30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

31 जुलाई 2026 पंचांग: सावन के दूसरे दिन जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
31 जुलाई 2026 पंचांग: सावन के दूसरे दिन जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल

सारांश

सावन के दूसरे दिन 31 जुलाई 2026 को सौभाग्य योग और अभिजीत मुहूर्त का शुभ संयोग है। राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्टकाल से बचते हुए और पश्चिम दिशा में दिशाशूल का ध्यान रखते हुए दिन की योजना बनाएँ।

मुख्य बातें

31 जुलाई 2026, शुक्रवार को सावन माह का दूसरा दिन है।
कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि रात्रि 10:32 बजे तक; इसके बाद तृतीया।
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:39 से दोपहर 12:31 बजे तक — पूजा और शुभ कार्यों के लिए उत्तम।
राहुकाल सुबह 10:25 से 12:05 बजे ; गुलिक काल सुबह 7:05 से 8:45 बजे ; यमघण्टकाल दोपहर 3:25 से शाम 5:05 बजे ।
सौभाग्य योग रात्रि 11:55 बजे तक प्रभावी।
पश्चिम दिशा में दिशाशूल — इस दिशा में यात्रा से बचें।

सावन माह के दूसरे दिन, 31 जुलाई 2026, शुक्रवार को पूजा-पाठ और शुभ कार्यों की योजना बनाने से पहले दिन का पंचांग जान लेना आवश्यक है। हिंदू परंपरा में पंचांग — जो सूर्य, चंद्रमा, तिथि, नक्षत्र और ग्रह-स्थिति के आधार पर तैयार होता है — किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए मार्गदर्शक माना जाता है। इस दिन सौभाग्य योग और अभिजीत मुहूर्त विशेष रूप से शुभ संयोग प्रस्तुत करते हैं।

तिथि, नक्षत्र और योग

इस दिन कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि रात्रि 10:32 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात तृतीया तिथि आरंभ होगी। धनिष्ठा नक्षत्र शाम 7:27 बजे तक प्रभावी रहेगा। सौभाग्य योग रात्रि 11:55 बजे तक रहेगा, जिसे पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और राशि-स्थिति

इस दिन सूर्योदय सुबह 5:25 बजे और सूर्यास्त शाम 6:45 बजे होगा। चंद्रोदय शाम 7:56 बजे तथा चंद्रास्त अगले दिन सुबह 6:44 बजे होगा। सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा मकर राशि में स्थित रहेंगे, जो दिन के ज्योतिषीय प्रभाव को निर्धारित करते हैं।

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:39 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। यह अवधि पूजा-पाठ, महत्वपूर्ण निर्णय लेने और नए कार्यों की शुरुआत के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जाती है।

अशुभ समय — राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्टकाल

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, निम्नलिखित समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है:

राहुकाल: सुबह 10:25 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक।
गुलिक काल: सुबह 7:05 बजे से 8:45 बजे तक।
यमघण्टकाल: दोपहर 3:25 बजे से शाम 5:05 बजे तक।

सावन शुक्रवार: लक्ष्मी पूजन का महत्व

इस दिन शुक्रवार होने के कारण माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। सावन माह में भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के साथ लक्ष्मी पूजन करने से सुख-समृद्धि और पारिवारिक खुशहाली की कामना की जाती है। गौरतलब है कि सावन में शिव-पार्वती उपासना का संयोग इस माह को हिंदू पंचांग में विशेष स्थान देता है।

दिशाशूल और यात्रा सावधानी

इस दिन पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस दिशा में यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यदि पश्चिम दिशा में जाना अनिवार्य हो, तो पारंपरिक उपाय अपनाए जा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब लाखों श्रद्धालु पूजा-पाठ के लिए शुभ समय की तलाश करते हैं। पंचांग को एक सेवा के रूप में प्रस्तुत करना पाठकों को व्यावहारिक जानकारी देता है, बशर्ते समय-सारणी स्थानीय सूर्योदय के अनुसार सत्यापित हो।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

31 जुलाई 2026 को अभिजीत मुहूर्त कब है?
31 जुलाई 2026 को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:39 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। यह समय पूजा-पाठ, नए कार्यों की शुरुआत और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए शुभ माना जाता है।
31 जुलाई 2026 को राहुकाल किस समय है?
इस दिन राहुकाल सुबह 10:25 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए।
31 जुलाई 2026 के पंचांग में कौन-सा नक्षत्र और योग है?
इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र शाम 7:27 बजे तक और सौभाग्य योग रात्रि 11:55 बजे तक रहेगा। सौभाग्य योग को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
31 जुलाई 2026 को कौन-सी तिथि है?
इस दिन कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि रात्रि 10:32 बजे तक रहेगी, जिसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ होगी। सावन माह का यह दूसरा दिन है।
31 जुलाई 2026 को किस दिशा में दिशाशूल है?
इस दिन पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस दिशा में यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है; यदि अनिवार्य हो तो पारंपरिक उपाय अपनाए जा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले