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अदाणी यूनिवर्सिटी ने 2026-27 के लिए पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव, 'एआई फॉर इंजीनियर्स' कोर्स अनिवार्य

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अदाणी यूनिवर्सिटी ने 2026-27 के लिए पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव, 'एआई फॉर इंजीनियर्स' कोर्स अनिवार्य

सारांश

अदाणी यूनिवर्सिटी ने 2026-27 से पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है — 'एआई फॉर इंजीनियर्स' अनिवार्य होगा, तीन चरणों की इंटर्नशिप लागू होगी और आईआईटी बॉम्बे के ई-यंत्र के कोर्स भी जुड़ेंगे। एनईपी 2020 के अनुरूप यह सुधार भारतीय उच्च शिक्षा में एआई-एकीकरण की बढ़ती माँग को दर्शाता है।

मुख्य बातें

अदाणी यूनिवर्सिटी ने 26 जून 2026 को 2026-27 शैक्षणिक वर्ष के लिए पाठ्यक्रम में व्यापक सुधारों की घोषणा की।
'एआई फॉर इंजीनियर्स' कोर्स सभी इंजीनियरिंग और साइंस छात्रों के लिए अनिवार्य किया गया; इसमें प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और एथिकल एआई शामिल।
छात्रों को तीन चरणों में संरचित इंटर्नशिप करनी होगी — कम्युनिटी सर्विस , प्रोफेशनल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री इंटर्नशिप ।
रोबोटिक्स , वीएलएसआई डिजाइन और फाइनेंशियल डेटा एनालिटिक्स नए माइनर स्पेशलाइजेशन के रूप में शुरू।
आईआईटी बॉम्बे के ई-यंत्र प्रोजेक्ट-बेस्ड कोर्स पाठ्यक्रम में शामिल किए गए।
सुधार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप; इंडियन नॉलेज सिस्टम्स अनिवार्य क्रेडिट कोर्स के रूप में जोड़ा गया।

अदाणी यूनिवर्सिटी ने 26 जून 2026 को 2026-27 शैक्षणिक वर्ष के लिए अपने पाठ्यक्रम में व्यापक सुधारों की घोषणा की, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को केंद्र में रखकर इंजीनियरिंग, विज्ञान और प्रबंधन कार्यक्रमों को नए सिरे से डिजाइन किया गया है। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप है और इसका लक्ष्य छात्रों को एआई-आधारित कार्यस्थल के लिए तैयार करना है।

मुख्य बदलाव: 'एआई फॉर इंजीनियर्स' अनिवार्य कोर्स

संशोधित पाठ्यक्रम की सबसे उल्लेखनीय विशेषता 'एआई फॉर इंजीनियर्स' नामक एक अनिवार्य कोर्स की शुरुआत है, जो सभी इंजीनियरिंग और साइंस छात्रों के लिए उपलब्ध होगा। यह कोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी समझ, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और एथिकल एआई प्रैक्टिस पर केंद्रित रहेगा। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय ने कई विषयों में एआई कॉन्सेप्ट और उनके व्यावहारिक उपयोग को भी पाठ्यक्रम में समाहित किया है।

एमबीए और मैनेजमेंट प्रोग्राम में नया रूप

फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज ने अपने प्रमुख एमबीए इन इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट कार्यक्रम को पूरी तरह नए सिरे से तैयार किया है। नए सिलेबस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एनालिटिक्स, एनवायरनमेंटल, सोशल और गवर्नेंस (ईएसजी) सिद्धांत तथा इंडियन नॉलेज सिस्टम्स जैसे विषय जोड़े गए हैं। इंटर्नशिप और कैपस्टोन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से क्षेत्र-विशेष स्पेशलाइजेशन और व्यावहारिक अनुभव के अवसर भी बढ़ाए गए हैं।

तीन चरणों की इंटर्नशिप और अनुभव-आधारित शिक्षा

यूनिवर्सिटी ने प्रोजेक्ट-बेस्ड शिक्षा, लैब वर्क और इंडस्ट्री से जुड़ाव को प्राथमिकता देते हुए अनुभव-आधारित शिक्षा को मजबूत किया है। छात्रों को अब तीन चरणों में संरचित इंटर्नशिप करनी होगी: पहले वर्ष के बाद कम्युनिटी सर्विस इंटर्नशिप, दूसरे वर्ष के बाद प्रोफेशनल डेवलपमेंट इंटर्नशिप, और तीसरे वर्ष के बाद इंडस्ट्री इंटर्नशिप। इसके अलावा, आईआईटी बॉम्बे के ई-यंत्र द्वारा विकसित प्रोजेक्ट-बेस्ड कोर्स को भी शामिल किया गया है, जो हार्डवेयर डेवलपमेंट और सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग पर केंद्रित हैं।

लचीले सीखने के रास्ते और नए माइनर स्पेशलाइजेशन

छात्रों को एमओओसीएस (मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स), बहु-विषयीय इलेक्टिव और अपने मुख्य कार्यक्रम के साथ माइनर डिग्री करने के विकल्प दिए जाएंगे। रोबोटिक्स, वीएलएसआई डिजाइन और फाइनेंशियल डेटा एनालिटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों को माइनर स्पेशलाइजेशन के रूप में प्रस्तुत किया गया है। कुछ विशेष कार्यक्रमों में 'स्टूडियो लर्निंग' मॉड्यूल भी शुरू किए गए हैं, जिससे छात्र पहले वर्ष से ही हैंड्स-ऑन प्रॉब्लम-सॉल्विंग का अनुभव ले सकेंगे।

भारतीय ज्ञान परंपरा और एनईपी 2020 से तालमेल

यूनिवर्सिटी के अनुसार, यह नया पाठ्यक्रम भारत और विदेशों के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ तुलनात्मक अध्ययन और इंडस्ट्री विशेषज्ञों व शिक्षाविदों के परामर्श के बाद तैयार किया गया है। इंडियन नॉलेज सिस्टम्स को एक अनिवार्य क्रेडिट-बेस्ड कोर्स और विषय-विशिष्ट मॉड्यूल के रूप में शामिल किया गया है, ताकि छात्र भारत की वैज्ञानिक परंपराओं, दार्शनिक विचारों, नैतिकता और सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी प्रथाओं को समझ सकें। यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत में उच्च शिक्षा संस्थान एआई युग की माँगों के अनुरूप खुद को ढालने की होड़ में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर यह सवाल बना रहता है कि क्या फैकल्टी इस बदलाव के लिए पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित है। इंडस्ट्री-केंद्रित इंटर्नशिप ढाँचा सराहनीय है, किंतु अदाणी समूह के अपने कारोबारी नेटवर्क से इसके जुड़ाव को लेकर स्वतंत्र मूल्यांकन की ज़रूरत होगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि छात्रों को विविध उद्योग अनुभव मिले, न कि केवल समूह-केंद्रित एक्सपोज़र।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी यूनिवर्सिटी ने 2026-27 के पाठ्यक्रम में क्या बदलाव किए हैं?
अदाणी यूनिवर्सिटी ने इंजीनियरिंग, विज्ञान और मैनेजमेंट कार्यक्रमों में एआई-केंद्रित शिक्षा, तीन चरणों की इंटर्नशिप और इंडियन नॉलेज सिस्टम्स जैसे नए विषय जोड़े हैं। 'एआई फॉर इंजीनियर्स' कोर्स सभी इंजीनियरिंग और साइंस छात्रों के लिए अनिवार्य किया गया है।
'एआई फॉर इंजीनियर्स' कोर्स में क्या पढ़ाया जाएगा?
यह कोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बुनियादी समझ, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और एथिकल एआई प्रैक्टिस पर केंद्रित होगा। यह सभी इंजीनियरिंग और साइंस छात्रों के लिए अनिवार्य है और एआई-आधारित कार्यस्थल के लिए व्यावहारिक तैयारी देगा।
अदाणी यूनिवर्सिटी की इंटर्नशिप व्यवस्था कैसी होगी?
छात्रों को तीन चरणों में संरचित इंटर्नशिप करनी होगी — पहले वर्ष के बाद कम्युनिटी सर्विस इंटर्नशिप, दूसरे वर्ष के बाद प्रोफेशनल डेवलपमेंट इंटर्नशिप और तीसरे वर्ष के बाद इंडस्ट्री इंटर्नशिप। इसका उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही व्यावहारिक उद्योग अनुभव दिलाना है।
क्या यह पाठ्यक्रम सुधार एनईपी 2020 के अनुरूप है?
हाँ, अदाणी यूनिवर्सिटी के अनुसार ये बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप हैं। इनका लक्ष्य रोजगार क्षमता बढ़ाना, इनोवेशन को प्रोत्साहन देना और छात्रों का व्यापक विकास करना है।
अदाणी यूनिवर्सिटी के नए माइनर स्पेशलाइजेशन कौन-से हैं?
रोबोटिक्स, वीएलएसआई डिजाइन और फाइनेंशियल डेटा एनालिटिक्स को नए माइनर स्पेशलाइजेशन के रूप में शुरू किया गया है। इसके अलावा छात्र एमओओसीएस और बहु-विषयीय इलेक्टिव के जरिए अपनी पढ़ाई को और लचीला बना सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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