बीजीबी ने रोका, 10 बांग्लादेशी नागरिक जलपाईगुड़ी होल्डिंग सेंटर में, 2 दिन जीरो लाइन पर फंसे रहे
सारांश
मुख्य बातें
भारत-बांग्लादेश सीमा पर जयपुर जीरो प्वाइंट क्षेत्र में लगभग दो दिनों तक भीषण गर्मी और बारिश में फंसे रहने के बाद 10 बांग्लादेशी नागरिकों को सोमवार, 8 जून को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले स्थित एक होल्डिंग सेंटर में रखा गया। आरोप है कि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ने उन्हें अपने देश में प्रवेश करने से रोक दिया, जिसके बाद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) उन्हें वापस ले आई।
मुख्य घटनाक्रम
सूत्रों के अनुसार, ये नागरिक कथित तौर पर अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे थे और अब स्वदेश लौटने का प्रयास कर रहे थे। बीएसएफ पहले इन्हें बेरुबाड़ी सीमा तक ले गई थी, परंतु बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले में तैनात बीजीबी की 56वीं बटालियन ने कथित तौर पर उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी। इसके बाद बीएसएफ की 39वीं बटालियन ने राधाबाड़ी-सिलीगुड़ी सेक्टर से इन्हें कोतवाली थाने के हवाले किया, जहाँ से पुलिस ने सभी को जलपाईगुड़ी क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र स्थित होल्डिंग सेंटर भेज दिया।
होल्डिंग सेंटर में कौन हैं ये नागरिक
होल्डिंग सेंटर में रखे गए लोगों में जेसोर जिले के बेनापोल निवासी मोहम्मद अब्दुल सलाम (38), उनकी पत्नी यासमीन (30) और 6 वर्षीय पुत्र मोहम्मद इरफान इस्लाम शामिल हैं। इसके अलावा कुश्तिया जिले के मेहंदी हसन (31), चिटगांव के कानोपल्ली क्षेत्र के शमसुल आलम (46), उनकी पत्नी तसलीमा अख्तर (30), पुत्र मोहम्मद शाहीन (10) और पुत्री साहिमा अख्तर (10) भी इनमें शामिल हैं।
सतखीरा जिले के उस्मान और खुलना जिले के मोहम्मद मुन्ना को भी बीएसएफ द्वारा लाकर होल्डिंग सेंटर में रखा गया है। कोतवाली थाना अधिकारियों के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी को बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा।
सरकार और स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
बेरुबाड़ी ग्राम पंचायत के उपप्रधान दिलीप कुमार दास ने कहा, 'हम चाहते हैं कि केंद्र और राज्य सरकारें अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने की पहल करें। लेकिन बांग्लादेश सरकार अपने नागरिकों को वापस लेने के लिए तैयार नहीं दिख रही है। दो दिन तक जीरो प्वाइंट पर फंसे रहने के बाद बीएसएफ उन्हें होल्डिंग सेंटर ले आई है। हम चाहते हैं कि उन्हें जल्द उनके देश भेजा जाए।'
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य सरकार ने कथित अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है, जिसके चलते बांग्लादेश लौटने की कोशिश करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।
आम जनता और सीमावर्ती क्षेत्र पर असर
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सीमा पर ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई हो। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से त्वरित राजनयिक कार्रवाई की माँग की है। दो दिन तक खुले में रहने के कारण इन नागरिकों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
क्या होगा आगे
कोतवाली थाना अधिकारियों के अनुसार, सभी 10 बांग्लादेशी नागरिक फिलहाल जलपाईगुड़ी होल्डिंग सेंटर में रहेंगे और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा। बीजीबी के कथित रवैये को लेकर भारत-बांग्लादेश के बीच राजनयिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।