ढाँचा

17 जून के एमओयू में अमेरिका और ईरान दोनों ने "अधिकतम 60 दिनों में बातचीत करके अंतिम डील तक पहुँचने" का वादा किया था, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता था। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) के टूटने के बाद से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध अत्यंत तनावपूर्ण रहे हैं।

ट्रंप का रुख और परमाणु रेखा

समय-सीमा समाप्त होने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, "वे डील करना चाहते हैं, लेकिन वे उस तरह की डील नहीं करेंगे जिसे मैं जरूरी मानता हूँ।" ट्रंप ने बातचीत की विस्तृत स्थिति का खुलासा नहीं किया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना वाशिंगटन का अटल लक्ष्य बना हुआ है। उन्होंने कहा, "ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते, और उनके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। वे परमाणु युद्ध नहीं कर सकते।"

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और नौसैनिक नाकेबंदी

ट्रंप ने दावा किया कि सभी ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी के जरिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका का "पूरा नियंत्रण" है। उन्होंने कहा, "हम नाकेबंदी के जरिए इसे नियंत्रित करते हैं, और मुझे इसे अपना इलाका घोषित करने का विचार पसंद है।" ओमान को लेकर — जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह ईरान के साथ मिलकर जलडमरूमध्य को खोलने की योजना पर काम कर रहा है — ट्रंप ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि उनका व्यवहार बहुत अच्छा रहा, लेकिन हम उनसे बहुत आसानी से निपट लेंगे।"

आगे क्या होगा

समय-सीमा बीत जाने के बाद अब दोनों पक्षों के बीच बातचीत की बहाली की कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं है। कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यदि शीघ्र संवाद नहीं हुआ तो क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ सकता है। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता की भूमिका इस संदर्भ में निर्णायक मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि ओमान पारंपरिक रूप से दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। गुटेरेस की अपील नैतिक रूप से सही है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के पास इसे लागू करने का कोई व्यावहारिक तंत्र नहीं है — और यही इस संकट की सबसे बड़ी विडंबना है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूएन महासचिव गुटेरेस ने ईरान-अमेरिका से क्या आग्रह किया?
गुटेरेस ने ईरान और अमेरिका दोनों से जल्द से जल्द शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान के लिए बातचीत फिर शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विवाद का कोई सैन्य समाधान नहीं है और तीखी बयानबाजी को कम करना जरूरी है।
ईरान-अमेरिका के बीच 60 दिन की समय-सीमा क्या थी?
17 जून 2026 के एमओयू (समझौते) में दोनों देशों ने अधिकतम 60 दिनों में बातचीत करके अंतिम डील तक पहुँचने का वादा किया था, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता था। यह समय-सीमा सोमवार को बिना किसी निर्णायक सहमति के समाप्त हो गई।
ट्रंप ने समय-सीमा खत्म होने पर क्या कहा?
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि ईरान डील करना चाहता है लेकिन वह उस तरह की डील स्वीकार नहीं करेगा जिसे वे जरूरी मानते हैं। उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की प्रतिबद्धता दोहराई।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ट्रंप का क्या दावा है?
ट्रंप ने दावा किया कि सभी ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी के जरिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका का 'पूरा नियंत्रण' है। उन्होंने इसे अमेरिका का इलाका घोषित करने की इच्छा भी जताई।
आगे ईरान-अमेरिका वार्ता का क्या होगा?
समय-सीमा बीत जाने के बाद बातचीत की बहाली की कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं है। संयुक्त राष्ट्र मध्यस्थता की अपील कर रहा है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बड़ी खाई बनी हुई है और क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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