जेलेंस्की का दावा: यूक्रेन ने 1,100 किमी दूर सेंट पीटर्सबर्ग तेल टर्मिनल समेत रूसी ठिकानों पर किया हमला
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया है कि यूक्रेनी सुरक्षा बलों ने रूसी हमलों के जवाब में सेंट पीटर्सबर्ग ऑयल टर्मिनल, क्रोनस्टाट बेस और तांबोव क्षेत्र के हथियार निर्माण उद्यम सहित रूस के कई अहम सैन्य और तेल ठिकानों पर लंबी दूरी के हमले किए। जेलेंस्की के अनुसार, इनमें से एक ठिकाना यूक्रेनी सीमा से लगभग 1,100 किलोमीटर दूर था, और यह कार्रवाई रूस की युद्ध क्षमता को कमज़ोर करने के मकसद से की गई।
मुख्य घटनाक्रम
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “यूक्रेन की सुरक्षा सेवा, मानव रहित प्रणालियों की सेना, विशेष अभियान बलों, रक्षा खुफिया विभाग और राज्य सीमा सुरक्षा सेवा के जवानों की ओर से चलाए गए लंबी दूरी के अभियानों से अच्छे नतीजे मिले हैं। बीती रात रूस की जमीन पर मौजूद कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया।”
उन्होंने बताया कि निशाने पर आए ठिकानों में सेंट पीटर्सबर्ग ऑयल टर्मिनल भी शामिल था, जिसे कथित तौर पर युद्ध-संबंधी आपूर्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा क्रोनस्टाट बेस पर मौजूद सैन्य प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया गया।
तांबोव में हथियार उद्यम पर हमला
जेलेंस्की के मुताबिक, एक और लक्ष्य तांबोव क्षेत्र में स्थित वह उद्यम था जो रूसी हथियारों के उत्पादन में शामिल है। यह स्थान मोर्चे से लगभग 600 किलोमीटर दूर बताया गया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, “मैं हमारे जवानों की सटीक कार्रवाई के लिए उनका धन्यवाद करता हूं। यूक्रेन की लंबी दूरी की कार्रवाई की योजना ठीक उसी तरह लागू की जा रही है जैसा जरूरी है, ताकि शांति को और करीब लाया जा सके।”
एक दिन पहले रूस का जवाबी कहर
यह जवाबी कार्रवाई एक दिन पहले रूस द्वारा यूक्रेन के कई शहरों पर किए गए बड़े हमलों के बाद आई है। हमलों में नागरिक ढाँचे को व्यापक नुकसान पहुँचा। कीव में चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जबकि डनिप्रो में एक बच्चे समेत नौ लोगों की जान चली गई।
रिपोर्टों के अनुसार, रूस ने रातभर में 656 अटैक ड्रोन और 73 मिसाइलें दागीं, जिनमें बैलिस्टिक, क्रूज और एंटी-शिप मिसाइलें शामिल थीं। खार्किव क्षेत्र में ऊर्जा सुविधाओं और शहर की बुनियादी सेवाओं को निशाना बनाया गया। इसके अलावा कीव, मिकोलाइव, जापोरिजिया, पोल्टावा, सूमी, चेर्निहिव और खमेलनित्सकी क्षेत्रों पर भी हमले किए गए।
क्यों मायने रखता है
सेंट पीटर्सबर्ग तक यूक्रेनी ड्रोन/मिसाइल पहुँच का दावा युद्ध के नए चरण की ओर इशारा करता है, जहाँ कीव गहरे रूसी इलाकों में ऊर्जा और रक्षा-औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाने पर ज़ोर दे रहा है। गौरतलब है कि यह सेंट पीटर्सबर्ग जैसे रूसी रणनीतिक केंद्र के निकट किए गए कुछ चुनिंदा यूक्रेनी हमलों में से एक है।
क्या होगा आगे
दोनों पक्षों की ओर से हमले तेज़ होने के बीच, यूक्रेन के लंबी दूरी के अभियान आने वाले हफ्तों में रूस की ऊर्जा-आपूर्ति श्रृंखला और हथियार उत्पादन पर दबाव बढ़ा सकते हैं। रूस की औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।