25 जुलाई 2026
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टाइफाइड से पीड़ित अभिजीत दिपके का ऐलान: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक नहीं रुकेगा आंदोलन

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टाइफाइड से पीड़ित अभिजीत दिपके का ऐलान: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक नहीं रुकेगा आंदोलन

सारांश

टाइफाइड की बीमारी भी अभिजीत दिपके का हौसला नहीं तोड़ सकी — वीडियो संदेश में उन्होंने साफ कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक लड़ाई जारी रहेगी। सरकार ने पेपर लीक कानून सख्त करने का मसौदा मंजूर किया, पर सीजेपी की मुख्य माँग अडिग है।

मुख्य बातें

अभिजीत दिपके ने 25 जुलाई को वीडियो संदेश में बताया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है और हर सुबह आईवी ड्रिप दी जा रही है।
बीमारी के बावजूद दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
सीजेपी ने पेपर लीक रोकने के लिए प्रस्तावित संशोधनों का स्वागत किया, लेकिन इस्तीफे की माँग पर कोई समझौता नहीं।
केंद्रीय मंत्री जे.पी.
नड्डा और जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को संविधान क्लब में सीजेपी से दूसरे दौर की बैठक की; तीसरे दौर की बातचीत जल्द।
PM मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने 'पब्लिक एग्जामिनेशंस एक्ट, 2024' संशोधन विधेयक को मंजूरी दी — संगठित पेपर लीक पर 10 वर्ष जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का प्रस्ताव।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 25 जुलाई को एक वीडियो संदेश जारी कर खुलासा किया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है और फिलहाल उनका उपचार जारी है। बीमारी के बावजूद दिपके ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक उनका अभियान थमने वाला नहीं है।

दिपके ने वीडियो में क्या कहा

अपने वीडियो संदेश में दिपके ने बताया, 'जैसा कि आप जानते हैं, पिछले कुछ दिनों से मेरी तबीयत ठीक नहीं थी। अब मेरी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट आ गई है। मुझे टाइफाइड हुआ है और मेरा इलाज चल रहा है। हर सुबह मुझे आईवी ड्रिप दी जा रही है।' उन्होंने देशभर में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे सभी 'कॉकरोच' साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि आंदोलन इसी तरह जारी रहा तो धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जरूर होगा।

सीजेपी की मुख्य माँग

सीजेपी ने स्पष्ट किया कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए प्रस्तावित शिक्षा सुधारों और 'द पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024' में संशोधनों का स्वागत करती है। हालाँकि, पार्टी ने यह भी दोहराया कि उसकी प्राथमिक माँग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ही है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा।

सरकार के साथ बातचीत का दौर

यह बयान केंद्र सरकार के साथ होने वाली तीसरे दौर की बातचीत से कुछ घंटे पहले आया। इससे पहले शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह ने संविधान क्लब, नई दिल्ली में सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के साथ दूसरे दौर की बैठक की। बैठक में सरकार की ओर से कहा गया कि सीजेपी की माँगों पर विचार कर जवाब दिया जाएगा।

कैबिनेट ने संशोधन विधेयक को दी मंजूरी

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 'द पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024' में संशोधन से जुड़े मसौदा विधेयक को मंजूरी दे दी गई। प्रस्तावित संशोधन के तहत संगठित तरीके से पेपर लीक करने पर अधिकतम 10 वर्ष की जेल और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

मौजूदा कानून से कितना अलग है नया प्रस्ताव

मौजूदा कानून में व्यक्तिगत अपराध के लिए 3 से 5 वर्ष की सजा है, जबकि संगठित पेपर लीक और नकल के मामलों में 5 से 10 वर्ष की कैद और कम से कम ₹1 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान है। नए विधेयक में इन प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाने का प्रस्ताव है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं को लेकर छात्रों और अभिभावकों में व्यापक आक्रोश है। आने वाले दिनों में सरकार और सीजेपी के बीच बातचीत के नतीजे तय करेंगे कि यह आंदोलन किस दिशा में जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सीजेपी की माँग व्यक्ति-केंद्रित है — मंत्री का इस्तीफा। यह राजनीतिक जवाबदेही और नीतिगत सुधार के बीच की खाई को उजागर करता है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार संस्थागत बदलाव से आंदोलन की धार कुंद कर पाएगी, या व्यक्तिगत जवाबदेही की माँग और तेज़ होगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिजीत दिपके कौन हैं और उनका आंदोलन किस बारे में है?
अभिजीत दिपके कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध में और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर देशव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन चला रहे हैं।
अभिजीत दिपके को टाइफाइड होने के बाद भी आंदोलन क्यों जारी है?
दिपके ने 25 जुलाई को जारी वीडियो संदेश में स्पष्ट किया कि उनकी बीमारी आंदोलन की राह में रुकावट नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
सरकार और सीजेपी के बीच बातचीत की स्थिति क्या है?
केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को संविधान क्लब में सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के साथ दूसरे दौर की बैठक की। सरकार ने कहा कि माँगों पर विचार कर जवाब दिया जाएगा और तीसरे दौर की बातचीत जल्द होने वाली थी।
पब्लिक एग्जामिनेशंस एक्ट 2024 में क्या बदलाव प्रस्तावित हैं?
PM मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने संशोधन मसौदे को मंजूरी दी है, जिसमें संगठित पेपर लीक पर अधिकतम 10 वर्ष जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का प्रस्ताव है। मौजूदा कानून में संगठित मामलों में 5 से 10 वर्ष कैद और कम से कम ₹1 करोड़ जुर्माने का प्रावधान है।
सीजेपी ने नए पेपर लीक कानून पर क्या रुख अपनाया है?
सीजेपी ने प्रस्तावित संशोधनों और शिक्षा सुधारों का स्वागत किया है, लेकिन पार्टी ने स्पष्ट किया है कि उसकी मुख्य माँग — धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा — अभी भी अपरिवर्तित है।
राष्ट्र प्रेस
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