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क्या बेली फैट से छुटकारा पाना है? उड्डियान बंध का अद्भुत लाभ

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क्या बेली फैट से छुटकारा पाना है? उड्डियान बंध का अद्भुत लाभ

सारांश

उड्डियान बंध एक प्रभावी योग क्रिया है, जो न केवल बेली फैट कम करने में मदद करती है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी सुधारती है। जानें इसके लाभ और अभ्यास विधि।

मुख्य बातें

उड्डियान बंध पेट के स्वास्थ्य में सुधार करता है।
यह मानसिक तनाव और अवसाद को कम करता है।
प्रतिदिन के अभ्यास से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
पेट की चर्बी में कमी लाने में सहायक।
गर्भवती महिलाओं को सलाह लेना आवश्यक।

नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। योग एक प्राचीन परंपरा है जो मन और प्राण को संतुलित करने का शक्तिशाली साधन है। इनमें से एक महत्वपूर्ण क्रिया है 'उड्डियान बंध', जो शरीर को अनेक लाभ प्रदान करती है।

'उड्डियान' शब्द संस्कृत के 'उड्डि' से लिया गया है, जिसका अर्थ है ऊपर उठना। इस प्राणायाम में पूरी सांस बाहर निकालकर पेट को अंदर और ऊपर की ओर खींचा जाता है। इसके नियमित अभ्यास से पेट के अंग सही तरीके से कार्य करते हैं, जिससे पेट और कमर की चर्बी में कमी आती है। यह मानसिक तनाव, क्रोध और अवसाद को भी कम करता है। साथ ही, यह मधुमेह को नियंत्रित करने और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है।

आयुष मंत्रालय ने इसके महत्व पर जोर देते हुए इसे दैनिक जीवन में शामिल करने की सलाह दी है। इसे पेट का ताला भी कहा गया है। मंत्रालय के अनुसार, यह पाचन तंत्र को सशक्त बनाने, पेट की मांसपेशियों को टोन करने, शरीर को भीतर से शुद्ध करने और प्राण ऊर्जा को ऊपर उठाने में सहायक है।

उड्डियान बंध केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह शरीर के भीतर से शुद्धता लाने की कला है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करने और पेट की मांसपेशियों को टोन करने के लिए सबसे प्रभावशाली योग क्रियाओं में से एक मानी जाती है।

मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगासन ने इसके अभ्यास की सरल विधि का वर्णन किया है। सबसे पहले, पद्मासन, वज्रासन या सुखासन की मुद्रा में सावधानीपूर्वक बैठें। फिर गहरी सांस लें और मुंह व नाक से पूरी सांस बाहर छोड़ें। सांस रोककर पेट को जितना संभव हो, अंदर और ऊपर खींचें।

10-20 सेकंड तक इसे रोके रखें, फिर धीरे-धीरे पेट को ढीला छोड़ें और सांस लें। इसके बाद सामान्य स्थिति में लौट आएं। शुरुआत में 3-5 बार करें और धीरे-धीरे बढ़ाएं।

इसके नियमित अभ्यास से शरीर और मन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। हालांकि, गर्भवती महिलाएं, अल्सर, हृदय रोग, या उच्च रक्तचाप से ग्रसित व्यक्तियों को इसे करने से पहले योग विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो शरीर के स्वास्थ्य के लिए अनेक लाभ प्रदान करती है। यह पाचन को सुधारने और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ाने में सहायक है। इसकी सरलता और प्रभावशीलता इसे हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त बनाती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उड्डियान बंध क्या है?
उड्डियान बंध एक योग क्रिया है, जो पेट को अंदर और ऊपर की ओर खींचने से की जाती है, जिससे पाचन तंत्र और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
उड्डियान बंध के क्या लाभ हैं?
यह पेट की चर्बी कम करने, मानसिक तनाव घटाने, और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है।
उड्डियान बंध का अभ्यास कैसे करें?
सर्वप्रथम, पद्मासन या सुखासन में बैठें, फिर गहरी सांस लें और पूरी सांस बाहर छोड़ें। इसके बाद पेट को अंदर और ऊपर खींचें।
क्या गर्भवती महिलाएं उड्डियान बंध कर सकती हैं?
गर्भवती महिलाएं इसे करने से पहले योग विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें।
उड्डियान बंध कब करना चाहिए?
इसे सुबह खाली पेट करना सबसे अच्छा होता है।
राष्ट्र प्रेस
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