एक्सेंचर की नौकरी से जापान पहुँचे अभिषेक आनंद, तीन साल में बनी जापान नेशनल क्रिकेट टीम में जगह
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मूल के क्रिकेटर अभिषेक आनंद ने एक अप्रत्याशित सफर तय किया — कॉलेज प्लेसमेंट में एक्सेंचर जापान का ऑफर मिला, दो घंटे में फैसला लिया, और महज तीन साल के भीतर जापान नेशनल क्रिकेट टीम में जगह बना ली। उन्होंने कहा कि यह सफर उनके लिए भी अविश्वसनीय रहा है और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह जापान की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलेंगे।
कैसे मिला जापान का टिकट
अभिषेक ने बताया कि कॉलेज प्लेसमेंट के दौरान जापानी कंपनियाँ आई थीं, लेकिन उनका इरादा विदेश जाने का बिल्कुल नहीं था। उन्होंने कहा, 'मैं भारत में ही रहकर नौकरी और क्रिकेट दोनों जारी रखना चाहता था। फिर भी मैंने इंटरव्यू देने का फैसला किया और एक्सेंचर जापान के लिए चुन लिया गया।'
ऑफर मिलने के बाद उन्हें स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए केवल दो घंटे दिए गए। इस दौरान उन्होंने जापान में क्रिकेट की स्थिति खंगाली और पाया कि जापान की टीम ईस्ट एशिया-पैसिफिक वर्ल्ड कप क्वालिफायर के लिए क्वालिफाई कर चुकी है। इस जानकारी ने उनमें उम्मीद जगाई और उन्होंने ऑफर स्वीकार कर लिया।
टोक्यो फाल्कन्स से नेशनल टीम तक का सफर
जापान पहुँचने के बाद अभिषेक टोक्यो फाल्कन्स क्रिकेट क्लब से जुड़े और लगातार तीन साल तक क्लब के लिए खेले। उनके प्रदर्शन को देखते हुए जापान क्रिकेट एसोसिएशन (JCA) ने 2025 में उन्हें नेशनल टीम में शामिल किया। अभिषेक ने कहा, 'मुझे उम्मीद नहीं थी कि सिर्फ तीन साल में नेशनल टीम में जगह मिल जाएगी — मैंने सोचा था कि कम से कम चार-पाँच साल लगेंगे।'
जापान नेशनल टीम में चयन की शर्तें
अभिषेक ने चयन प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया। उनके अनुसार जापान की नेशनल क्रिकेट टीम में शामिल होने के लिए तीन बुनियादी योग्यता शर्तें हैं: या तो खिलाड़ी लगातार तीन साल से जापान में निवासरत हो, जापान में जन्मा हो, अथवा उसके पास जापानी पासपोर्ट हो। अभिषेक के मामले में पहली शर्त — जापान में तीन वर्ष की निरंतर उपस्थिति — पूरी हुई।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योग्यता शर्त पूरी होना मात्र शुरुआत है। इसके साथ-साथ घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन और अनुशासन भी अनिवार्य मापदंड हैं। अभिषेक ने दोनों कसौटियाँ पूरी कीं और इस तरह राष्ट्रीय टीम में उनका चयन सुनिश्चित हुआ।
जापान में क्रिकेट का तेज़ विकास
अभिषेक ने बताया कि जापान में क्रिकेट ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रफ्तार पकड़ी है — चाहे पुरुष टीम हो या महिला टीम, दोनों में जबरदस्त तरक्की देखी गई है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले कुछ वर्षों में जापान दुनियाभर में पहचानी जाने वाली क्रिकेट टीमों में से एक बन जाएगी।
भारत बनाम जापान मैच पर अभिषेक का नज़रिया
आगामी भारत बनाम जापान मैच पर अभिषेक ने कहा कि वह इस मुकाबले को लेकर उत्साहित हैं, भले ही वह फिलहाल टीम में शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'मैं टीम के साथ रहकर उन्हें सपोर्ट करूंगा। चूँकि मैं भारत से हूँ, इसलिए मैं भारत और जापान दोनों को सपोर्ट करूंगा।' यह दिलचस्प स्थिति उस इंसान की है जो दो देशों के बीच भावनात्मक पुल बन चुका है।
अभिषेक आनंद की यह कहानी केवल एक क्रिकेटर की नहीं, बल्कि एक ऐसे युवा की है जिसने आकस्मिक मौके को अवसर में बदल दिया — और यह सफर जापान में क्रिकेट के भविष्य के लिए एक प्रेरक मिसाल बन रहा है।