गुजरात: 'श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना' से 5 साल में 1.42 लाख लाभार्थियों को ₹1,243 करोड़ की सब्सिडी
गुजरात सरकार ने गुरुवार, 7 मई 2026 को घोषणा की कि 'श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना' के तहत वर्ष 2021 से 2025 के बीच 1.42 लाख से अधिक लाभार्थियों को ₹1,243 करोड़ से अधिक की सब्सिडी सहायता प्रदान की गई है। गांधीनगर से जारी आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, यह योजना शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के बेरोज़गार युवाओं को स्वरोज़गार की दिशा में सशक्त बनाने के लिए चलाई जा रही है।
योजना का दायरा और पात्रता
श्री वाजपेयी बैंकेबल योजना गुजरात के 18 से 65 वर्ष आयु वर्ग के निवासियों के लिए खुली है। आवेदक का कम से कम कक्षा 4 उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, अथवा संबंधित व्यवसाय में किसी निजी संस्थान से न्यूनतम तीन माह या किसी सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थान से कम से कम एक माह का प्रशिक्षण होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, संबंधित व्यवसाय में एक वर्ष का अनुभव रखने वाले या पारंपरिक कारीगर परिवारों से जुड़े लोग भी इस योजना के पात्र हैं। गौरतलब है कि योजना में कोई आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
ऋण सीमा में बड़ा बदलाव
राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से योजना के तहत अधिकतम ऋण सीमा ₹8 लाख से बढ़ाकर ₹25 लाख कर दी है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार, सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को अधिकतम ₹3.75 लाख तक की सब्सिडी मिलेगी, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग लाभार्थियों को अधिकतम ₹5 लाख तक की सहायता दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में 25 से 40 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्रों में 20 से 30 प्रतिशत तक सब्सिडी सहायता प्रदान की जाती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियाँ
केवल वित्तीय वर्ष 2025-26 में 47,462 लाभार्थियों को ₹466 करोड़ की सब्सिडी सहायता दी गई। योजना का संचालन राज्य के खादी, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा मंत्री नरेश पटेल और राज्य मंत्री स्वरोकपजी ठाकोर के नेतृत्व में किया जा रहा है। उद्योग, सेवा और व्यापार क्षेत्र में व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक युवाओं को बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी के माध्यम से सहायता दी जाती है, और बैंक से ऋण स्वीकृत होने के बाद सब्सिडी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है।
लाभार्थी की सफलता की कहानी
अहमदाबाद जिले के बावला निवासी रोहित प्रजापति इस योजना के उल्लेखनीय लाभार्थियों में से एक हैं। उन्होंने अहमदाबाद में बढ़ती निर्माण गतिविधियों के बीच ईंट आपूर्ति में अवसर देखा, लेकिन पूंजी की कमी बड़ी चुनौती थी। जिला उद्योग केंद्र द्वारा आयोजित एक सेमिनार में भाग लेने के बाद उन्हें योजना और सब्सिडी की विस्तृत जानकारी मिली। रोहित प्रजापति ने कहा,