25 जुलाई 2026
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कारगिल विजय दिवस से पहले देहरादून में 'रन फॉर कारगिल हीरोज' मैराथन, CM धामी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

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कारगिल विजय दिवस से पहले देहरादून में 'रन फॉर कारगिल हीरोज' मैराथन, CM धामी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

सारांश

कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर देहरादून के शौर्य स्थल से CM धामी ने 'रन फॉर कारगिल हीरोज' मैराथन को हरी झंडी दिखाई। शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित करते हुए उन्होंने युवाओं से राष्ट्रभक्ति का संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 25 जुलाई को देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित चिड़बाग शौर्य स्थल पर 'रन फॉर कारगिल हीरोज' मैराथन को हरी झंडी दिखाई।
धामी ने देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
यह आयोजन 26 जुलाई को मनाए जाने वाले कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर हुआ।
धामी ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में 17 करोड़ रोज़गार के अवसर सृजित हुए और 12 लाख लोगों को नियुक्ति पत्र मिले।
उन्होंने कारगिल युद्ध को भारतीय इतिहास की अद्वितीय जीत बताया, जो अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हासिल हुई।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार, 25 जुलाई को देहरादून स्थित गढ़ी कैंट के चिड़बाग शौर्य स्थल पर 'रन फॉर कारगिल हीरोज' मैराथन को हरी झंडी दिखाई। कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को पुष्पचक्र अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

मुख्य घटनाक्रम

शौर्य स्थल पर आयोजित इस स्मरण समारोह में बड़ी संख्या में युवा और नागरिक शामिल हुए। मुख्यमंत्री धामी ने पहले शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित किया और उसके बाद मैराथन प्रतिभागियों को रवाना किया। यह आयोजन कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यादगार कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है।

सीएम धामी का संबोधन

मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा, 'ऐसे योद्धा, ऐसे हीरो, जिन्होंने भारत के मान-सम्मान को बढ़ाया और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्वरूप वीरता का परिचय दिया, वे हमेशा हमारे स्मरण में रहें। भारत के इतिहास में आने वाली पीढ़ियाँ उनसे प्रेरित होती रहें और देशभक्ति, राष्ट्रभक्ति तथा समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ें।'

उन्होंने कारगिल युद्ध को भारतीय इतिहास का अद्वितीय अध्याय बताते हुए कहा, 'कारगिल का युद्ध भारत के इतिहास का ऐसा युद्ध था, जिसमें भारत की सेनाओं ने कठिन चोटियों पर चढ़कर संघर्ष किया, अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया। यह पहला युद्ध था, जिसमें भारत की सेना ने युद्ध के मैदान में जीत हासिल की और समझौतों की मेज पर भी अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने जीत दर्ज की।'

रोज़गार पर धामी का बयान

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवा-केंद्रित नीतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में 17 करोड़ रोज़गार के अवसर सृजित हुए हैं और 12 लाख लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि 2004 से 2014 के बीच केवल 2 करोड़ लोगों को रोज़गार मिला था। गौरतलब है कि ये आँकड़े सरकार के अपने वक्तव्य हैं और स्वतंत्र सत्यापन के अधीन हैं।

कारगिल विजय दिवस का महत्व

26 जुलाई को मनाया जाने वाला कारगिल विजय दिवस वर्ष 1999 में पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए चलाए गए ऑपरेशन विजय की सफलता की वर्षगाँठ है। इस ऑपरेशन में सैकड़ों भारतीय सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।

आगे क्या

उत्तराखंड सरकार कारगिल विजय दिवस पर 26 जुलाई को और भी स्मरण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही है। इस तरह के आयोजन युवाओं में सैन्य सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किए जाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि ये आयोजन केवल प्रतीकात्मक रहते हैं या शहीद परिवारों के कल्याण की ठोस नीतियों से भी जुड़ते हैं। मुख्यमंत्री धामी का रोज़गार पर दिया गया बयान राजनीतिक रंग लिए हुए है — 17 करोड़ बनाम 2 करोड़ का यह आँकड़ा सरकारी दावा है, जिसे स्वतंत्र आर्थिक विश्लेषण की कसौटी पर परखा जाना ज़रूरी है। कारगिल की विरासत को युवाओं तक पहुँचाने के प्रयास सराहनीय हैं, पर इन्हें चुनावी मौसम से परे, निरंतर और संस्थागत रूप देने की ज़रूरत है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'रन फॉर कारगिल हीरोज' मैराथन क्या है?
यह कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित चिड़बाग शौर्य स्थल पर आयोजित एक स्मरण मैराथन है, जिसे उत्तराखंड सरकार ने कारगिल के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किया। इसमें बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागी शामिल हुए।
CM धामी ने कारगिल विजय दिवस पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कारगिल युद्ध भारतीय इतिहास का अनूठा अध्याय है, जिसमें सेना ने कठिन चोटियों पर अदम्य साहस दिखाया और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में कूटनीतिक मोर्चे पर भी जीत हासिल की। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति और राष्ट्रसेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कारगिल विजय दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
कारगिल विजय दिवस प्रतिवर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। यह वर्ष 1999 में ऑपरेशन विजय की सफलता की वर्षगाँठ है, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को कारगिल की ऊँची चोटियों से खदेड़ा था और सैकड़ों सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था।
धामी ने रोज़गार को लेकर क्या दावा किया?
मुख्यमंत्री धामी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में 17 करोड़ रोज़गार के अवसर सृजित हुए और 12 लाख लोगों को नियुक्ति पत्र बाँटे गए। उन्होंने यह भी कहा कि 2004 से 2014 के बीच केवल 2 करोड़ लोगों को रोज़गार मिला था। ये आँकड़े सरकार के अपने वक्तव्य हैं।
इस मैराथन में कौन शामिल हुए?
मैराथन में बड़ी संख्या में युवा और नागरिक शामिल हुए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं शौर्य स्थल पर उपस्थित होकर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित किया और प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
राष्ट्र प्रेस
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