WEF कार्यकारी निदेशक मिरेक डुसेक बोले — चीन बना वैश्विक नवाचार का प्रमुख केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
विश्व आर्थिक मंच (WEF) के कार्यकारी निदेशक मिरेक डुसेक ने कहा है कि चीन आज वैश्विक नवाचार के एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। जिनेवा, स्विट्जरलैंड में दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि नई प्रौद्योगिकियों के व्यापक औद्योगिक उपयोग के ज़रिए चीन ने यह सिद्ध किया है कि वास्तविक अर्थव्यवस्था में बड़े पैमाने पर नवाचार को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।
ग्रीष्मकालीन दावोस मंच का संदर्भ
यह साक्षात्कार ऐसे समय में सामने आया है जब WEF की 17वीं न्यू चैंपियंस वार्षिक बैठक — जिसे 'ग्रीष्मकालीन दावोस मंच' भी कहा जाता है — 23 से 25 जून तक चीन के डालियान शहर में आयोजित होने जा रही है। इस वर्ष बैठक का केंद्रीय विषय 'बड़े पैमाने पर नवाचार' रखा गया है। इसमें 90 से अधिक देशों और क्षेत्रों के 1,700 से ज़्यादा प्रतिनिधि भाग लेंगे।
डुसेक ने कहा कि चीन ने इस विषय में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं और दुनिया अब इस अनुभव से सीखने में गहरी रुचि दिखा रही है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था की विरोधाभासी स्थिति
मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को डुसेक ने 'विरोधाभासी' बताया। उनके अनुसार, एक ओर प्रौद्योगिकी तेज़ी से आगे बढ़ रही है और उद्योगों व समाज को नया आकार दे रही है, जबकि दूसरी ओर भू-आर्थिक तथा भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और विभाजन गहरा होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता ही आज वैश्विक अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी चुनौती है, जो कारोबार और निवेश दोनों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रही है।
AI और असमान विकास की चिंता
डुसेक ने यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान आर्थिक विकास संतुलित नहीं है। उनके अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े निवेश व्यापार और विकास को नई गति दे रहे हैं, लेकिन सभी देश और उद्योग इसका समान लाभ नहीं उठा पा रहे। उन्होंने कहा कि भविष्य की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि AI से मिलने वाले अवसरों का फ़ायदा अधिक से अधिक लोगों, क्षेत्रों और अर्थव्यवस्थाओं तक पहुँचे।
नवाचार की वास्तविक कसौटी
डुसेक के अनुसार, नवाचार की असली सफलता तब मानी जाती है जब उसे उद्योगों और वास्तविक अर्थव्यवस्था में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए — यही इस वर्ष के ग्रीष्मकालीन दावोस मंच के विषय का मूल संदेश भी है। गौरतलब है कि चीन ने नई प्रौद्योगिकियों के औद्योगिक अनुप्रयोग के ज़रिए इस कसौटी पर खरा उतरने का प्रयास किया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर व्यापक मान्यता मिल रही है।
आगे क्या
डालियान में होने वाली यह बैठक वैश्विक नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाएगी। माना जा रहा है कि AI, हरित ऊर्जा और आपूर्ति शृंखला पुनर्गठन जैसे मुद्दे इस बैठक के केंद्र में रहेंगे।