अब्राहम अकॉर्ड्स में लेबनान की एंट्री संभव: ट्रंप ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति आउन से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार, 21 जुलाई को संकेत दिया कि लेबनान भविष्य में अब्राहम अकॉर्ड्स का हिस्सा बन सकता है — यह बयान ऐसे समय में आया जब व्हाइट हाउस में लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन के साथ उनकी उच्चस्तरीय बैठक हुई। यह घोषणा मध्य-पूर्व में अमेरिका-प्रायोजित सामान्यीकरण प्रक्रिया के संभावित विस्तार की ओर इशारा करती है, भले ही लेबनान और इजरायल के बीच दशकों पुराना तनाव बना रहा हो।
मुख्य घटनाक्रम
व्हाइट हाउस में बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप से पूछा गया कि लेबनान में ऐसे कानून हैं जो इजरायल से किसी भी प्रकार के संपर्क पर रोक लगाते हैं — इस पर उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को राष्ट्रपति आउन के साथ उठाएंगे। ट्रंप ने अब्राहम अकॉर्ड्स को 'एक बड़ी सफलता' बताते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि जल्द ही कई और देश इसमें शामिल होते नज़र आएंगे।'
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि हाल के क्षेत्रीय संघर्षों के बावजूद ये समझौते टिके रहे हैं। उनके शब्दों में, 'इस संघर्ष के समय में भी कोई देश इससे बाहर नहीं हुआ।' ट्रंप ने स्पष्ट किया, 'मुझे लगता है कि लेबनान की इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।'
लेबनान के राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने सीधे तौर पर अब्राहम अकॉर्ड्स का नाम नहीं लिया, परंतु उन्होंने इजरायल के साथ हुए हालिया समझौते के ढाँचे का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका 'अंतिम लक्ष्य लेबनान और इजरायल के बीच दुश्मनी की स्थिति को हमेशा के लिए खत्म करना है।' आउन ने इसे 'एक ऐतिहासिक उपलब्धि' करार दिया और कहा कि दोनों नेताओं की सोच क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने को लेकर एक जैसी है। उन्होंने कहा, 'अब समय आ गया है कि लेबनान और पूरा क्षेत्र स्थिर और सुरक्षित बने।'
व्यापार और हवाई संपर्क पर चर्चा
ट्रंप ने उम्मीद जताई कि अमेरिका और लेबनान के बीच बेहतर संबंध केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि व्यापार और अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार पाएंगे। जब उनसे दोनों देशों के बीच सीधी व्यावसायिक उड़ानों की संभावना पर पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'मैं इसे पूरी तरह संभव मानता हूं।' यह बयान लेबनान के साथ आर्थिक जुड़ाव के एक नए अध्याय की ओर संकेत करता है।
दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैनिकों की स्थिति
दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैनिकों की मौजूदगी के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि सेना 'वापसी की प्रक्रिया में है' और लेबनानी सशस्त्र बलों को मजबूत करने के लिए बातचीत जारी रहेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसके लिए 'पहले से ही कुछ ठोस योजनाएं तैयार हैं।' गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच इजरायल की लेबनान में उपस्थिति एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है।
क्या होगा आगे
अब्राहम अकॉर्ड्स, जो 2020 में ट्रंप के पहले कार्यकाल में हस्ताक्षरित हुए थे, के तहत संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सूडान और मोरक्को ने इजरायल के साथ संबंध सामान्य किए थे। लेबनान का इसमें शामिल होना कहीं अधिक जटिल होगा, क्योंकि वहाँ हिज़बुल्लाह की राजनीतिक और सैन्य उपस्थिति है तथा इजरायल-विरोधी कानून लागू हैं। विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप का यह बयान अभी एक राजनयिक संकेत है — औपचारिक वार्ता की शुरुआत नहीं।