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अभिलाष पांडा का चीन को संदेश — संप्रभुता का सम्मान करो, पड़ोसी बदले नहीं जा सकते

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अभिलाष पांडा का चीन को संदेश — संप्रभुता का सम्मान करो, पड़ोसी बदले नहीं जा सकते

सारांश

BJYM अध्यक्ष अभिलाष पांडा ने अटल बिहारी वाजपेयी का हवाला देते हुए चीन को दो-टूक संदेश दिया कि पड़ोसी बदले नहीं जा सकते, लेकिन 'नया भारत' संप्रभुता पर समझौता नहीं करेगा। साथ ही PM मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को भुवनेश्वर में मेगा रक्तदान शिविर की घोषणा की।

मुख्य बातें

BJYM अध्यक्ष अभिलाष पांडा ने चीन से भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय अखंडता का सम्मान करने की माँग की।
पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी के कथन 'दोस्त बदले जा सकते हैं, पड़ोसी नहीं' का उल्लेख किया।
ब्रिक्स सम्मेलन में शी जिनपिंग के बयान पर प्रतिक्रिया — सकारात्मक संदेश लेकिन शर्त आपसी सम्मान।
17 सितंबर को भुवनेश्वर के यूनिट-3 प्रदर्शनी मैदान में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत मेगा रक्तदान शिविर।
शिविर सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा; पिछले रक्तदान रिकॉर्ड तोड़ने का लक्ष्य।

भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिलाष पांडा ने चीन के साथ रिश्तों पर स्पष्ट रुख रखते हुए कहा है कि भारत पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है, लेकिन 'नया भारत' अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय अखंडता पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रसिद्ध कथन — 'दोस्त बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं' — का हवाला देते हुए बातचीत में ये बातें कहीं।

ब्रिक्स सम्मेलन और शी जिनपिंग के बयान पर प्रतिक्रिया

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत रवाना होने से पहले दोनों देशों के संबंधों को बेहतर ढंग से संभालने और बातचीत बढ़ाने की ज़रूरत पर बल दिया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पांडा ने कहा कि शी जिनपिंग द्वारा अच्छे संबंधों की इच्छा जताना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन यह तभी सार्थक होगा जब चीन भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का पूरा सम्मान करे।

भारत की विदेश नीति और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व

पांडा ने रेखांकित किया कि भारत हमेशा से शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और पड़ोसी देशों के साथ रचनात्मक संबंधों की नीति पर चलता रहा है। उन्होंने कहा कि शांति किसी भी राष्ट्र की प्रगति और विकास का मूलभूत कारक है और भारत का उद्देश्य सभी के साथ मिलकर आगे बढ़ना रहा है। हालांकि, उन्होंने साफ़ शब्दों में जोड़ा कि राष्ट्रीय हितों की कीमत पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। दोनों देशों के बीच संवाद और आपसी सम्मान से ही संबंधों को आगे बढ़ाने का रास्ता तैयार हो सकता है।

ब्रिक्स में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका

ब्रिक्स सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी को पांडा ने भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के प्रमुख नेताओं का भारत आना इस बात को दर्शाता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के केंद्र में एक निर्णायक भूमिका निभा रहा है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारत ने G-20 अध्यक्षता से लेकर ब्रिक्स तक कई बहुपक्षीय मंचों पर अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई है, जो वैश्विक व्यवस्था में देश के बदलते स्थान का संकेत है।

PM मोदी के जन्मदिन पर भुवनेश्वर में मेगा रक्तदान शिविर

इसके अलावा, पांडा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर BJYM की ओडिशा इकाई 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत 17 सितंबर को भुवनेश्वर के यूनिट-3 प्रदर्शनी मैदान में एक मेगा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित करेगी। शिविर सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। पांडा ने ओडिशा के युवाओं से बड़ी संख्या में रक्तदान करने की अपील की और कहा कि संगठन का लक्ष्य रक्तदान के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ना है।

मुख्यमंत्री माझी और प्रदेश अध्यक्ष सामल को श्रेय

पांडा ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों नेताओं से पार्टी को इस तरह के सेवा-आधारित आयोजनों के लिए लगातार मार्गदर्शन और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अभियान देशभर में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा। आने वाले दिनों में भारत-चीन कूटनीतिक संवाद की दिशा और ब्रिक्स के बाद दोनों पक्षों की ठोस कार्रवाई पर सबकी नज़रें रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन LAC पर यथास्थिति की शर्त पर। दिलचस्प यह है कि वाजपेयी के 'पड़ोसी नहीं बदले जा सकते' वाले कथन का सहारा लेना दर्शाता है कि पार्टी अभी भी कूटनीतिक भाषा में NDA-1 की विरासत को जोड़कर रखना चाहती है। असल सवाल यह है कि ब्रिक्स में शी जिनपिंग की 'सकारात्मक' भाषा क्या ज़मीन पर LAC से सेना की वापसी में बदलेगी — अगर नहीं, तो ऐसे बयान सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता बनकर रह जाएँगे।
RashtraPress
12 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिलाष पांडा ने चीन के बारे में क्या कहा?
BJYM अध्यक्ष अभिलाष पांडा ने कहा कि भारत चीन के साथ अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन इसके लिए चीन को भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय अखंडता का पूरा सम्मान करना होगा। उन्होंने वाजपेयी के कथन 'दोस्त बदले जा सकते हैं, पड़ोसी नहीं' का उल्लेख किया।
भुवनेश्वर में मेगा रक्तदान शिविर कब और कहाँ होगा?
यह शिविर 17 सितंबर को भुवनेश्वर के यूनिट-3 प्रदर्शनी मैदान में सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा। यह PM मोदी के जन्मदिन पर 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत है।
ब्रिक्स सम्मेलन में शी जिनपिंग ने भारत पर क्या कहा था?
शी जिनपिंग ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत-चीन संबंधों को बेहतर तरीके से संभालने और द्विपक्षीय बातचीत बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया था।
सेवा संकल्प अभियान क्या है?
यह भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) द्वारा PM मोदी के जन्मदिन के अवसर पर चलाया जाने वाला सेवा-आधारित अभियान है, जिसके तहत रक्तदान शिविर जैसी सामाजिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं।
अभिलाष पांडा ने वाजपेयी के किस कथन का उल्लेख किया?
पांडा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रसिद्ध कथन 'दोस्त बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं' का उल्लेख करते हुए भारत-चीन संबंधों में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व लेकिन संप्रभुता पर दृढ़ता की वकालत की।
राष्ट्र प्रेस
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