अभिषेक बनर्जी का गंभीर आरोप: केंद्र ने राजबंशी समुदाय की अनदेखी की

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अभिषेक बनर्जी का गंभीर आरोप: केंद्र ने राजबंशी समुदाय की अनदेखी की

सारांश

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भाजपा सरकार पर उत्तर बंगाल के राजबंशी समुदाय की अनदेखी और वादों को न पूरा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

Key Takeaways

  • अभिषेक बनर्जी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • राजबंशी समुदाय की उपेक्षा की गई है।
  • भाजपा ने वादों को पूरा नहीं किया है।
  • बनर्जी ने ममता बनर्जी के विकास कार्यों की सराहना की।
  • उत्तर बंगाल के लोगों को मतदान के माध्यम से जवाब देने का आग्रह किया।

कोलकाता, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को भाजपा सरकार पर उत्तर बंगाल के राजबंशी समुदाय से किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस स्थिति ने उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई है।

बनर्जी ने कूच बिहार जिले के नटबारी में चुनाव प्रचार के दौरान इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने संविधान की आठवीं अनुसूची के तहत राजबंशी भाषा को मान्यता देने में अत्यधिक देरी की है।

जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि फरवरी में राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर राजबंशी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का अनुरोध किया था, लेकिन केंद्र ने उस पत्र का कोई सही जवाब नहीं दिया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार राजबंशी समुदाय के कल्याण और मांगों के मामले में गंभीर नहीं है।

बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा धर्म का प्रयोग केवल राजनीति के लिए कर रही है, और उनमें सच्ची निष्ठा नहीं है।

उन्होंने पिछले रविवार को कूच बिहार के रास मेला मैदान में प्रधानमंत्री की बैठक का उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री ने मदन मोहन ठाकुर मंदिर का दौरा नहीं किया, जो कि बैठक स्थल से केवल दो-तीन मिनट की दूरी पर है। जो लोग हिंदू धर्म के अनुयायी होने का दावा करते हैं, वे राजनीतिक सभाओं में आकर मंदिरों में पूजा करने की इच्छा तक व्यक्त नहीं करते।

अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार द्वारा किए गए कई 'कमजोर' वादों की सूची दी। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2019 से 2024 के बीच किए गए वादों का क्या हुआ।

उनके अनुसार, "कूच बिहार में नारायण बटालियन, चिला रॉय के नाम पर अर्धसैनिक प्रशिक्षण केंद्र या ठाकुर पंचानन बर्मा का स्मारक – केंद्र सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। मदन मोहन, जलपेश या कमलेश्वरी मंदिरों के आसपास पर्यटन विकास का वादा या उत्तर बंगाल में एम्स का निर्माण भी पूरा नहीं हुआ है।"

इसके विपरीत, राज्य सरकार की सफलता का दावा करते हुए उन्होंने कहा, "मैं यह कहने में गर्व महसूस करता हूं कि पश्चिम बंगाल में जो भी विकास हुआ है, वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रयासों का परिणाम है।"

उन्होंने उत्तर बंगाल के लोगों से केंद्र की इस उपेक्षा का जवाब मतदान के माध्यम से देने का आग्रह किया।

Point of View

जो राजनीतिक ध्रुवीकरण और समुदायों के अधिकारों के मुद्दों को उजागर करते हैं। यह भारत में सामाजिक और राजनीतिक विमर्श में एक महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाया?
अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर उत्तर बंगाल के राजबंशी समुदाय से किए गए वादों को पूरा न करने और उनकी उपेक्षा करने का आरोप लगाया।
राजबंशी समुदाय के लिए क्या वादे किए गए थे?
राजबंशी समुदाय के लिए भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने और विभिन्न विकास योजनाओं का वादा किया गया था।
बनर्जी ने प्रधानमंत्री पर क्या आरोप लगाया?
बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी पर धर्म का उपयोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए करने का आरोप लगाया।
केंद्र सरकार ने राजबंशी समुदाय के लिए क्या किया?
बनर्जी के अनुसार, केंद्र सरकार ने राजबंशी समुदाय के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
बनर्जी ने किसके विकास का श्रेय दिया?
बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में विकास का श्रेय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दिया।
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