17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

3 जून 2026 पंचांग: पुरुषोत्तम मास का 18वाँ दिन, तृतीया तिथि पर विजय व अभिजीत मुहूर्त, भद्रा का साया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
3 जून 2026 पंचांग: पुरुषोत्तम मास का 18वाँ दिन, तृतीया तिथि पर विजय व अभिजीत मुहूर्त, भद्रा का साया

सारांश

3 जून 2026 को पुरुषोत्तम मास के 18वें दिन तृतीया तिथि पर विजय और अभिजीत मुहूर्त का दुर्लभ संयोग है, लेकिन भद्रा का साया प्रातः 8:12 से रात 9:21 तक बना रहेगा — मांगलिक कार्यों के लिए सतर्कता ज़रूरी।

मुख्य बातें

3 जून 2026 (बुधवार) को पुरुषोत्तम मास का 18वाँ दिन और ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि है।
सूर्योदय 5:23 बजे , सूर्यास्त 7:15 बजे ; तृतीया तिथि रात 9:21 बजे तक।
विजय मुहूर्त दोपहर 2:38 से 3:34 बजे तक; अमृत काल सायं 7:37 से रात 9:24 बजे तक।
भद्रा प्रातः 8:12 से रात 9:21 बजे तक — इस दौरान मांगलिक कार्यों से बचने की परंपरा।
राहुकाल दोपहर 12:19 से 2:03 बजे तक; दुर्मुहूर्त दोपहर 11:52 से 12:47 बजे तक।
नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा दोपहर 12:59 बजे तक, तत्पश्चात उत्तराषाढ़ा प्रभावी।

3 जून 2026 (बुधवार) को पुरुषोत्तम मास का 18वाँ दिन है। सनातन परंपरा में पंचांग के पाँचों अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — के आधार पर दिन की शुभता और कार्यारंभ का निर्णय लिया जाता है। इस बुधवार को ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जिस पर विजय मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त का संयोग बन रहा है, किंतु साथ ही भद्रा की छाया भी दिनभर बनी रहेगी।

तिथि, नक्षत्र एवं सूर्य-चंद्र का समय

बुधवार को सूर्योदय प्रातः 5 बजकर 23 मिनट पर होगा और सूर्यास्त सायं 7 बजकर 15 मिनट पर। चंद्रोदय रात 10 बजकर 4 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त 4 जून की प्रातः 7 बजकर 21 मिनट पर। तृतीया तिथि रात 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगी, तत्पश्चात चतुर्थी आरंभ होगी। उदयातिथि के नियमानुसार पूरे दिन तृतीया का ही मान मान्य रहेगा।

नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा दोपहर 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा, उसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र प्रभावी होगा। शुभ योग प्रातः 8 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। करण वणिज भी प्रातः 8 बजकर 12 मिनट तक और तत्पश्चात विष्टि करण रात 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।

शुभ मुहूर्त एवं कल्याणकारी योग

ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 4 बजकर 2 मिनट से 4 बजकर 43 मिनट तक रहेगा — यह ध्यान, पूजा-पाठ और अध्ययन के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है। प्रातः सन्ध्या प्रातः 4 बजकर 22 मिनट से 5 बजकर 23 मिनट तक रहेगी।

विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 38 मिनट से 3 बजकर 34 मिनट तक उपलब्ध रहेगा, जो महत्त्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है। गोधूलि मुहूर्त सायं 7 बजकर 14 मिनट से 7 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सायं 7 बजकर 37 मिनट से रात 9 बजकर 24 मिनट तक और निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 59 मिनट से देर रात 12 बजकर 40 मिनट (4 जून) तक रहेगा।

अशुभ समय एवं भद्रा की छाया

राहुकाल दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से 2 बजकर 3 मिनट तक रहेगा — इस अवधि में नए कार्यों का शुभारंभ वर्जित माना जाता है। यमगण्ड प्रातः 7 बजकर 7 मिनट से 8 बजकर 51 मिनट तक और गुलिक काल प्रातः 10 बजकर 35 मिनट से 12 बजकर 19 मिनट तक रहेगा।

दुर्मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। सबसे उल्लेखनीय यह है कि भद्रा प्रातः 8 बजकर 12 मिनट से रात 9 बजकर 21 मिनट तक — अर्थात लगभग पूरे दिन — प्रभावी रहेगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार भद्रा काल में मांगलिक कार्य, यात्रा और नए उद्यम टालने की परंपरा है।

पुरुषोत्तम मास का महत्त्व

पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) को सनातन परंपरा में भगवान विष्णु को समर्पित अत्यंत पुण्यदायी माह माना जाता है। इस माह में किए गए दान, पूजन और व्रत का फल सामान्य मासों की तुलना में कई गुना अधिक बताया गया है। 18वाँ दिन होने के कारण भक्तजन विशेष रूप से श्रीहरि की उपासना और सत्संग का लाभ उठा सकते हैं।

भद्रा की उपस्थिति को देखते हुए मांगलिक कार्यों की योजना रात 9 बजकर 21 मिनट के बाद बनाना अधिक उचित रहेगा, जब भद्रा समाप्त होगी और चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दिनचर्या नियोजन का व्यावहारिक साधन भी है। इस बुधवार भद्रा और विजय मुहूर्त का एक साथ होना एक दिलचस्प द्वंद्व प्रस्तुत करता है — शुभ और अशुभ समय लगभग समानांतर चल रहे हैं। पुरुषोत्तम मास की पृष्ठभूमि में यह दिन उन पाठकों के लिए विशेष महत्त्व रखता है जो धार्मिक अनुष्ठानों की समयबद्ध योजना बनाते हैं। भद्रा समाप्त होने के बाद का अमृत काल व्यावहारिक रूप से सबसे उपयुक्त विंडो प्रतीत होती है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 जून 2026 को कौन-सी तिथि है?
3 जून 2026 को ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जो रात 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के नियमानुसार पूरे दिन तृतीया का ही मान मान्य होगा।
3 जून 2026 को शुभ मुहूर्त कब-कब हैं?
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 4:02 से 4:43 बजे, विजय मुहूर्त दोपहर 2:38 से 3:34 बजे, गोधूलि मुहूर्त सायं 7:14 से 7:34 बजे और अमृत काल सायं 7:37 से रात 9:24 बजे तक उपलब्ध रहेगा।
3 जून 2026 को भद्रा कब तक रहेगी?
भद्रा प्रातः 8 बजकर 12 मिनट से रात 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। धार्मिक परंपरा के अनुसार भद्रा काल में विवाह, गृहप्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों का आरंभ वर्जित माना जाता है।
3 जून 2026 को राहुकाल कब है?
बुधवार को राहुकाल दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से 2 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त यमगण्ड प्रातः 7:07 से 8:51 बजे और गुलिक काल प्रातः 10:35 से 12:19 बजे तक रहेगा।
पुरुषोत्तम मास में 3 जून का क्या विशेष महत्त्व है?
3 जून 2026 पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) का 18वाँ दिन है। इस माह को भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है और इसमें किए गए दान-पुण्य का फल सामान्य मासों से अधिक बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले