व्हाइट हाउस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को गिनाया 'ट्रंप की उपलब्धि', दस्तखत अब भी बाकी
सारांश
मुख्य बातें
व्हाइट हाउस ने 3 नवंबर 2026 को एक आधिकारिक दस्तावेज में भारत को उन देशों की सूची में शामिल किया, जिनके साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ने नए और बेहतर व्यापार समझौते किए हैं — जबकि फरवरी 2026 में घोषित अंतरिम व्यापार समझौते के ढाँचे पर अब तक औपचारिक हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। यह दस्तावेज अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से ठीक एक दिन पहले जारी किया गया, जो इसके राजनीतिक संदर्भ को और स्पष्ट करता है।
दस्तावेज में क्या कहा गया
व्हाइट हाउस ने सोमवार को अपनी वेबसाइट पर 'प्रेसिडेंट ट्रंप्स सेकेंड टर्म: प्रॉमिसेज मेड, प्रॉमिसेज केप्ट, रिजल्ट्स डिलीवर्ड' शीर्षक से दस्तावेज प्रकाशित किया। इसमें ट्रंप प्रशासन की 127 उपलब्धियों का उल्लेख किया गया है, जिनमें आव्रजन, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और विदेश नीति शामिल हैं।
दस्तावेज में दावा किया गया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ को कूटनीतिक दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हुए दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं — ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, जापान, चीन, भारत, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, फिलीपींस और कंबोडिया — के साथ नए व्यापार समझौते किए। व्हाइट हाउस के अनुसार, 'इन समझौतों में वैश्विक जीडीपी के आधे से अधिक हिस्से को कवर करने वाले व्यापारिक साझेदार शामिल हैं।'
भारत के संदर्भ में विरोधाभास
दस्तावेज में भारत के नाम के साथ जो लिंक दिया गया है, वह 6 फरवरी 2026 की उस फैक्टशीट पर जाता है, जिसका शीर्षक था 'द यूनाइटेड स्टेट्स एंड इंडिया अनाउंस हिस्टोरिक ट्रेड डील।' गौरतलब है कि उस संयुक्त बयान में भारत और अमेरिका, दोनों ने स्पष्ट किया था कि यह अंतिम व्यापार समझौता नहीं, बल्कि पारस्परिक और लाभकारी व्यापार से जुड़े अंतरिम समझौते का ढाँचा है।
दोनों देशों ने उस समय कहा था, 'हम इस ढाँचे को जल्द लागू करने और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। इसके बाद व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की दिशा में भी आगे बढ़ेंगे।' यह अंतर — एक ढाँचे और एक पूर्ण समझौते के बीच — व्हाइट हाउस के दावे और ज़मीनी वास्तविकता के बीच की खाई को उजागर करता है।
समझौते की मुख्य शर्तें
प्रस्तावित ढाँचे के अनुसार, भारत को अमेरिका के सभी औद्योगिक उत्पादों और कृषि उत्पादों की एक श्रेणी पर आयात शुल्क समाप्त करने या कम करने पर सहमति देनी थी। वहीं, अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 18 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था।
इसके अलावा, अमेरिका ने जेनेरिक दवाओं, रत्न एवं हीरों और विमान के कलपुर्जों जैसे उत्पादों पर पारस्परिक शुल्क हटाने की बात कही थी। हालाँकि, यह छूट अंतरिम समझौते के सफलतापूर्वक संपन्न होने की शर्त से जुड़ी थी।
भारत सरकार की स्थिति
भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 15 अक्टूबर 2026 को कहा था कि समझौते का पहला चरण अंतिम रूप ले चुका है और फिलहाल कानूनी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। उसी दिन वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी कहा कि कानूनी जाँच पूरी होने के बाद समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, लेकिन उन्होंने कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।
अब तक न तो अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) और न ही भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने समझौते पर हस्ताक्षर की कोई आधिकारिक तारीख घोषित की है।
मिडटर्म चुनाव का राजनीतिक संदर्भ
यह सूची ऐसे समय जारी की गई है जब रिपब्लिकन पार्टी मंगलवार, 4 नवंबर 2026 को होने वाले मिडटर्म चुनाव में कांग्रेस के दोनों सदनों में अपना नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीति को लेकर आलोचकों ने सवाल उठाए हैं कि कितने समझौते वास्तव में लागू हो पाए हैं। आने वाले हफ्तों में भारत-अमेरिका समझौते के कानूनी दस्तावेज़ीकरण की प्रगति इस द्विपक्षीय संबंध की असली कसौटी होगी।