22 अप्रैल का पंचांग: स्कंद षष्ठी पर रवि योग और विजय मुहूर्त, राहुकाल का ध्यान रखें
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भगवान कार्तिकेय, जो देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती के पुत्र हैं, के लिए समर्पित स्कंद षष्ठी का त्योहार 22 अप्रैल (बुधवार) को मनाया जाएगा। यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इस दिन शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है, जो भगवान स्कंद को समर्पित मानी जाती है। इस अवसर पर भक्तजन व्रत रखते हैं और भगवान स्कंद की पूजा करते हैं। इसे स्कंद षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है।
पंचांग के अनुसार, बैशाख मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर सूर्योदय सुबह 5:49 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 6:51 बजे होगा। षष्ठी तिथि रात 10:49 बजे तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि की शुरुआत होगी। आर्द्रा नक्षत्र रात 10:13 बजे तक रहेगा, इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र शुरू होगा।
इस दिन रवि योग सुबह 5:49 बजे से रात 10:13 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। हालांकि, अभिजीत मुहूर्त इस दिन नहीं है, लेकिन विजय मुहूर्त दोपहर 2:30 बजे से 3:22 बजे तक रहेगा, जो कार्य सिद्धि के लिए शुभ माना जाता है। अमृत काल दोपहर 12:57 बजे से 2:26 बजे तक रहेगा।
वहीं, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:21 बजे से 5:05 बजे तक रहेगा। शाम का गोधूलि मुहूर्त 6:50 बजे से 7:12 बजे तक रहेगा।
अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12:20 बजे से 1:58 बजे तक रहेगा। यमगंड काल सुबह 7:27 बजे से 9:04 बजे तक रहेगा और गुलिक काल सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त दोपहर 11:54 बजे से 12:46 बजे तक रहेगा।
इस दिन वर्ज्य काल सुबह 7:45 बजे से 9:14 बजे तक रहेगा। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे शुभ कार्यों के लिए सही मुहूर्त का ध्यान रखें और राहुकाल जैसे अशुभ समय से बचें।