24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बीजीबी ने रोका, 10 बांग्लादेशी नागरिक जलपाईगुड़ी होल्डिंग सेंटर में, 2 दिन जीरो लाइन पर फंसे रहे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बीजीबी ने रोका, 10 बांग्लादेशी नागरिक जलपाईगुड़ी होल्डिंग सेंटर में, 2 दिन जीरो लाइन पर फंसे रहे

सारांश

भारत-बांग्लादेश सीमा पर जयपुर जीरो प्वाइंट के पास 2 दिन भीषण मौसम में फंसे 10 बांग्लादेशी नागरिकों को जलपाईगुड़ी होल्डिंग सेंटर में रखा गया। बीजीबी पर अपने ही नागरिकों को वापस लेने से इनकार का आरोप है, जो भारत-बांग्लादेश सीमा प्रबंधन में गहराते तनाव का संकेत है।

मुख्य बातें

10 बांग्लादेशी नागरिकों को 8 जून को जलपाईगुड़ी होल्डिंग सेंटर में रखा गया।
बीजीबी की 56वीं बटालियन पर बेरुबाड़ी सीमा पर नागरिकों को प्रवेश न देने का आरोप।
नागरिक जेसोर, कुश्तिया, चिटगांव, सतखीरा और खुलना जिलों के निवासी हैं।
बीएसएफ की 39वीं बटालियन ने राधाबाड़ी-सिलीगुड़ी सेक्टर से इन्हें होल्डिंग सेंटर पहुँचाया।
कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी को बांग्लादेश वापस भेजे जाने की योजना है।

भारत-बांग्लादेश सीमा पर जयपुर जीरो प्वाइंट क्षेत्र में लगभग दो दिनों तक भीषण गर्मी और बारिश में फंसे रहने के बाद 10 बांग्लादेशी नागरिकों को सोमवार, 8 जून को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले स्थित एक होल्डिंग सेंटर में रखा गया। आरोप है कि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने उन्हें अपने देश में प्रवेश करने से रोक दिया, जिसके बाद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) उन्हें वापस ले आई।

मुख्य घटनाक्रम

सूत्रों के अनुसार, ये नागरिक कथित तौर पर अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे थे और अब स्वदेश लौटने का प्रयास कर रहे थे। बीएसएफ पहले इन्हें बेरुबाड़ी सीमा तक ले गई थी, परंतु बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले में तैनात बीजीबी की 56वीं बटालियन ने कथित तौर पर उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी। इसके बाद बीएसएफ की 39वीं बटालियन ने राधाबाड़ी-सिलीगुड़ी सेक्टर से इन्हें कोतवाली थाने के हवाले किया, जहाँ से पुलिस ने सभी को जलपाईगुड़ी क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र स्थित होल्डिंग सेंटर भेज दिया।

होल्डिंग सेंटर में कौन हैं ये नागरिक

होल्डिंग सेंटर में रखे गए लोगों में जेसोर जिले के बेनापोल निवासी मोहम्मद अब्दुल सलाम (38), उनकी पत्नी यासमीन (30) और 6 वर्षीय पुत्र मोहम्मद इरफान इस्लाम शामिल हैं। इसके अलावा कुश्तिया जिले के मेहंदी हसन (31), चिटगांव के कानोपल्ली क्षेत्र के शमसुल आलम (46), उनकी पत्नी तसलीमा अख्तर (30), पुत्र मोहम्मद शाहीन (10) और पुत्री साहिमा अख्तर (10) भी इनमें शामिल हैं।

सतखीरा जिले के उस्मान और खुलना जिले के मोहम्मद मुन्ना को भी बीएसएफ द्वारा लाकर होल्डिंग सेंटर में रखा गया है। कोतवाली थाना अधिकारियों के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी को बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा।

सरकार और स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

बेरुबाड़ी ग्राम पंचायत के उपप्रधान दिलीप कुमार दास ने कहा, 'हम चाहते हैं कि केंद्र और राज्य सरकारें अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने की पहल करें। लेकिन बांग्लादेश सरकार अपने नागरिकों को वापस लेने के लिए तैयार नहीं दिख रही है। दो दिन तक जीरो प्वाइंट पर फंसे रहने के बाद बीएसएफ उन्हें होल्डिंग सेंटर ले आई है। हम चाहते हैं कि उन्हें जल्द उनके देश भेजा जाए।'

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य सरकार ने कथित अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है, जिसके चलते बांग्लादेश लौटने की कोशिश करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।

आम जनता और सीमावर्ती क्षेत्र पर असर

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सीमा पर ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई हो। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से त्वरित राजनयिक कार्रवाई की माँग की है। दो दिन तक खुले में रहने के कारण इन नागरिकों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

क्या होगा आगे

कोतवाली थाना अधिकारियों के अनुसार, सभी 10 बांग्लादेशी नागरिक फिलहाल जलपाईगुड़ी होल्डिंग सेंटर में रहेंगे और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा। बीजीबी के कथित रवैये को लेकर भारत-बांग्लादेश के बीच राजनयिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ती जटिलता का प्रतीक है। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद घुसपैठ पर सख्ती बढ़ी है, लेकिन बांग्लादेश की ओर से सहयोग न मिलने पर निर्वासन प्रक्रिया अधर में लटक जाती है। यह सवाल उठता है कि क्या दोनों देशों के बीच कोई सक्रिय राजनयिक तंत्र है जो ऐसे मामलों को जल्द सुलझा सके — होल्डिंग सेंटर दीर्घकालिक समाधान नहीं हैं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जलपाईगुड़ी होल्डिंग सेंटर में किन बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है?
जेसोर, कुश्तिया, चिटगांव, सतखीरा और खुलना जिलों के 10 बांग्लादेशी नागरिकों को 8 जून को जलपाईगुड़ी होल्डिंग सेंटर में रखा गया है। इनमें परिवार सहित बच्चे भी शामिल हैं।
बीजीबी ने बांग्लादेशी नागरिकों को वापस क्यों नहीं लिया?
आरोप है कि बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले में तैनात बीजीबी की 56वीं बटालियन ने बेरुबाड़ी सीमा पर इन नागरिकों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी। बीजीबी की ओर से इस संदर्भ में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण अभी तक सामने नहीं आया है।
इन नागरिकों को आगे क्या होगा?
कोतवाली थाना अधिकारियों के अनुसार, सभी 10 नागरिक फिलहाल जलपाईगुड़ी होल्डिंग सेंटर में रहेंगे। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा।
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का इस घटना से क्या संबंध है?
पश्चिम बंगाल में हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य सरकार ने कथित अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है, जिससे बांग्लादेश लौटने की कोशिश करने वालों की संख्या बढ़ी है। इसी संदर्भ में यह घटना सामने आई है।
बीएसएफ ने इस मामले में क्या भूमिका निभाई?
बीएसएफ की 39वीं बटालियन ने राधाबाड़ी-सिलीगुड़ी सेक्टर से इन नागरिकों को कोतवाली थाने के हवाले किया। इससे पहले बीएसएफ इन्हें बेरुबाड़ी सीमा तक ले गई थी, जहाँ बीजीबी ने कथित तौर पर प्रवेश से इनकार कर दिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले