हकीमपुर बॉर्डर पर 100 से अधिक अवैध बांग्लादेशी प्रवासी जमा, BJP सांसद खागेन मुर्मू बोले — होल्डिंग सेंटर भेजे जाएंगे सभी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित हकीमपुर चेक पोस्ट पर 100 से अधिक अवैध बांग्लादेशी प्रवासी 26 मई 2026 को बांग्लादेश वापस लौटने के लिए जमा हुए। यह जमावड़ा कथित तौर पर पहचाने गए अवैध प्रवासियों से संबंधित एक निर्देश के बाद हुआ, जिसमें उन्हें पुलिस के हवाले कर सीमा सुरक्षा बल (BSF) की मदद से वापस भेजने की बात कही गई थी।
भाजपा सांसद की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद खागेन मुर्मू ने इस घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि हर जगह होल्डिंग सेंटर बनाया गया है और अवैध रूप से रहने वाले सभी लोगों को होल्डिंग सेंटर में भेजा जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के इस निर्णय की सराहना की।
मुर्मू ने यह भी कहा कि इलाके में जितने भी घुसपैठिए छिपे हैं, सबको ढूंढकर होल्डिंग सेंटर में रखा जाएगा और उसके बाद सरकार तय करेगी कि उन्हें कहाँ भेजा जाना है। अभी तक 9 लोगों को होल्डिंग सेंटर में रखे जाने की पुष्टि है, लेकिन मुर्मू के अनुसार यह संख्या और बढ़ सकती है।
सीमा पर बाड़बंदी का मुद्दा
सांसद मुर्मू ने बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग न होने के लिए पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि TMC की सरकार जमीन नहीं दे रही थी, लेकिन अब बंगाल सरकार ने केंद्र सरकार को जमीन दे दी है और बांग्लादेश सीमा पर जल्द से जल्द फेंसिंग का काम शुरू होगा। उनके अनुसार, फेंसिंग पूरी होने के बाद घुसपैठियों पर प्रभावी लगाम लगेगी।
घुसपैठियों की आपबीती
हकीमपुर सीमा पर वापस जाने के लिए पहुँचे कुछ प्रवासियों ने अपना पक्ष रखा। एक व्यक्ति ने बताया कि वह पिछले चार साल से इस इलाके में राजमिस्त्री का काम कर रहा था। उसने कहा, 'एनआरसी शुरू हो गया है और हमारे पास कोई सबूत नहीं है। यह हमारे यहाँ आने के बाद ही शुरू हुआ। अगर हम यहाँ नहीं रह सकते तो फिर हम और क्या कर सकते हैं?'
एक अन्य प्रवासी ने बताया कि वह पाँच साल पहले आया था और दमदम में राजमिस्त्री का काम करता था। उसने कहा, 'अगर यहाँ की सरकार हमें रहने की अनुमति नहीं देती है, तो हम वापस लौट जाएंगे।'
मुख्यमंत्री का निर्देश और BSF की भूमिका
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हाल ही में निर्देश दिया था कि अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें पुलिस के हवाले किया जाए, जिसके बाद BSF उनकी वापसी में सहयोग करेगी। यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में अवैध प्रवासन का मुद्दा राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है।
गौरतलब है कि TMC और BJP के बीच इस मुद्दे पर लंबे समय से तनातनी चली आ रही है — TMC पर आरोप लगाया जाता रहा है कि उसने वोट बैंक की राजनीति के चलते अवैध प्रवासियों को संरक्षण दिया। आगे की कार्रवाई और होल्डिंग सेंटरों की स्थिति पर सरकार का अगला कदम निर्णायक होगा।