16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बांग्लादेशी घुसपैठियों पर अधीर रंजन चौधरी का BJP से सवाल: तीन कार्यकाल में कार्रवाई क्यों नहीं?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बांग्लादेशी घुसपैठियों पर अधीर रंजन चौधरी का BJP से सवाल: तीन कार्यकाल में कार्रवाई क्यों नहीं?

सारांश

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मुर्शिदाबाद में BJP को घेरा — तीन कार्यकाल, NRC जैसे कानून, फिर भी बांग्लादेशी घुसपैठिए क्यों नहीं निकाले? हकीमपुर सीमा पर बढ़ती आमद के बीच उन्होंने श्वेत पत्र और पारदर्शी आँकड़ों की माँग की।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 29 मई 2026 को मुर्शिदाबाद में BJP से पूछा कि तीन कार्यकालों में बांग्लादेशी घुसपैठियों को क्यों नहीं निकाला गया।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने घुसपैठियों के लिए 'होल्डिंग सेंटर' स्थापित किए हैं, जहाँ से उन्हें BSF के माध्यम से वापस भेजा जाएगा।
हकीमपुर सीमा पर मंगलवार रात से घुसपैठियों की भारी आमद दर्ज की गई है।
चौधरी ने माँग की कि सरकार बताए कि कितने घुसपैठिए पकड़े गए, कितने वापस भेजे गए और बांग्लादेश ने कितनों को वापस लेने पर सहमति दी।
उन्होंने केंद्र सरकार से घुसपैठ के आँकड़ों पर श्वेत पत्र जारी करने का आग्रह किया।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 29 मई 2026 को मुर्शिदाबाद में मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व वाली सरकार से तीखा सवाल पूछा — कि तीन पूर्ण कार्यकालों के बावजूद पश्चिम बंगाल से बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकालने में क्या बाधा रही? यह बयान ऐसे समय आया है जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने अवैध घुसपैठियों के लिए 'होल्डिंग सेंटर' स्थापित किए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

राज्य सरकार ने अवैध घुसपैठियों को सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपे जाने से पहले अस्थायी रूप से रखने के लिए 'होल्डिंग सेंटर' बनाए हैं, जहाँ से उन्हें उनके मूल देश वापस भेजा जाएगा। मंगलवार रात से हकीमपुर सीमा पर घुसपैठियों की भारी आमद दर्ज की गई है।

चौधरी की आपत्तियाँ और माँगें

चौधरी ने स्वीकार किया कि देश में दशकों से अवैध घुसपैठ जारी है। उन्होंने कहा, 'असम में भी हमें नजरबंदी केंद्र देखने को मिल रहे हैं। हमारे पास इस बात का कोई आँकड़ा नहीं है कि कितने घुसपैठिए पकड़े गए या कितनों को बांग्लादेश वापस भेजा गया।'

उन्होंने सरकार से माँग की कि इस पूरे मामले में जो शोर-शराबा हो रहा है, उसे देखते हुए सरकार को यह आँकड़ा सार्वजनिक करना चाहिए कि कितने घुसपैठिए पकड़े गए और कितनों को वापस भेजा गया।

BJP पर सीधा निशाना

चौधरी ने केंद्र सरकार को सीधे घेरते हुए कहा, 'इसके लिए कानून बनाए गए हैं, जैसे कि NRC और कई अन्य। आप लोग तीसरी बार देश चला रहे हैं, और देश के प्रधानमंत्री भी आपकी पार्टी से हैं। तो इतने दिनों तक बांग्लादेशियों को हटाने से आपको किसने रोका?' गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने घुसपैठ के मुद्दे पर केंद्र से जवाबदेही माँगी हो।

श्वेत पत्र की माँग

चौधरी ने इस बात पर बल दिया कि भारत में एक भी घुसपैठिया नहीं रहना चाहिए। उन्होंने BJP नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से एक श्वेत पत्र जारी करने का आग्रह किया, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि कुल कितने घुसपैठिए देश में हैं, उनमें से कितने हिंदू और कितने मुसलमान हैं, कितनों को कानूनी रूप से निर्वासित किया गया है, और बांग्लादेश सरकार ने कितनों को वापस लेने पर सहमति जताई है।

आगे क्या

हकीमपुर सीमा पर घुसपैठियों की बढ़ती आमद के बीच BSF और राज्य प्रशासन की कार्रवाई पर नज़र बनी हुई है। विपक्ष की माँग है कि सरकार पारदर्शी आँकड़े सार्वजनिक करे, अन्यथा यह अभियान महज राजनीतिक प्रदर्शन बनकर रह जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक अंतर्विरोध भी है — कांग्रेस खुद दशकों तक केंद्र में रही और घुसपैठ की समस्या उसी दौर में गहरी हुई। असली मुद्दा यह है कि NRC, BSF सुदृढ़ीकरण और होल्डिंग सेंटर जैसे कदमों के बावजूद सरकार के पास कोई सत्यापन-योग्य निर्वासन डेटा सार्वजनिक नहीं है। जब तक पकड़े गए, निर्वासित और बांग्लादेश द्वारा स्वीकृत घुसपैठियों के आँकड़े पारदर्शी नहीं होते, यह पूरा अभियान राजनीतिक प्रदर्शन से अधिक नहीं दिखता। श्वेत पत्र की माँग जायज़ है — सवाल यह है कि क्या कोई भी पक्ष इसे वास्तव में चाहता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अधीर रंजन चौधरी ने BJP से क्या सवाल पूछा?
चौधरी ने पूछा कि केंद्र में BJP नेतृत्व वाली सरकार ने अपने तीन कार्यकालों के दौरान बांग्लादेशी घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल से बाहर क्यों नहीं निकाला। उन्होंने NRC जैसे कानूनों का हवाला देते हुए सरकार से जवाबदेही माँगी।
पश्चिम बंगाल में 'होल्डिंग सेंटर' क्या है?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने अवैध घुसपैठियों को BSF को सौंपे जाने से पहले अस्थायी रूप से रखने के लिए 'होल्डिंग सेंटर' स्थापित किए हैं। इन केंद्रों से घुसपैठियों को उनके मूल देश वापस भेजा जाएगा।
हकीमपुर सीमा पर क्या हो रहा है?
मंगलवार रात से हकीमपुर सीमा पर बांग्लादेशी घुसपैठियों की भारी आमद दर्ज की गई है। BSF और राज्य प्रशासन इस स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।
चौधरी ने श्वेत पत्र की माँग क्यों की?
चौधरी ने कहा कि सरकार के पास कोई सार्वजनिक आँकड़ा नहीं है कि कितने घुसपैठिए पकड़े गए, कितने वापस भेजे गए और बांग्लादेश ने कितनों को स्वीकार किया। उन्होंने माँग की कि यह जानकारी श्वेत पत्र के रूप में सार्वजनिक की जाए।
क्या घुसपैठियों के धर्म के आधार पर कोई अंतर किया जा रहा है?
चौधरी ने सरकार से यह भी जाँचने को कहा कि अवैध घुसपैठियों में कितने हिंदू और कितने मुसलमान हैं, और क्या वापसी की प्रक्रिया में कोई भेदभाव हो रहा है। उन्होंने इस पर पारदर्शिता की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले