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टखनों की जकड़न और दर्द से तुरंत राहत दिलाता है 'एंकल मूवमेंट', घर-ऑफिस हर जगह करें यह आसान व्यायाम

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टखनों की जकड़न और दर्द से तुरंत राहत दिलाता है 'एंकल मूवमेंट', घर-ऑफिस हर जगह करें यह आसान व्यायाम

सारांश

लंबे समय तक बैठकर काम करने से टखनों में जकड़न और दर्द आम समस्या बन गई है। एंकल मूवमेंट एक सरल व्यायाम है जो रोज 3-5 मिनट में रक्त संचार सुधारता है, जकड़न घटाता है और संतुलन बढ़ाता है। आयुष मंत्रालय भी इसे कारगर मानता है।

मुख्य बातें

एंकल मूवमेंट टखनों की जकड़न और दर्द दूर करने का एक सरल और प्रभावी व्यायाम है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस प्रकार के सूक्ष्म व्यायामों को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की सिफारिश की है।
यह व्यायाम प्रतिदिन केवल 3 से 5 मिनट में किया जा सकता है और इसके लिए किसी उपकरण की आवश्यकता नहीं है।
हर दिशा में 5 से 10 बार दोहराने पर रक्त संचार बेहतर होता है और जोड़ों की लचीलापन बढ़ती है।
बुजुर्गों, आईटी पेशेवरों और डेस्क जॉब करने वालों के लिए यह व्यायाम विशेष रूप से उपयोगी है।
अत्यधिक दर्द या चोट की स्थिति में व्यायाम से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

नई दिल्ली, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आधुनिक जीवनशैली में लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठकर काम करने की आदत ने टखनों, कमर, कंधों और पीठ में जकड़न की समस्या को आम बना दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एंकल मूवमेंट एक सरल और प्रभावी व्यायाम है जो केवल कुछ मिनटों में टखनों की जकड़न और दर्द से राहत दिला सकता है। यह व्यायाम घर हो या ऑफिस, कहीं भी और किसी भी समय किया जा सकता है।

क्यों जरूरी है एंकल मूवमेंट?

आज के दौर में वर्क फ्रॉम होम और डेस्क जॉब के चलते लोग घंटों एक ही स्थिति में बैठे रहते हैं। इससे पैरों और टखनों में रक्त संचार धीमा पड़ जाता है, जिसके कारण सूजन, थकान और जकड़न की शिकायत बढ़ती है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी इस प्रकार के सूक्ष्म व्यायामों को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने को अत्यंत लाभकारी बताया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि एंकल मूवमेंट को प्रतिदिन केवल 3 से 5 मिनट करने से टखनों और पैरों में रक्त प्रवाह बेहतर होता है, जकड़न घटती है और शरीर का संतुलन मजबूत होता है। यह व्यायाम बैठे-बैठे या खड़े होकर दोनों प्रकार से किया जा सकता है, इसलिए हर उम्र के लोगों के लिए यह सुविधाजनक है।

किसे मिलता है सबसे अधिक फायदा?

लंबे समय तक खड़े रहकर काम करने वाले जैसे शिक्षक, दुकानदार, नर्स और लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले जैसे आईटी पेशेवर, बैंककर्मी — इन सभी के लिए यह व्यायाम विशेष रूप से उपयोगी है। बुजुर्गों के लिए यह अभ्यास और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे गिरने का खतरा कम होता है और चलने-फिरने में आसानी होती है।

नियमित अभ्यास से जोड़ों की लचीलापन बढ़ती है और घुटनों व कूल्हों पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी कम होता है। यह पैरों की मांसपेशियों को सक्रिय रखता है और थकान को दूर भगाता है।

एंकल मूवमेंट करने की सही विधि

इस व्यायाम को करना बेहद आसान है। सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों को पास रखें। हाथों को कमर पर या बगल में रखकर शरीर को संतुलित करें। अब एक पैर को लगभग 9 इंच आगे उठाएं।

इसके बाद पैर को धीरे-धीरे ऊपर-नीचे करें, फिर दाएं-बाएं घुमाएं। अंत में पैर को गोल घुमाएं — पहले घड़ी की दिशा में और फिर विपरीत दिशा में। हर दिशा में 5 से 10 बार यह प्रक्रिया दोहराएं और फिर दूसरे पैर से भी यही करें।

यदि संतुलन बनाने में कठिनाई हो तो दीवार या कुर्सी का सहारा लिया जा सकता है। यह पूरा अभ्यास सुबह उठने के बाद या काम के बीच किसी भी ब्रेक के दौरान किया जा सकता है।

नियमित अभ्यास के दीर्घकालिक लाभ

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एंकल मूवमेंट के नियमित अभ्यास से टखनों और पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। पैरों में सूजन और थकान कम होती है तथा जोड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होती है। इसके अलावा घुटनों और कूल्हों पर अनावश्यक दबाव भी कम पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सूक्ष्म व्यायाम रोजाना करने से शरीर को दीर्घकालिक रूप से सक्रिय और संतुलित रखा जा सकता है। यह व्यायाम किसी उपकरण या विशेष स्थान की आवश्यकता नहीं रखता, इसलिए इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना बेहद सरल है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ आगाह करते हैं कि यदि टखनों में अत्यधिक दर्द, सूजन या चोट हो तो किसी भी व्यायाम को शुरू करने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। आने वाले समय में आयुष मंत्रालय ऐसे और सूक्ष्म व्यायामों को जन-जागरूकता अभियान के तहत प्रचारित करने की योजना बना रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि स्वास्थ्य अवसंरचना इस 'सेडेंटरी एपिडेमिक' के लिए तैयार नहीं है। आयुष मंत्रालय का सूक्ष्म व्यायामों को बढ़ावा देना सही दिशा में कदम है, लेकिन सवाल यह है कि कॉर्पोरेट कार्यस्थलों में 'वेलनेस ब्रेक' को नीतिगत अनिवार्यता क्यों नहीं बनाया जाता? जब तक कार्यस्थल संस्कृति नहीं बदलती, ऐसे व्यायाम जागरूकता तो बढ़ाएंगे लेकिन मूल समस्या का समाधान नहीं होगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एंकल मूवमेंट क्या है और यह कैसे काम करता है?
एंकल मूवमेंट एक सरल व्यायाम है जिसमें पैर को उठाकर ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं और गोल घुमाया जाता है। यह टखनों में रक्त संचार बेहतर करता है, जकड़न कम करता है और जोड़ों की लचीलापन बढ़ाता है।
एंकल मूवमेंट कितने समय तक करना चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रोज 3 से 5 मिनट एंकल मूवमेंट करना पर्याप्त है। हर दिशा में 5 से 10 बार दोहराने से अच्छे परिणाम मिलते हैं।
क्या एंकल मूवमेंट बुजुर्गों के लिए सुरक्षित है?
हां, एंकल मूवमेंट बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद और सुरक्षित है। यह उनके टखनों की लचीलापन बढ़ाता है और गिरने के खतरे को कम करता है, लेकिन संतुलन के लिए दीवार या कुर्सी का सहारा लिया जा सकता है।
क्या एंकल मूवमेंट ऑफिस में बैठे-बैठे किया जा सकता है?
हां, एंकल मूवमेंट को ऑफिस में कुर्सी पर बैठे-बैठे भी किया जा सकता है। इसके लिए किसी विशेष स्थान या उपकरण की जरूरत नहीं होती।
एंकल मूवमेंट के नियमित अभ्यास से क्या फायदे होते हैं?
नियमित एंकल मूवमेंट से टखनों और पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, सूजन व थकान कम होती है और घुटनों व कूल्हों पर दबाव घटता है। यह शरीर का संतुलन भी बेहतर बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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