25 जुलाई 2026
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व्हाइट हाउस का बड़ा बयान: सऊदी परमाणु डील इजरायल से संबंध सामान्य करने से जुड़ी, ट्रंप को अब्राहम अकॉर्ड्स विस्तार की उम्मीद

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व्हाइट हाउस का बड़ा बयान: सऊदी परमाणु डील इजरायल से संबंध सामान्य करने से जुड़ी, ट्रंप को अब्राहम अकॉर्ड्स विस्तार की उम्मीद

सारांश

ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सऊदी अरब को नागरिक परमाणु तकनीक तभी मिलेगी जब वह इजरायल को मान्यता देकर अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होगा। यह शर्त मध्य-पूर्व की सबसे जटिल कूटनीतिक गुत्थी को एक ही पैकेज में बाँधने की कोशिश है।

मुख्य बातें

व्हाइट हाउस ने 25 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि सऊदी अरब का नागरिक परमाणु समझौता इजरायल से संबंध सामान्य करने की शर्त से जुड़ा है।
डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी नेतृत्व को अपनी अपेक्षाएँ, समय-सीमा और प्रतिबद्धताएँ पहले ही स्पष्ट कर दी हैं।
ट्रंप के पहले कार्यकाल में अब्राहम अकॉर्ड्स के तहत UAE , बहरीन , मोरक्को और सूडान ने इजरायल को मान्यता दी थी; सऊदी इसका सबसे अहम बचा हुआ विस्तार माना जाता है।
मिलर ने निकारागुआ में राष्ट्रपति डैनियल ओर्टेगा की सरकार द्वारा प्रतिस्पर्धी चुनाव समाप्त करने के कदमों की आलोचना की।
परमाणु समझौते और संबंध सामान्यीकरण की प्रक्रिया की कोई ठोस समय-सीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

व्हाइट हाउस ने 25 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सऊदी अरब के साथ प्रस्तावित नागरिक परमाणु समझौते को इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने की शर्त से जोड़ते हैं, और उन्हें उम्मीद है कि सऊदी अरब व्यापक कूटनीतिक समझ के तहत अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होगा। यह बयान अमेरिकी मध्य-पूर्व नीति के केंद्र में इस मुद्दे की बढ़ती अहमियत को रेखांकित करता है।

मिलर का बयान: ट्रंप की अपेक्षाएँ स्पष्ट

व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी नेतृत्व के सामने यह बात पहले से स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति ने सऊदी अरब के सामने न सिर्फ इस कार्यकाल में, बल्कि पहले से ही यह स्पष्ट कर दिया है कि इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने और अब्राहम समझौते में शामिल होने को लेकर उनकी क्या अपेक्षाएँ, समय-सीमा और प्रतिबद्धताएँ हैं।'

यह टिप्पणी उस सवाल के जवाब में आई जिसमें पूछा गया था कि ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट की परमाणु समझौते की घोषणा को इजरायल-सऊदी संबंध सामान्यीकरण की शर्त से क्यों जोड़ा गया। मिलर ने इस प्रक्रिया के क्रम पर सीधा जवाब देने से परहेज किया।

ट्रंप की सऊदी समझ: 2017 से जुड़ा रिश्ता

मिलर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का रियाद के साथ जुड़ाव 2017 में सऊदी राजधानी में दिए गए उनके ऐतिहासिक भाषण से शुरू हुआ था। उन्होंने दावा किया, 'राष्ट्रपति ट्रंप से बेहतर आज कोई भी अमेरिकी सऊदी अरब की सोच, वहाँ के प्रमुख नेताओं और दोनों देशों के रिश्तों की प्रकृति को नहीं समझता।'

मिलर के अनुसार, ट्रंप ने सऊदी अरब को क्षेत्रीय स्थिरता के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक बनाने में अहम भूमिका निभाई है, विशेषकर हिंसक आतंकवाद के विरुद्ध उसे एक मज़बूत सहयोगी के रूप में स्थापित करने में।

अब्राहम अकॉर्ड्स का संदर्भ और सऊदी की केंद्रीयता

गौरतलब है कि ट्रंप के पहले कार्यकाल में अब्राहम अकॉर्ड्स के तहत इजरायल के संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, मोरक्को और सूडान के साथ संबंध सामान्य हुए थे। तब से एक के बाद एक अमेरिकी प्रशासन सऊदी अरब द्वारा इजरायल को मान्यता देने को इन समझौतों का सबसे अहम और बचा हुआ विस्तार मानता रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब सऊदी नागरिक परमाणु वार्ता ट्रंप की मध्य-पूर्व कूटनीति का सबसे संवेदनशील हिस्सा बन चुकी है। मिलर ने कहा कि ट्रंप को भरोसा है कि वे 'एक ऐतिहासिक बदलाव' हासिल कर सकते हैं जो इस क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

निकारागुआ और पश्चिमी गोलार्ध पर टिप्पणी

इसी ब्रीफिंग में मिलर ने निकारागुआ की भी आलोचना की, जहाँ राष्ट्रपति डैनियल ओर्टेगा की सरकार ने कथित तौर पर प्रतिस्पर्धी चुनावों को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्य से निकारागुआ इसका एक उदाहरण है कि समाजवाद को मतदान से सत्ता में लाया जा सकता है, लेकिन मतदान से बाहर नहीं किया जा सकता।'

मिलर ने बताया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस मुद्दे पर अमेरिकी नीति पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने ट्रंप प्रशासन की 'शील्ड ऑफ द अमेरिका' रणनीति को लैटिन अमेरिका में बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य से जोड़ा।

आगे क्या होगा

सऊदी परमाणु समझौते और इजरायल-सऊदी संबंध सामान्यीकरण की प्रक्रिया की समय-सीमा अभी स्पष्ट नहीं है। मिलर ने इस पर कोई ठोस तारीख नहीं दी। विश्लेषकों के अनुसार, इजरायल-हमास युद्धविराम की स्थिति और फलस्तीनी मुद्दे पर सऊदी की आंतरिक राजनीति इस प्रक्रिया की गति तय करेगी। घरेलू मोर्चे पर मिलर ने सेव अमेरिका एक्ट पर कानूनी प्रश्नों का जवाब देने से इनकार करते हुए उन्हें व्हाइट हाउस ऑफिस ऑफ लेजिस्लेटिव अफेयर्स के पास भेज दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर जब गाज़ा संघर्ष की पृष्ठभूमि में अरब जनमत इजरायल के विरुद्ध है। मिलर ने 'सीक्वेंसिंग' पर सीधा जवाब देने से जो परहेज किया, वह बताता है कि दोनों पक्षों के बीच अभी भी महत्वपूर्ण अंतराल हैं। परमाणु समझौते को 'गाजर' के रूप में इस्तेमाल करने की यह रणनीति तब तक काम नहीं करेगी जब तक फलस्तीनी प्रश्न पर कोई ठोस रोडमैप न हो — जो अभी दिखता नहीं।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

व्हाइट हाउस ने सऊदी परमाणु डील को इजरायल से क्यों जोड़ा?
ट्रंप प्रशासन सऊदी अरब को नागरिक परमाणु तकनीक देने को इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने और अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने की शर्त से जोड़ता है। डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने यह अपेक्षा सऊदी नेतृत्व के सामने पहले से स्पष्ट कर दी है।
अब्राहम अकॉर्ड्स क्या हैं और सऊदी अरब की भूमिका क्यों अहम है?
अब्राहम अकॉर्ड्स ट्रंप के पहले कार्यकाल में हुए वे समझौते हैं जिनके तहत UAE, बहरीन, मोरक्को और सूडान ने इजरायल को मान्यता दी। सऊदी अरब को इसका सबसे महत्वपूर्ण बचा हुआ विस्तार माना जाता है क्योंकि वह इस्लामी दुनिया में विशेष प्रभाव रखता है।
क्या सऊदी-इजरायल संबंध सामान्यीकरण की कोई समय-सीमा तय हुई है?
अभी तक कोई ठोस समय-सीमा सार्वजनिक नहीं की गई है। मिलर ने इस प्रक्रिया के क्रम पर सीधा जवाब देने से परहेज किया और कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप स्थिति को पूरी तरह समझते हैं।
स्टीफन मिलर ने निकारागुआ के बारे में क्या कहा?
मिलर ने राष्ट्रपति डैनियल ओर्टेगा की सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि निकारागुआ उस प्रवृत्ति का उदाहरण है जहाँ समाजवादी सरकारें चुनाव से सत्ता में आती हैं लेकिन बाद में राजनीतिक स्वतंत्रताओं पर अंकुश लगा देती हैं। उन्होंने विदेश मंत्री मार्को रुबियो की इस पर स्पष्ट नीति का हवाला दिया।
सऊदी नागरिक परमाणु वार्ता ट्रंप की मध्य-पूर्व नीति में कितनी केंद्रीय है?
रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी नागरिक परमाणु वार्ता ट्रंप की मध्य-पूर्व कूटनीति के सबसे संवेदनशील और केंद्रीय हिस्सों में से एक बन चुकी है। व्हाइट हाउस इसे क्षेत्रीय स्थिरता और इजरायल-सऊदी संबंध सामान्यीकरण के व्यापक ढाँचे से जोड़कर देखता है।
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